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स्वच्छ भारत मिशन: बिना कोई कार्य करवाए ही हड़प ली 40 लाख रुपये की रकम, ईओ सस्पेंड, ऑपरेटर पर केस दर्ज
Sat, 24 Sep 2022 03:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 03:55 PM IST
सार
सीतापुर के जिलाधिकारी ने कोई कार्य करवाए बिना ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत 40 लाख रुपये की राशि हड़पने के मामले में ईओ को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मिश्रिख नगर पालिका में स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर बिना कोई कार्य कराए ही 40 लाख की रकम हड़पने के मामले में डीएम ने कड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत ही मिश्रिख के तत्कालीन ईओ को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करने के साथ ही कंप्यूटर आपरेटर के खिलाफ केस दर्ज कराने व लेखा लिपिक पर विभागीय कार्रवाई को निर्देशित किया गया है।
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इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत हड़पी गयी धनराशि की रिकवरी भी संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों से होगी। डीएम ने यह कार्रवाई तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर की है।
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नगर पालिका मिश्रिख से जुड़े इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इस मामले का खुलासा ऑडिट में 40 लाख का हिसाब किताब न मिल पाने के बाद हुआ था। आरोपियों ने जिले के नैमिषारण्य धाम को मिलाकर बनाई गई मिश्रिख नगर पालिका परिषद में कागजों पर कराए गए कार्य के एवज में ही 39.58 लाख की सरकारी धनराशि भुगतान दिखा कर हड़प ली गयी थी।
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इस क्षेत्र के 25 वार्डों में करीब 45 हजार की आबादी रहती है। ऑडिट में गड़बड़ी उजागर होने के बाद अमर उजाला ने बीती पांच अगस्त के अंक में स्वच्छ भारत मिशन के 40 लाख साफ कर गए घोटालेबाज शीर्षक से इसे प्रमुखता के साथ उठाया था।
डीएम अनुज सिंह ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का जिम्मा एसडीएम मिश्रिख गौरव रंजन श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम को सौंपा था। जांच में तत्कालीन ईओ रुद्र प्रताप सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर रहे आउट सोर्सिंग कर्मचारी सचिन कुमार वर्मा तथा निकाय के लेखा लिपिक वेद प्रकाश त्रिवेदी को दोषी पाया गया।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने तत्कालीन ईओ को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर नगर विभाग अनुभाग-6 के प्रमुख सचिव को एक पत्र भेजा है। जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने तथा एकांउटेंट को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश अधिशासी अधिकारी मिश्रिख को दिया है। साथ ही हड़पी गई सरकारी राशि की रिकवरी भी तीनों आरोपियों से वसूल कर इसे राजकोष में जमा करने के निर्देश भी एसडीएम मिश्रिख को दिया हैं।
प्रचार-प्रसार पर खर्च दिखा दी पूरी धनराशि
स्वच्छ भारत मिशन के तहत निकाली गई 39 लाख 58 हजार 542 रुपये की धनराशि से व्यक्तिगत, सामुदायिक शौचालय के प्रचार प्रसार को लेकर तथा होर्डिंग, बैनर आदि कार्यो पर व्यय किया जाना दर्शाया गया है। जांच टीम ने पड़ताल के दौरान सरकारी धन के गबन की पुष्टि की है। नगर पालिका मिश्रिख में स्वच्छ भारत मिशन के तहत पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) फंड से 11 बार में 39,58,542 रुपये की राशि निकाली गयी थी। यह धनराशि 17 जनवरी 2020 से लेकर छह अप्रैल 2021 के बीच 11 चेकों के माध्यम से निकाली गई। आडिट में खर्च राशि का मिलान न होने पर जब संबंधित फाइल तलब की गई तो भी गायब मिली।
कंप्यूटर ऑपरेटर के खाते में भेजी गई रकम
नगर पालिका मिश्रिख में ही तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के खाते में पूरी रकम भेजने के बाद इसकी बंदरबांट तीनों आरोपियों के बीच हुई थी। इसमें खास बात यह रही कि पूरा भुगतान चेक व ऑनलाइन तरीके से दर्शाया गया। इस भुगतान में तत्कालीन ईओ व नगर पालिका अध्यक्ष के हस्ताक्षर भी मिले।