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Sitapur News: अशरफ मंजिल के 120 साल पुराने नजूल पट्टे पर कार्रवाई शुरू, नोटिस चस्पा

Mon, 29 Jun 2026 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Mon, 29 Jun 2026 11:45 PM IST
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Action initiated on 120-year-old Nazul lease of Ashraf Manzil, notice pasted
सीतापुर। सिविल लाइंस स्थित अशरफ मंजिल पर सोमवार को जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर राजस्वकर्मियों ने नोटिस चस्पा किया है। परिसर के कब्जेदारों को 10 जुलाई तक कोर्ट में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की कोर्ट के आदेश के बाद 50 करोड़ रुपये से अधिक की बेशकीमती जमीन राज्य सरकार के खाते में आ सकती है।
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सदर एसडीएम डॉ. जनार्दन ने बताया कि खैराबाद के छावनी कदीम स्थित नजूल भूखंड संख्या 1477 का वर्ष 1906 में बंगला मुंशी के लिए आवंटन किया गया था। परिसर में भवन के अतिरिक्त फुलवारी और मस्जिद भी है। करीब 120 वर्ष पुराने नजूल भूमि के इस पट्टे का किसी पक्षकार ने लंबे समय से नवीनीकरण भी नहीं कराया है। शहर के इस बहुमूल्य नजूल भूखंड संख्या-1477 की जमीन का बाजार मूल्य करीब 50 करोड़ रुपये है। जिलाधिकारी न्यायालय ने सार्वजनिक सूचना और कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने संबंधित पट्टाधारकों, उनके विधिक उत्तराधिकारियों और अन्य संभावित दावेदारों को 10 जुलाई तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। बताया कि अभिलेखों में यह भूमि वर्ष 1906 में निष्पादित एक नजूल पट्टे के अंतर्गत दर्ज है। हालांकि रिकॉर्ड की जांच में पट्टे के नवीनीकरण या उसकी वैध अवधि बढ़ाए जाने का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। नजूल नियमों के अनुसार भवन निर्माण या भवन प्रयोजन के लिए दिए गए पट्टे की अधिकतम वैध अवधि 90 वर्ष होती है। ऐसे में वर्ष 1906 में दिए गए इस पट्टे की अवधि काफी पहले समाप्त हो चुकी है। इसी आधार पर प्रशासन ने संबंधित पक्षों से अपने दावे, दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है। अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
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जिला अस्पताल विस्तार के लिए भूमि पुनर्ग्रहण की तैयारी
जिला प्रशासन ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित भूमि जिला चिकित्सालय के विस्तार और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए उपयोग की जा सकती है। यदि निर्धारित समय सीमा यानी 10 जुलाई तक संबंधित पक्षों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पट्टा निरस्त हो सकता है। इसके बाद भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में पुनर्गृहीत करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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नजूल भूमि के दुरुपयोग पर लगेगा अंकुश
अशरफ मंजिल पर नोटिस चस्पा किया गया है। इस जमीन के पट्टे का नवीनीकरण नहीं किया गया। ऐसे में संबंधित पक्षकारों से जवाब मांगा गया है। जवाब न आने पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जमीन को दोबारा सरकारी कब्जे में लिया जाएगा। नजूल भूमि का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
- डॉ राजा गणपति आर, जिलाधिकारी
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