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Sitapur News: मेला में दिखी प्राकृतिक खेती व पोषण की झलक
Tue, 11 Nov 2025 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:21 AM IST
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सीतापुर। तीन दिवसीय किसान मजदूर मेले का आयोजन शहर के एक गेस्ट हाउस में किया गया। इसमें गांजरी ब्लॉक रेउसा के प्रगतिशील किसान ने प्राकृतिक खेती और देसी बीजोें की उपयोगिता बताई। उन्होंने खेती, खाना, पोषण पर आयोजित चर्चा में किसानों को कई उपयोगी जानकारी दी। पूरे मेले मेंं ग्रामीण जीवन का चित्रण करने के लिए संबंधित स्टॉल भी लगाए गए थे। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
खेती, खाना और पोषण पर आयोजित चर्चा में आर्गेनिक विलेज सिकौहा के प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी ने बताया कि किस तरह से किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग कम करके जैविक खाद और वर्मी कंपोस्ट अपने घर या सामूहिक रूप से तैयार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के शुद्ध देसी बीजों को तैयार करना संभव है, जिससे खेती न केवल उपयोगी बल्कि टिकाऊ बन सकती है।
मेले में आने वाले लोगों ने देसी अनाज सावां की खीर और देसी अनाज के लड्डू का स्वाद लेकर पारंपरिक भोजन की महक को भी महसूस किया। जिला अस्पताल की टीम ने तकरीबन 150 लोगों के स्वास्थ्य व बीपी की जांच भी की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान आल्हा गायक रघुनाथ टेलर और उनकी टीम ने शानदार प्रस्तुति से सभी को तालियां बजाने पर विवश कर दिया। इस दौरान स्टालों पर देसी उत्पादों की सर्वाधिक बिक्री हुई। (संवाद)
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खेती, खाना और पोषण पर आयोजित चर्चा में आर्गेनिक विलेज सिकौहा के प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी ने बताया कि किस तरह से किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग कम करके जैविक खाद और वर्मी कंपोस्ट अपने घर या सामूहिक रूप से तैयार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के शुद्ध देसी बीजों को तैयार करना संभव है, जिससे खेती न केवल उपयोगी बल्कि टिकाऊ बन सकती है।
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मेले में आने वाले लोगों ने देसी अनाज सावां की खीर और देसी अनाज के लड्डू का स्वाद लेकर पारंपरिक भोजन की महक को भी महसूस किया। जिला अस्पताल की टीम ने तकरीबन 150 लोगों के स्वास्थ्य व बीपी की जांच भी की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान आल्हा गायक रघुनाथ टेलर और उनकी टीम ने शानदार प्रस्तुति से सभी को तालियां बजाने पर विवश कर दिया। इस दौरान स्टालों पर देसी उत्पादों की सर्वाधिक बिक्री हुई। (संवाद)
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