फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   रसूख के बूते चमक रहा ठेकेदारी का धंधा

रसूख के बूते चमक रहा ठेकेदारी का धंधा

Sat, 31 Jan 2015 05:30 AM IST
Sitapur
Sitapur Updated Sat, 31 Jan 2015 05:30 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर। जिले के ‘माननीय’ सरकारी महकमों की ठेकेदारी में खासा दखल रखते हैं। विधायक, सांसद अथवा एमएलसी बनने से मानों इन्हें ठेकेदारी में दखलंदाजी करने का लाइसेंस मिल जाता है। फिर अपने ‘रसूख’ के बूते ‘माननीय’ ठेकों को एसी में बैठकर ‘मैनेज’ कराते हैं। कई ‘माननीयों’ के परिवारीजन तो कई के करीबियों ने ठेकेदारी में अपना ‘वर्चस्व’ कायम कर रखा है। आरईएस, लोक निर्माण, सिंचाई, जिला पंचायत, स्थानीय निकाय इत्यादि विभागों के टेंडर किसे मिलना है, यह ‘माननीय’ ही तय करते हैं। सबसे पहले माननीय अपने परिवारीजनों को उपकृत करते हैं। फि र उनके रिश्तेदारों का नंबर आता है। उसके बाद करीबियों में होड़ मचती है। इसके लिए बकायादा ‘कमीशन’ तय है। बात महज कमीशन से ही नहीं बनती, बल्कि ‘माननीय’ को खुश भी रखना पड़ता है। इसके लिए ठेकेदारों में होड़ लगी रहती है। टेंडर पाने के लिए ठेकेदार अपने को माननीय का खास बनाने की जुगत में उनकी जी हुजूरी में लगे रहते हैं। ‘माननीय’ किन चीजों का ‘शौक’ रखते हैं, इसकी मालुमात हासिल कर ठेकेदार उन्हें खुश करने के हर जतन करते हैं। जिससे सही मौका आने पर टेंडर उठाने को ‘माननीय’ की कृपा उन पर ही बरसे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed