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बारिश के बाद चली हवा ने बढ़ाई गलन
Sitapur
Updated Sat, 18 Jan 2014 05:47 AM IST
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सीतापुर। मौसम के अचानक बदले तेवर से हर कोई परेशान है। शुक्रवार को सुबह खिली धूप के बाद दोपहर में एकाएक काले बादल छा गए। कुछ देर बाद देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बारिश के बाद चली तेज हवा से ठिठुरन बढ़ गई। वहीं बारिश से फसलों को भी नुकसान होने की संभावना है।
शुक्रवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो मौसम साफ था। दिन चढ़ने के साथ ही धूप निकलने लगी। पिछले कई दिनों की ठंड से परेशान लोग धूप खिली देख छत पर चढ़ गए। वहीं दोपहर करीब तीन बजे एक बार फिर मौसम ने करवट ली। आसमान पर काले बादल छा गए। शाम करीब चार बजे एकाएक बूंदाबांदी शुरू हो गई। कई क्षेत्रों में करीब दो घंटे तक तेज बारिश भी हुई, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद चली हवा से ठंड भी बढ़ गई। ठिठुरन बढ़ने से लोग घरों में ही दुबके रहे। बारिश व हवा के कारण पारे में भी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री व अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, लेकिन बारिश के बाद अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान गिरकर नौ डिग्री रहा। दिनभर 11 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवा से सिहरन बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवाओं का रुख बदलने से यह बारिश हुई है। दिन में नमी 88 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग का मानना है कि शनिवार को भी ठंड से निजात मिलने के कोई आसार नहीं हैं। शनिवार को तेज बारिश होने के साथ बदली छाई रह सकती है।
बारिश से प्रभावित हुईं फसलें
बारिश के कारण अरहर, सरसों, मसूर और आलू की फसल को नुकसान हुआ है। बारिश से फसलों में मुख्य रूप से शुंडी, झुलसा, उकठा, इल्ली व पत्तियाें में कीट लगने की संभावना प्रबल रहती है। इन रोगों के उपचार के लिए समय पर कीटनाशक का छिड़काव करना आवश्यक होता है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह का कहना है कि यदि इसी प्रकार ठंड रही है। पाला व बारिश होती रही तो मसूर, सरसों तथा अरहर का उत्पादन बुरा तरह प्रभावित हो सकता है।
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शुक्रवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो मौसम साफ था। दिन चढ़ने के साथ ही धूप निकलने लगी। पिछले कई दिनों की ठंड से परेशान लोग धूप खिली देख छत पर चढ़ गए। वहीं दोपहर करीब तीन बजे एक बार फिर मौसम ने करवट ली। आसमान पर काले बादल छा गए। शाम करीब चार बजे एकाएक बूंदाबांदी शुरू हो गई। कई क्षेत्रों में करीब दो घंटे तक तेज बारिश भी हुई, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद चली हवा से ठंड भी बढ़ गई। ठिठुरन बढ़ने से लोग घरों में ही दुबके रहे। बारिश व हवा के कारण पारे में भी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री व अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, लेकिन बारिश के बाद अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान गिरकर नौ डिग्री रहा। दिनभर 11 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवा से सिहरन बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवाओं का रुख बदलने से यह बारिश हुई है। दिन में नमी 88 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग का मानना है कि शनिवार को भी ठंड से निजात मिलने के कोई आसार नहीं हैं। शनिवार को तेज बारिश होने के साथ बदली छाई रह सकती है।
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बारिश से प्रभावित हुईं फसलें
बारिश के कारण अरहर, सरसों, मसूर और आलू की फसल को नुकसान हुआ है। बारिश से फसलों में मुख्य रूप से शुंडी, झुलसा, उकठा, इल्ली व पत्तियाें में कीट लगने की संभावना प्रबल रहती है। इन रोगों के उपचार के लिए समय पर कीटनाशक का छिड़काव करना आवश्यक होता है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आनंद सिंह का कहना है कि यदि इसी प्रकार ठंड रही है। पाला व बारिश होती रही तो मसूर, सरसों तथा अरहर का उत्पादन बुरा तरह प्रभावित हो सकता है।
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