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प्रसव के दौरान जच्चा की मौत पर हंगामा
Sitapur
Updated Fri, 10 Jan 2014 05:45 AM IST
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सीतापुर। जिला अस्पताल में बुधवार सुबह प्रसव के लिए आई एक महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान हालत बिगड़ने पर डिलीवरी के आधे घंटे बाद ही महिला ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर लगते ही परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। नाराज लोग दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में अस्पताल प्रशासन के समझाने पर ये लोग शांत हो गए। अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि महिला में हीमोग्लोबिन काफी कम था। परिवारीजनों को खून का इंतजाम करने को कहा था। खून का इंतजाम होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
पिसावां थाना इलाके में वजीर नगर के रहने वाले मोहम्मद रफी की पत्नी सूबी गर्भवती थी। प्रसव का समय नजदीक आने पर परिवारीजन एक दिन पहले ही उसे शहर के कोट मोहल्ला स्थित मायके ले आए थे। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर बुधवार सुबह आठ बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टर ने चेकअप किया तो जांच में हीमोग्लोबिन कम मिला। कुछ देर बाद चिकित्सक उसे प्रसव के लिए डिलीवरी कक्ष में ले गए। यहां उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया था। हीमोग्लोबिन काफी कम होने से जच्चा की हालत काफी नाजुक थी। इस पर डॉक्टरों ने परिवारीजनों को खून का इंतजाम करने को कहा, लेकिन इसी बीच आधे घंटे बाद ही सूबी ने भी दम तोड़ दिया।
मौत की खबर पाकर परिवारीजन भी बिफर गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। हंगामे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने परिवारीजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ये लोग दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। खबर पाकर सूबी के पिता गफ्फार अली भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने परिवारीजनों को किसी तरह शांत कराया। वहीं सूबी का इलाज कर रही डॉक्टर प्रीति ने परिवारीजनों के आरोपों से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि सुबह परिवारीजन उसे डिलीवरी के लिए अस्पताल लाए थे। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन काफी कम था। घरवालों को खून का इंतजाम करने को कहा था।
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पिसावां थाना इलाके में वजीर नगर के रहने वाले मोहम्मद रफी की पत्नी सूबी गर्भवती थी। प्रसव का समय नजदीक आने पर परिवारीजन एक दिन पहले ही उसे शहर के कोट मोहल्ला स्थित मायके ले आए थे। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर बुधवार सुबह आठ बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टर ने चेकअप किया तो जांच में हीमोग्लोबिन कम मिला। कुछ देर बाद चिकित्सक उसे प्रसव के लिए डिलीवरी कक्ष में ले गए। यहां उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया था। हीमोग्लोबिन काफी कम होने से जच्चा की हालत काफी नाजुक थी। इस पर डॉक्टरों ने परिवारीजनों को खून का इंतजाम करने को कहा, लेकिन इसी बीच आधे घंटे बाद ही सूबी ने भी दम तोड़ दिया।
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मौत की खबर पाकर परिवारीजन भी बिफर गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। हंगामे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने परिवारीजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ये लोग दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। खबर पाकर सूबी के पिता गफ्फार अली भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने परिवारीजनों को किसी तरह शांत कराया। वहीं सूबी का इलाज कर रही डॉक्टर प्रीति ने परिवारीजनों के आरोपों से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि सुबह परिवारीजन उसे डिलीवरी के लिए अस्पताल लाए थे। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन काफी कम था। घरवालों को खून का इंतजाम करने को कहा था।
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