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सामग्री अंश में 9.82 करोड़ भुगतान, मगर नहीं भेजा सत्यापन प्रमाणपत्र

Thu, 16 Jul 2020 09:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2020 09:21 PM IST
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9.82 Crore payment in material portion, but did not send verification certificate
सीतापुर। गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत जिले में मनरेगा से कई प्रकार के कार्य कराए गए हैं। इसके तहत सामग्री अंश में नौ करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपये का भुगतान किया गया। निर्देश के बावजूद इसका सत्यापन प्रमाणपत्र राज्य स्तरीय मनरेगा प्रकोष्ठ नहीं भेजा गया। शासन ने इसे सरकारी कार्यों के प्रति उदासीनता मानते हुए तत्काल सत्यापन प्रमाणपत्र तलब किया है। साथ ही मनरेगा के तहत विभिन्न श्रेणियों में कराए गए कार्यों के भुगतान के निर्देश दिए हैं।
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गरीब कल्याण रोजगार अभियान से आच्छादित 31 जिलों में सीतापुर भी चयनित है। इसके तहत मनरेगा योजनांतर्गत विभिन्न श्रेणियों में कराए गए कार्यों के भुगतान के संबंध में आयुक्त ग्राम्य विकास ने नौ जुलाई को निर्देश दिए थे। साथ ही सामग्री अंश में किए गये भुगतान का सत्यापन प्रमाणपत्र उपायुक्त श्रम रोजगार एवं सीडीओ के संयुक्त हस्ताक्षर से तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश थे।
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जिले में 15 जुलाई तक सामग्री अंश में नौ करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपये का भुगतान (नरेगा सॉफ्ट की रिपोर्ट संख्या-आर 7.1 के अनुसार) सामग्री अंश पर किया जा चुका है। सीतापुर सहित 71 जिलों में 135.31 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद सत्यापन प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार ने निर्देश दिए हैं कि प्रमाणपत्र उपलब्ध न कराना शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता को प्रकट करता है। मनरेगा योजनांतर्गत विभिन्न श्रेणियों में कराए गए कार्यों का भुगतान कराने के साथ ही सत्यापन प्रमाणपत्र राज्य स्तरीय मनरेगा प्रकोष्ठ को तत्काल उपलब्ध कराएं।
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ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा निर्धारित लक्ष्यों पर कराए गये कार्यों का भुगतान किया गया है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्र, पौधरोपण, उद्यानीकरण, जल संरक्षण, फार्म पांड, पशु शेड, गोट शेड, पोल्ट्री शेड, वर्मी कंपोस्ट, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व अन्य कार्यों पर सामग्री अंश में भुगतान किया गया है।

श्रम रोजगार उपायुक्त सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी खंड विकास अधिकारियों से सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई थी। पांच ब्लॉकों से रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। 17 जुलाई तक राज्य स्तरीय मनरेगा प्रकोष्ठ को सत्यापन प्रमाणपत्र भेज दिया जाएगा।
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