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21 बंदियों की समय से पूर्व रिहाई पर विचार
Updated Mon, 19 Jun 2017 10:35 PM IST
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21 बंदियों की समय पूर्व रिहाई पर विचार
जिला जेल में समिति ने की बैठक, शासन को भेजे नाम
सीतापुर। बरेली व सीतापुर की जेलों में 10 वर्ष व आजीवन कारावास की सजा काट रहे 21 बंदियों की समय से पूर्व रिहाई को लेकर सोमवार को समिति ने बैठक की। बैठक में काफी मंथन के बाद 21 बंदियों के नाम शासन को भेजे गए हैं। इनमें 19 बंदी बरेली जेल में निरुद्ध हैं, जबकि दो बंदी सीतापुर जेल में बंद हैं। समय से पूर्व रिहाई के लिए सोमवार को डीएम डॉ. सारिका मोहन, एसपी मृगेंद्र सिंह जेल पहुंचे। यहां पर जेल अधीक्षक आरके जायसवाल व जेलर आनंद कुमार शुक्ला केे साथ बैठक की गई। इस दौरान बरेली जेल के मन्नी लाल, भारत, बलवान, राम सेवक, मोती, मोती लाल, मोहन लाल, सकटू, रामकुमार, दयाल, राम किशन, प्रताप, मलखान सिंह, श्रीकांत अवस्थी, विशुन दयाल, ब्रजपाल, राजाराम, छैल बिहारी व मुबारक को सीतापुर जेल लाया गया था। जबकि सीतापुर के इकबाल व रजनीश को भी समिति के सामने पेश किया गया। अधिकारियों ने इन बंदियों की समय से पूर्व रिहाई की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट लगाई। बताया गया है कि जेल में बिताए बंदियों के समय व उनके बर्ताव का आंकलन कर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। रजनीश को 10 वर्ष की सजा है, जबकि अन्य 20 बंदी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं । समिति ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी है।
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जिला जेल में समिति ने की बैठक, शासन को भेजे नाम
सीतापुर। बरेली व सीतापुर की जेलों में 10 वर्ष व आजीवन कारावास की सजा काट रहे 21 बंदियों की समय से पूर्व रिहाई को लेकर सोमवार को समिति ने बैठक की। बैठक में काफी मंथन के बाद 21 बंदियों के नाम शासन को भेजे गए हैं। इनमें 19 बंदी बरेली जेल में निरुद्ध हैं, जबकि दो बंदी सीतापुर जेल में बंद हैं। समय से पूर्व रिहाई के लिए सोमवार को डीएम डॉ. सारिका मोहन, एसपी मृगेंद्र सिंह जेल पहुंचे। यहां पर जेल अधीक्षक आरके जायसवाल व जेलर आनंद कुमार शुक्ला केे साथ बैठक की गई। इस दौरान बरेली जेल के मन्नी लाल, भारत, बलवान, राम सेवक, मोती, मोती लाल, मोहन लाल, सकटू, रामकुमार, दयाल, राम किशन, प्रताप, मलखान सिंह, श्रीकांत अवस्थी, विशुन दयाल, ब्रजपाल, राजाराम, छैल बिहारी व मुबारक को सीतापुर जेल लाया गया था। जबकि सीतापुर के इकबाल व रजनीश को भी समिति के सामने पेश किया गया। अधिकारियों ने इन बंदियों की समय से पूर्व रिहाई की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट लगाई। बताया गया है कि जेल में बिताए बंदियों के समय व उनके बर्ताव का आंकलन कर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। रजनीश को 10 वर्ष की सजा है, जबकि अन्य 20 बंदी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं । समिति ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी है।