{"_id":"6116b4238ebc3ee524418e97","slug":"57-thousand-families-will-get-gas-connection-sitapur-news-lko5912463159","type":"story","status":"publish","title_hn":"57 हजार परिवारों को मिलेगा गैस कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
57 हजार परिवारों को मिलेगा गैस कनेक्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। जिले में 57 हजार परिवारों को उज्ज्वला-2 योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के तहत जरूरतमंदों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। पहले फेज में जिले में पांच लाख सात हजार परिवारों को लाभान्वित किया जा चुका है। अब इस योजना का दायरा बढ़ने के बाद हर घर में गैस कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी शुरुआत हो गई है।
केंद्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना प्रथम चरण की शुरुआत एक मई 2016 से की गई थी। इस योजना के तहत बीपीएल श्रेणी के तहत आने वाले परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिया जाता है। साथ ही पहली बार भरा हुआ सिलेंडर व चूल्हा मिलता है।
इस योजना के पहले फेज में जिले के लोगों ने खूब फायदा उठाया। पिछले पांच साल में पांच लाख सात हजार लोगों ने इस योजना के तहत गैस सिलेंडर प्राप्त किए हैं। इससे सीतापुर जिला यूपी में उज्ज्वला योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर प्रथम स्थान भी हासिल कर चुका है।
विज्ञापन
अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिन पहले बुंदेलखंड से उज्ज्वला-टू योजना की शुरुआत की है तो इससे योजना से वंचित लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। जिले में इस योजना के तहत 57 हजार परिवारों को लाभ दिया जाएगा। यानि अभी तक ये परिवार लकड़ी/कोयले के चूल्हे पर ही खाना पका रहे हैं। ये वंचित लोग अपने नजदीकी गैस एजेंसी पर आवेदन करके लाभ ले सकते हैं।
उज्ज्वला योजना के तहत लाभान्वित परिवारों का चयन 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर किया गया है। जिला सीतापुर में 2011 की जनगणना के अनुसार 9.50 लाख परिवार हैं।
इन परिवारों में 94 फीसद परिवारों को उज्ज्वला प्रथम चरण में लाभान्वित किया जा चुका है। अब महज छह फीसद परिवार बचे हैं जिनको अभी तक इसका लाभ नहीं मिल सका है। ये 57 हजार वंचित परिवार अब फेज-टू में लाभान्वित किए जाएंगे।
जिले में प्रत्येक गैस उपभोक्ता का सत्यापन शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत 10 अगस्त से की गई है। इसके तहत इस बार केवाईसी की सत्यापन प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव कर दिया गया है। इसके तहत इस बार ऑनलाइन सत्यापन होगा। गैस उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इस ओटीपी के भरने के बाद ही उसका ई-केवाईसी हो सकेगा। ई-केवाईसी न होने पर उसे गैस सिलेंडर देने से रोक दिया जाएगा।
उज्ज्वला योजना के प्रथम चरण में पांच लाख लोगों को जहां गैस सिलेंडर दिए गए हैं, वहीं दो फीसद यानि करीब 10 हजार ऐसे गैस उपभोक्ता हैं जिन्होंने एक बार एजेंसी से गैस सिलेंडर लेने के छह माह बाद भी दोबारा रिफिल नहीं कराया। जिम्मेदार अफसरों ने इसका कारण जानने के लिए सर्वे कराया था। इस सर्वे में यह निकलकर आया है कि तमाम परिवारों ने आर्थिक कारण बताया।
आईओसी की सेल्स अधिकारी हिना ने बताया कि उज्ज्वला-टू योजना के तहत जिले में 57 हजार परिवारों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। जिले में इस समय पांच लाख से अधिक गैस उपभोक्ता लाभ उठा रहे हैं। प्रयास रहेगा कि इस लक्ष्य को दो से तीन माह के अंदर हासिल कर लिया जाए।
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना प्रथम चरण की शुरुआत एक मई 2016 से की गई थी। इस योजना के तहत बीपीएल श्रेणी के तहत आने वाले परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिया जाता है। साथ ही पहली बार भरा हुआ सिलेंडर व चूल्हा मिलता है।
विज्ञापन
इस योजना के पहले फेज में जिले के लोगों ने खूब फायदा उठाया। पिछले पांच साल में पांच लाख सात हजार लोगों ने इस योजना के तहत गैस सिलेंडर प्राप्त किए हैं। इससे सीतापुर जिला यूपी में उज्ज्वला योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर प्रथम स्थान भी हासिल कर चुका है।
विज्ञापन
अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिन पहले बुंदेलखंड से उज्ज्वला-टू योजना की शुरुआत की है तो इससे योजना से वंचित लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। जिले में इस योजना के तहत 57 हजार परिवारों को लाभ दिया जाएगा। यानि अभी तक ये परिवार लकड़ी/कोयले के चूल्हे पर ही खाना पका रहे हैं। ये वंचित लोग अपने नजदीकी गैस एजेंसी पर आवेदन करके लाभ ले सकते हैं।
उज्ज्वला योजना के तहत लाभान्वित परिवारों का चयन 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर किया गया है। जिला सीतापुर में 2011 की जनगणना के अनुसार 9.50 लाख परिवार हैं।
इन परिवारों में 94 फीसद परिवारों को उज्ज्वला प्रथम चरण में लाभान्वित किया जा चुका है। अब महज छह फीसद परिवार बचे हैं जिनको अभी तक इसका लाभ नहीं मिल सका है। ये 57 हजार वंचित परिवार अब फेज-टू में लाभान्वित किए जाएंगे।
जिले में प्रत्येक गैस उपभोक्ता का सत्यापन शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत 10 अगस्त से की गई है। इसके तहत इस बार केवाईसी की सत्यापन प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव कर दिया गया है। इसके तहत इस बार ऑनलाइन सत्यापन होगा। गैस उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इस ओटीपी के भरने के बाद ही उसका ई-केवाईसी हो सकेगा। ई-केवाईसी न होने पर उसे गैस सिलेंडर देने से रोक दिया जाएगा।
उज्ज्वला योजना के प्रथम चरण में पांच लाख लोगों को जहां गैस सिलेंडर दिए गए हैं, वहीं दो फीसद यानि करीब 10 हजार ऐसे गैस उपभोक्ता हैं जिन्होंने एक बार एजेंसी से गैस सिलेंडर लेने के छह माह बाद भी दोबारा रिफिल नहीं कराया। जिम्मेदार अफसरों ने इसका कारण जानने के लिए सर्वे कराया था। इस सर्वे में यह निकलकर आया है कि तमाम परिवारों ने आर्थिक कारण बताया।
आईओसी की सेल्स अधिकारी हिना ने बताया कि उज्ज्वला-टू योजना के तहत जिले में 57 हजार परिवारों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। जिले में इस समय पांच लाख से अधिक गैस उपभोक्ता लाभ उठा रहे हैं। प्रयास रहेगा कि इस लक्ष्य को दो से तीन माह के अंदर हासिल कर लिया जाए।