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बैराजों से छोड़ा गया 56 हजार क्यूसेेक पानी
Amar ujala Bureau
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:08 AM IST
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नदी
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा व शारदा बैराजों से रविवार को भी हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जिले के गांजरी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली शारदा व घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। रविवार का दिन जहां रेउसा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए राहत देता नजर आया। वहीं रामपुर मथुरा क्षेत्र के तटीय इलाके में तबाही मचाता रहा। रामपुर मथुरा क्षेत्र में अंगरौरा गांव के निकट घाघरा नदी कटान कर रही है। शनिवार रात को चार बीघा खेती नदी की भेंट चढ़ गई।
रविवार को रेउसा इलाके में निर्मलपुरवा, गोड़ियनपुरवा, नगीना पुरवा, सिसैया बाजार आदि गांवों की तरफ बढ़ रहा घाघरा नदी का पानी, वापस नदी में सिमटता नजर आया। दोपहर के वक्त तो नदी के बीच का काफी हिस्सा रेत के मैदान सा नजर आने लगा। पचीसा से चलने वाली नाव रेत में फंसकर आगे बढ़ती रही। ऐसा ही हाल चहलारी घाट के आसपास भी नजर आ रहा था। यहां भी पानी नदी में सिमटता नजर आया। इसे देख तटीय क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
उधर, रामपुर मथुरा क्षेत्र में शनिवार रात से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। रात को अंगरौरा गांव के निवासी दीपक तिवारी का चार बीघा खेत कटकर घाघरा नदी में समा गया। नदी का कटान देखकर तटीय क्षेत्र के खेतों से किसान फसलों को उजाड़ रहे हैं। वहीं यूकेलिप्टस व पापुलर जैसे पेड़ों का काटकर लकड़ियां घर लेकर जा रहे हैं। अचानक जलस्तर बढ़ने से लोग बाढ़ की संभावना को लेकर भयभीत हैं।
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उधर सूत्रों की माने तो घाघरा व शारदा बैराज से करीब 56591 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जब जिले की नदी में प्रवेश करेगा, तब जलस्तर और बढ़ेगा। जिम्मेदारों का मानना है कि बैराजों से छोड़े गए पानी की मात्रा, इतनी नहीं है, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकें।
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रविवार को रेउसा इलाके में निर्मलपुरवा, गोड़ियनपुरवा, नगीना पुरवा, सिसैया बाजार आदि गांवों की तरफ बढ़ रहा घाघरा नदी का पानी, वापस नदी में सिमटता नजर आया। दोपहर के वक्त तो नदी के बीच का काफी हिस्सा रेत के मैदान सा नजर आने लगा। पचीसा से चलने वाली नाव रेत में फंसकर आगे बढ़ती रही। ऐसा ही हाल चहलारी घाट के आसपास भी नजर आ रहा था। यहां भी पानी नदी में सिमटता नजर आया। इसे देख तटीय क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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उधर, रामपुर मथुरा क्षेत्र में शनिवार रात से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। रात को अंगरौरा गांव के निवासी दीपक तिवारी का चार बीघा खेत कटकर घाघरा नदी में समा गया। नदी का कटान देखकर तटीय क्षेत्र के खेतों से किसान फसलों को उजाड़ रहे हैं। वहीं यूकेलिप्टस व पापुलर जैसे पेड़ों का काटकर लकड़ियां घर लेकर जा रहे हैं। अचानक जलस्तर बढ़ने से लोग बाढ़ की संभावना को लेकर भयभीत हैं।
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उधर सूत्रों की माने तो घाघरा व शारदा बैराज से करीब 56591 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जब जिले की नदी में प्रवेश करेगा, तब जलस्तर और बढ़ेगा। जिम्मेदारों का मानना है कि बैराजों से छोड़े गए पानी की मात्रा, इतनी नहीं है, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकें।