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अब रेलवे क्रॉसिंगें भी होंगी हाईटेक
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:37 AM IST
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लगेगा इंटरलॉकिंग सिस्टम, रेलवे फाटक बंद होने व खुलने पर बजेगा तेज अलार्म
सीतापुर। रेलवे अब अपनी व्यस्त रेलवे क्रॉसिंगों को हाईटेक करेगा। इसके लिए यहां की क्रॉसिंगें इंटरलॉकिंग सिस्टम से लैस होगी। जिन्हें स्टेशन मास्टर ही ऑपरेट कर सकेंगे। इससे क्रॉसिंगों पर रेल हादसों का खतरा कम हो जाएगा। खास बात तो यह है कि क्रॉसिंग बंद होने और खुलने पर तेज अलार्म बजेगा। बटन दबाते ही एक साथ क्रॉसिंग बंद हो जाएगी।
सीतापुर में दो ट्रैक यानी एक पूर्वोत्तर रेलवे व उत्तर रेलवे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर व सीतापुर-बुढ़वल प्रखंड तथा उत्तर रेलवे के सिटी स्टेशन-रोजा प्रखंड एवं सिटी स्टेशन वाया नैमिषारण्य-बालामऊ ट्रैक शामिल हैं। पहले ऐशबाग-सीतापुर-लखीमपुर-मैलानी-पीलीभीत ट्रैक मीटर गेट था। पर अब इसे ब्रॉडगेज में तब्दील कर दिया गया है।
दोनों मंडलों में करीब दो सौ रेलवे क्रॉसिंगें हैं। दोनों मंडलों में अक्सर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंगों पर होने वाले हादसों में लोग अपनी जान गवां बैठे थे। यही नहीं दर्जनों की संख्या में लोग हताहत भी हो जाते थे। मानवरहित क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं पर ब्रेक लगाने को रेल मंत्रालय ने इन क्रॉसिंगों को समाप्त करने के आदेश दिए थे, ताकि हादसों पर अंकुश लग सके।
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विभागीय जानकारों की मानें तो ऐशबाग वाया सीतापुर-लखीमपुर मैलानी तक करीब सवा सौ क्रॉसिंगें पड़ती है। ऐशबाग से सीतापुर रेल प्रंखड पर चार दर्जन से अधिक क्रॉसिंग पड़ती हैं। यहां के ट्रैक पर 36 क्रॉसिंग पर कर्मचारी तैनात हैं। जबकि एक क्रॉसिंग पर अंडर पास बनाकर ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा दी गई है।
इसी प्रकार सीतापुर वाया लखीमपुर खीरी-मैलानी ट्रैक पर पर 34 क्रॉसिंग पर कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जबकि 22 क्रॉसिंग पर ग्रामीणों को अंडरपास के जरिए आवागमन की सुविधा दी गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के बुढ़वल-सीतापुर प्रखंड में 93 क्रॉसिंग थी।
इनके सापेक्ष 31 मानव रहित क्रॉसिंग बंद कर दी गई हैं। जबकि 31 क्रॉसिंग पर कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जबकि 13 क्रॉसिंग पर अंडर पास भी बनाए गए हैं। रेलवे की व्यस्त क्रॉसिंगों को हाईटेक बनाया जाएगा। सभी क्रॉसिंग इंटरलॉकिंग सिस्टम से लैस होंगी।
जिनको स्टेशन मास्टर ही ऑपरेट कर सकेंगे। इस व्यवस्था से क्रॉसिंग पर रेल हादसों का खतरा खत्म हो जाएगा। फाटक बंद होने और खुलने पर तेज अलार्म बजेगा। बटन दबाते ही एक साथ क्रॉसिंग बंद हो जाएगी।
क्या है इंटरलॉकिंग सिस्टम
रेलवे क्रॉसिंग को इंटरलॉक सिस्टम से लैस किया जाएगा। इस सिस्टम को स्टेशन मास्टर आफिस में पैनल से कनेक्ट किया जाता है। जिसके बाद अब कोई गाड़ी आएगी तो पैनल खुद ही काम करने लगेगा। सिग्नल के ग्रीन होने के साथ-साथ फाटक भी बंद हो जाएगा। फाटक बंद होने से दो मिनट पहले ही क्रॉसिंग पर तेज आवाज में एक अलार्म बजेगा। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि अब गाड़ी आने वाली है।
व्यस्त क्रॉसिंग पर हाईटेक सिस्टम लगाए जाएंगे। जिससे फाटक बंद होने और खुलने में समय नहीं लगेगा। अलार्म सिस्टम क्रॉसिंग पर होंगे। इससे रेल हादसों पर अंकुश लगेगा।
-शिशिर कुमार श्रीवास्तव, टीआई, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ।
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सीतापुर। रेलवे अब अपनी व्यस्त रेलवे क्रॉसिंगों को हाईटेक करेगा। इसके लिए यहां की क्रॉसिंगें इंटरलॉकिंग सिस्टम से लैस होगी। जिन्हें स्टेशन मास्टर ही ऑपरेट कर सकेंगे। इससे क्रॉसिंगों पर रेल हादसों का खतरा कम हो जाएगा। खास बात तो यह है कि क्रॉसिंग बंद होने और खुलने पर तेज अलार्म बजेगा। बटन दबाते ही एक साथ क्रॉसिंग बंद हो जाएगी।
सीतापुर में दो ट्रैक यानी एक पूर्वोत्तर रेलवे व उत्तर रेलवे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर व सीतापुर-बुढ़वल प्रखंड तथा उत्तर रेलवे के सिटी स्टेशन-रोजा प्रखंड एवं सिटी स्टेशन वाया नैमिषारण्य-बालामऊ ट्रैक शामिल हैं। पहले ऐशबाग-सीतापुर-लखीमपुर-मैलानी-पीलीभीत ट्रैक मीटर गेट था। पर अब इसे ब्रॉडगेज में तब्दील कर दिया गया है।
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दोनों मंडलों में करीब दो सौ रेलवे क्रॉसिंगें हैं। दोनों मंडलों में अक्सर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंगों पर होने वाले हादसों में लोग अपनी जान गवां बैठे थे। यही नहीं दर्जनों की संख्या में लोग हताहत भी हो जाते थे। मानवरहित क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं पर ब्रेक लगाने को रेल मंत्रालय ने इन क्रॉसिंगों को समाप्त करने के आदेश दिए थे, ताकि हादसों पर अंकुश लग सके।
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विभागीय जानकारों की मानें तो ऐशबाग वाया सीतापुर-लखीमपुर मैलानी तक करीब सवा सौ क्रॉसिंगें पड़ती है। ऐशबाग से सीतापुर रेल प्रंखड पर चार दर्जन से अधिक क्रॉसिंग पड़ती हैं। यहां के ट्रैक पर 36 क्रॉसिंग पर कर्मचारी तैनात हैं। जबकि एक क्रॉसिंग पर अंडर पास बनाकर ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा दी गई है।
इसी प्रकार सीतापुर वाया लखीमपुर खीरी-मैलानी ट्रैक पर पर 34 क्रॉसिंग पर कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जबकि 22 क्रॉसिंग पर ग्रामीणों को अंडरपास के जरिए आवागमन की सुविधा दी गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के बुढ़वल-सीतापुर प्रखंड में 93 क्रॉसिंग थी।
इनके सापेक्ष 31 मानव रहित क्रॉसिंग बंद कर दी गई हैं। जबकि 31 क्रॉसिंग पर कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जबकि 13 क्रॉसिंग पर अंडर पास भी बनाए गए हैं। रेलवे की व्यस्त क्रॉसिंगों को हाईटेक बनाया जाएगा। सभी क्रॉसिंग इंटरलॉकिंग सिस्टम से लैस होंगी।
जिनको स्टेशन मास्टर ही ऑपरेट कर सकेंगे। इस व्यवस्था से क्रॉसिंग पर रेल हादसों का खतरा खत्म हो जाएगा। फाटक बंद होने और खुलने पर तेज अलार्म बजेगा। बटन दबाते ही एक साथ क्रॉसिंग बंद हो जाएगी।
क्या है इंटरलॉकिंग सिस्टम
रेलवे क्रॉसिंग को इंटरलॉक सिस्टम से लैस किया जाएगा। इस सिस्टम को स्टेशन मास्टर आफिस में पैनल से कनेक्ट किया जाता है। जिसके बाद अब कोई गाड़ी आएगी तो पैनल खुद ही काम करने लगेगा। सिग्नल के ग्रीन होने के साथ-साथ फाटक भी बंद हो जाएगा। फाटक बंद होने से दो मिनट पहले ही क्रॉसिंग पर तेज आवाज में एक अलार्म बजेगा। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि अब गाड़ी आने वाली है।
व्यस्त क्रॉसिंग पर हाईटेक सिस्टम लगाए जाएंगे। जिससे फाटक बंद होने और खुलने में समय नहीं लगेगा। अलार्म सिस्टम क्रॉसिंग पर होंगे। इससे रेल हादसों पर अंकुश लगेगा।
-शिशिर कुमार श्रीवास्तव, टीआई, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ।