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ठंड का कहर कांपा शहर
Updated Sun, 31 Dec 2017 01:05 AM IST
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ठंड का कहर, कांपा शहर
सीतापुर। कड़ाके की ठंड का कहर शनिवार को भी जारी रहा। बर्फीली हवा से लोग दिनभर ठिठुरते रहे। वहीं घने कोहरे ने दृश्यता इस कदर कम कर दी कि 20 मीटर तक की चीज भी साफ दिखाई नहीं दे रही थी।
हेडलाइट जलाकर वाहन चालक सड़कों पर चलते दिखे। सर्दी के तीखे तेवर देखकर ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे। जो निकलने पर मजबूर हुए वो गर्म कपड़ों का बोझ लादे रहने पर भी पूरे दिन कांपते रहे।
दोपहर बाद कुछ देर के लिए सूर्यदेव ने दर्शन दिए लेकिन ठंड से राहत नही प्रदान कर सके। न्यूनतम पारा 8 डिग्री पर टिका रहा। मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले दिनों में पारा और नीचे जाएगा।
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कोहरे भी घना होगा और ठंडी हवा भी चलेगी। जिससे ठंड बढ़ने की संभावना है। सुबह घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी।
हालत यह थी कि चार फुट तक आगे देखना भी मुश्किल हो रहा था। घने कोहरे की वजह से हाईवे पर यातायात थम गया। इक्का-दुक्का वाहन हेडलाइट जलाने के बाद भी धीमी गति से रेंगते दिखाई दे रहे थे।
अलसुबह बिस्तर छोड़कर दिनचर्या में लग जाने वालों ने इस मौसम को देखकर देर से दिन की शुरुआत की। कोहरे की यह हालत दिन चढ़ने के बाद भी रही।
सूरज के दर्शन दोपहर बाद हो सके। वह भी कुछ इस तरह कि जैसे वो अपनी मौजूदगी का एहसास कराने के लिए मशक्कत कर रहा हों।
थोड़ी देर तक ही हल्की रोशनी आसमान में रही। कोहरे के साथ ठंडी हवा चलती रही। जिन्हें घर से बाहर निकलना पड़ा उनका पूरा दिन कांपते हुए बीता।
नौकरीपेशा के अलावा रोज कमाने खाने वाले कड़ाके की ठंड से प्रभावित हैं। स्कूली बच्चों का हाल बेहद बुरा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार को आर्द्रता 84 प्रतिशत दर्ज की गई।
अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रिकार्ड किया गया। आने वाले दिनों में पारा एक से दो डिग्री लुढ़कने से ठंड बढ़ने के आसार हैं।
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सीतापुर। कड़ाके की ठंड का कहर शनिवार को भी जारी रहा। बर्फीली हवा से लोग दिनभर ठिठुरते रहे। वहीं घने कोहरे ने दृश्यता इस कदर कम कर दी कि 20 मीटर तक की चीज भी साफ दिखाई नहीं दे रही थी।
हेडलाइट जलाकर वाहन चालक सड़कों पर चलते दिखे। सर्दी के तीखे तेवर देखकर ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे। जो निकलने पर मजबूर हुए वो गर्म कपड़ों का बोझ लादे रहने पर भी पूरे दिन कांपते रहे।
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दोपहर बाद कुछ देर के लिए सूर्यदेव ने दर्शन दिए लेकिन ठंड से राहत नही प्रदान कर सके। न्यूनतम पारा 8 डिग्री पर टिका रहा। मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले दिनों में पारा और नीचे जाएगा।
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कोहरे भी घना होगा और ठंडी हवा भी चलेगी। जिससे ठंड बढ़ने की संभावना है। सुबह घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी।
हालत यह थी कि चार फुट तक आगे देखना भी मुश्किल हो रहा था। घने कोहरे की वजह से हाईवे पर यातायात थम गया। इक्का-दुक्का वाहन हेडलाइट जलाने के बाद भी धीमी गति से रेंगते दिखाई दे रहे थे।
अलसुबह बिस्तर छोड़कर दिनचर्या में लग जाने वालों ने इस मौसम को देखकर देर से दिन की शुरुआत की। कोहरे की यह हालत दिन चढ़ने के बाद भी रही।
सूरज के दर्शन दोपहर बाद हो सके। वह भी कुछ इस तरह कि जैसे वो अपनी मौजूदगी का एहसास कराने के लिए मशक्कत कर रहा हों।
थोड़ी देर तक ही हल्की रोशनी आसमान में रही। कोहरे के साथ ठंडी हवा चलती रही। जिन्हें घर से बाहर निकलना पड़ा उनका पूरा दिन कांपते हुए बीता।
नौकरीपेशा के अलावा रोज कमाने खाने वाले कड़ाके की ठंड से प्रभावित हैं। स्कूली बच्चों का हाल बेहद बुरा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार को आर्द्रता 84 प्रतिशत दर्ज की गई।
अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रिकार्ड किया गया। आने वाले दिनों में पारा एक से दो डिग्री लुढ़कने से ठंड बढ़ने के आसार हैं।