नारी ही नर की खान है, सृष्टि का आधार है: कृष्णा राज

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 24 Jan 2019 01:03 AM IST
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अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एलपीएस में आयोजित हुआ ‘हमारी बेटी-हमारा मान’ समारोह
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सीतापुर। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कृष्णा राज ने कहा कि पुरातन काल से हमारे देश में नारी का सर्वोच्च स्थान रहा है। इसका प्रमाण पुराणों व ग्रंथों में भी मिलता है। नारी ही नर की खान है, सृष्टि का आधार है। नारी के बगैर सृष्टि की परिकल्पना ही असंभव है।
आज हम ‘नारी सशक्तीकरण’ के मकसद से यहां एकत्र हुए हैं। दरअसल, इसकी कोई जरूरत नहीं है। नारी सृष्टि के आरंभ से ही सशक्त है। सही मायनों में आवश्यकता समाज को अपनी सोच बदलने की है।
शहर के लखनऊ पब्लिक स्कूल में बुधवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित ‘हमारी बेटियां-हमारा मान’ समारोह को केन्द्रीय मंत्री बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि बातों व किताबों में नारी का जो स्थान व सम्मान है, वह पुरुषों की सोच में आ जाए तो बेटियों के सशक्तीकरण की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह बड़ी विडम्बना है कि आज के दौर में बेटियां व स्त्री समाज का एक चिंतन हो गई हैं और इस चिंतन का कारण समाज ही है। दु:ख होता है कि आज भी बेटी पैदा होने पर परिवार के मस्तक पर बल पड़ जाते हैं। इतना ही नही, बेटियों पर कदम-कदम पर प्रतिबंध व पहरे लगाए जाते हैं। उन्हें अपने फैसले लेने की आजादी नहीं दी जाती है।

बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिवार हर वक्त सजग व चिंतित रहता है। सवाल यह है कि आखिर बेटियों को हम किससे सुरक्षित रखना चाहते हैं। दूसरी तरफ लड़कों से इतनी टोकाटोकी नहीं की जाती। यदि हर मां-बाप अपने बेटे पर निगाह रखना शुरू कर दें कि वह कॉलेज के बाद वह कहां गया।

रात में देर से घर आया तो कहां था, क्या कर रहा था तो यकीनन हम बेटियों को एक बेहतर माहौल देने में कामयाब होंगे। उन्होंने बताया कि 2010 में किए गए एक सर्वे के मुताबिक बेटियों व महिलाओं के उत्पीड़न में 50 फीसदी उनके निकट संबंधी थे। यह आंकड़े दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

इसलिए बदलने और संभलने की जरूरत पुरुष प्रधान समाज को है। केन्द्रीय मंत्री ने अमर उजाला द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ‘अपराजिता’ शब्द कितना अच्छा, बहस कितनी लंबी है। नारी की सर्वोच्चता का उदाहरण देते हुए बताया कि जब कोई व्यक्ति गलत करता है अपराध करता है तो लोग कहते हैं जैसा बाप वैसा बेटा।

वहीं जब सरहद पर कोई जवान शहीद होता है तब कहा जाता है कि धन्य है वह मां जिसने ऐसे सपूत को जन्म दिया। नारियों का आह्वान करते हुए कहा कि आपके मन में यह भाव होना चाहिए कि हम सृष्टि का आधार हैं। हमारे बिना जीवन नीरस है।

इस दौरान समाज में अपने बूते अलग पहचान बनाने वाली 14 बेटियों व महिलाओं को केन्द्रीय मंत्री ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। एलपीएस की प्रधानाचार्या नीलम सिंह ने केन्द्रीय मंत्री को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह प्रदान कर आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर आंख अस्पताल की सीएमओ डॉ. मधु भदौरिया, एनसीसी के कर्नल अजय शर्मा, नगर पालिका परिषद मिश्रिख चेयरमैन सरला देवी, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य पूनम मिश्रा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज वर्मा, अनुपम राठौर, अजय भार्गव आदि मौजूद थे।
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