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श्यामनाथ मंदिर में अव्यवस्थाओं का है बोलबाला
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:20 PM IST
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सीतापुर। सावन मास शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी है लेकिन शिव मंदिरों में व्यवस्थाओं को अब तक दुरुस्त नहीं किया गया। शहर के प्रतिष्ठित श्यामनाथ मंदिर में इस समय न तो पेयजल की व्यवस्था है न ही साफ सफाई। तीर्थकुंड गंदगी से पटा है। यहां का पानी आचमन के लायक भी नहीं बचा है। सावन मास में श्रद्धालुओं को दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं।
इस मंदिर का पौराणिक महत्व है। यहां सावन मास में भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं। आसपास के जनपदों से श्रद्धालु आते हैं। अब सावन मास शुरू होने वाला है। श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। तीर्थकुंड में इस कदर गंदगी है कि पानी दिखाई ही नहीं दे रहा है। काई की परत बिछी है। काफी दिनों से कुंड का पानी बदला नहीं गया है। इसके अलावा पेयजल के लिए लगी टोटियां खराब हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप काफी दिन से पानी नहीं दे रहा है। नंदी की मूर्ति गंदगी का शिकार है।
पूरे परिसर में कूड़ा फैला हुआ है। मंदिर तक आने का संपर्क मार्ग भी बदहाल है। बरसात के समय यहां पर कीचड़ हो जाता है। श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से यहां पर व्यवस्थाएं कराने की मांग की है।
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रामबाबू त्रिपाठी का कहना है नगरपालिका सावन मास को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यही हालात रहे तो मंदिर आने वाले लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा। हरीश का कहना है मंदिर में बहुत ही गंदगी है।
यहां पर सफाई न होने से स्वच्छ वातावरण नहीं मिल पा रहा है। जिला प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। राजेश गोस्वामी का कहना है कुंड में पिछले बरस पानी बदला गया था। अब यह दूषित हो चुका है। जनकदुलारी का कहना है मंदिर के अंदर पानी की किल्लत बनी हुई है।
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इस मंदिर का पौराणिक महत्व है। यहां सावन मास में भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं। आसपास के जनपदों से श्रद्धालु आते हैं। अब सावन मास शुरू होने वाला है। श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। तीर्थकुंड में इस कदर गंदगी है कि पानी दिखाई ही नहीं दे रहा है। काई की परत बिछी है। काफी दिनों से कुंड का पानी बदला नहीं गया है। इसके अलावा पेयजल के लिए लगी टोटियां खराब हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप काफी दिन से पानी नहीं दे रहा है। नंदी की मूर्ति गंदगी का शिकार है।
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पूरे परिसर में कूड़ा फैला हुआ है। मंदिर तक आने का संपर्क मार्ग भी बदहाल है। बरसात के समय यहां पर कीचड़ हो जाता है। श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से यहां पर व्यवस्थाएं कराने की मांग की है।
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रामबाबू त्रिपाठी का कहना है नगरपालिका सावन मास को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यही हालात रहे तो मंदिर आने वाले लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा। हरीश का कहना है मंदिर में बहुत ही गंदगी है।
यहां पर सफाई न होने से स्वच्छ वातावरण नहीं मिल पा रहा है। जिला प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। राजेश गोस्वामी का कहना है कुंड में पिछले बरस पानी बदला गया था। अब यह दूषित हो चुका है। जनकदुलारी का कहना है मंदिर के अंदर पानी की किल्लत बनी हुई है।