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एक फीट और बढ़ा घाघरा का पानी, दहशत

Mon, 24 Jul 2017 10:18 PM IST
Updated Mon, 24 Jul 2017 10:18 PM IST
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एक फीट और बढ़ा घाघरा का पानी, दहशत
(लीड)
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एक फीट और बढ़ा घाघरा का पानी, दहशत
किनारों पर मार रहा हिलोरे, बढ़ते जलस्तर की वजह से तटीय क्षेत्रों के 24 गांवों में मचा हड़कंप
- बैराजों से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
फोटो-42)
अमर उजाला ब्यूरो
सीतापुर। घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। रविवार की रात से सोमवार तक जलस्तर में एक फीट का इजाफा हुआ है। किनारों से नदी का पानी महज एक फीट ही नीचे बह रहा है। बढ़ते हुए जलस्तर की वजह से तटीय क्षेत्रों में हड़कंप मचा हुआ है। तटीय क्षेत्र के बाशिंदे बाढ़ आने के संदेह से खौफजदा हैं। उधर बैराजों से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
बनबसा, घाघरा व शारदा बैराजों से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जिससे गांजरी क्षेत्र में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार तक नदी का जलस्तर किनारे से दो फीट नीचे था। रविवार की रात जलस्तर में एक फीट का इजाफा हुआ है। इससे नदी का पानी महज एक फीट नीचे ही बह रहा है। इस वजह से तटीय क्षेत्र के दुर्गापुरवा, कोनी, गोडिय़नपुरवा, रामलाल पुरवा समेत 24 गांवों में हड़कंप मचा हुआ है। इन गांवों के बाशिंदों ने घरेलू सामान समेटना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। उसे देखकर लग रहा है कि किसी भी समय नदी का पानी बाहर आ सकता है। नगीनापुरवा गांव के निकट त्यागी बाबा आश्रम के निकट घाघरा नदी कटान कर रही है। उधर घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से 201803 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जब सीतापुर से गुजरेगा, तब जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना है। प्रशासन नदी के जलस्तर पर नजर रख रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए, तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को अलर्ट कर दिया गया है।
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ग्रामीणों ने पाटी पुलिया
दो सप्ताह पूर्व बाढ़ के पानी की चपेट में आकर गुरगुचपुर के निकट मौजूद पुलिया से मिट्टी बह गई थी जिससे उस क्षेत्र के करीब 20 गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ था। बाढ़ का पानी नदी में सिमट चुका है। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। नतीजा गुरगुचपुर व जंगल टपरी के ग्रामीणों ने श्रमदान कर पुलिया को मिट्टी से पाटा है। यह अलग बात है, कि पुलिया में मजबूती नहीं आई है, लेकिन लोगों का आवागमन होने लगा है। लोग पैदल व साइकिल से गुजर रहे हैं।
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बैराजों का अधिकतम डिस्चार्ज
घाघरा बैराज 117776 क्यूसेक
शारदा बैराज 24400 क्यूसेक
बनबसा बैराज 79936 क्यूसेक

इन गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर की वजह से रेउसा क्षेत्र के रामलालपुरवा, गोडिय़नपुरवा, ठेकेदारपुरवा, कोनी, दुर्गापुरवा, जैतहिया, मरेली, कटैला पुरवा, दर्जिन रेती, लोधपुरवा, पासिनपुरवा, मेड़ईपुरवा, नगीनापुरवा, सुंदर नगर, श्याम नगर, पचीसा, बदहालीपुरवा आदि ऐसे गांव हैं, जिन पर बाढ़ का खतरा मडऱा रहा है। पचीसा व बदहाली पुरवा टापू पर बसे हैं, इस वजह से इन दो गांवों पर खतरा कुछ ज्यादा ही है।
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