फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   20-minute clash, won life again

20 मिनट का संघर्ष, फिर जीती जिंदगी

Fri, 30 Dec 2016 11:46 PM IST
Amarujala Bureau
Amarujala Bureau Updated Fri, 30 Dec 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
20-minute clash, won life again
गिरी बस - फोटो : self

वो लहरपुर से बस में सवार हुए थे। सोचा था कि जल्द ही सफर पूरा करके अपने घर पहुंचेंगे, लेकिन रास्ते में उनका सामना मौत से हो गया। ऐसा लगा कि जिंदगी बस अब खत्म। करीब 20 मिनट तक मौत से संघर्ष किया, जिसके बाद लोगों की मदद मिली और जिंदगी ने मौत को मात दे दिया। कुछ ऐसा ही हाल बयां कर रहे थे। नहर में बस गिरने के बाद जिंदा बच निकले रसिक बिहारी शुक्ला।

विज्ञापन


रसिक बिहारी शुक्ला बिसवां के रायगंज निवासी हैं। पेशे से अधिवक्ता रसिक बिहारी बताते हैं कि करीब पौने एक बजे बस में सवार हुए थे। बस चली तो सब कुछ सामान्य था। लोग आपस में बोल बतला रहे थे। इसी बीच लश्करपुर पुल के निकट बस रुकी, कुछ यात्रियों को वहां पर उतारा गया, जिसके बाद बस फिर बिसवां के लिए चल दी।
विज्ञापन


अभी बमुश्किल 500 मीटर ही बस आगे बढ़ी थी, कि अचानक नहर में जा गिरी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बस सीधे नहर की धार में बहने लगी। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मैं पिछली सीट की खिड़की पर था। बस के अंदर पानी ही पानी भरा हुआ था। दम घुट रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पानी इस कदर हावी था कि किसी की चीख निकल पाना भी मुश्किल था। बड़ी मुश्किल से खिड़की का शीशा तोड़ा और सिर को बाहर निकाला। इसी बीच लोग मदद को आ चुके थे, लेकिन वे मुझ तक नही पहुंच पा रहे थे। कई बार मैं धार के आगे बेबस हुआ, फिर भी खिड़की को पकड़े रहा। करीब बीस मिनट तक जान बचाने के लिए जद्दोजहद करता रहा।

इसी बीच कई हाथ मदद के लिए आ गए। मेरे हाथ में एक नौजवान का हाथ आया, वह मुस्कराकर बोला, चिंता न करो, हम आ गए हैं। वह किसी देवदूत से कम न था। उसके चेहरे पर मुस्कान थी और मुझे बचाने के लिए पानी की धार से वह संघर्ष कर रहा था।

उसने मुझे खींचकर बस की खिड़की से बाहर निकाला और फिर धोती की मदद से बस से बाहर कर किनारे पहुंचाया। मेरी जिंदगी तो बच गई, लेकिन विश्वास नहीं हो रहा था कि इतनी बड़ी मुसीबत से आखिर मैं कैसे निकल आया।


20 मिनट का मौत से सामना मुझे ताउम्र याद रहेगा। वह बताते हैं बस में करीब 60 लोग सवार थे। हादसे से चंद कदम दूर 10 लोग उतर गए थे। इसके बाद कौन कहां गया। कौन बचा और कौन बह गया। कुछ समझ में नहीं आ रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed