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स्वच्छ भारत मिशन में जिले की प्रदेश में 34वीं रैंक
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:18 AM IST
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बीते सप्ताह जिला था 42वें स्थान पर, गांवों में शौचालय बनने की रफ्तार में आई तेजी
सीतापुर। गांवों को ओडीएफ करने व शौचालय निर्माण कार्यों में पंचायत राज विभाग की मेहनत रंग लाई। मुख्य सचिव की ओर से जारी प्रदेश की रैंकिंग में जिले को 34वां स्थान प्राप्त हुआ है। जबकि बीते सप्ताह जिला 42वें स्थान पर था। रैंक में सुधार का श्रेय डीएम को जाता है। उनकी सख्ती से ऐसा संभव हो सका।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में जिले की स्थिति काफी खराब थी। प्रदेश में जिले की गिनती नीचे से होती थी। लेकिन डीएम शीतल वर्मा की ओर से व्यक्तिगत रुचि लेने व लापरवाही पर सख्ती से कार्रवाई का परिणाम है कि प्रति सप्ताह प्रदेेेेश में जिला ऊपर की ओर बढ़ रहा है। 17 सितंबर को मुख्य सचिव की ओर से जनपदों की रैंकिंग जारी की गई है।
इसमें जिला बीते सप्ताह की अपेक्षा 42वें पायदान से उठकर 34वें स्थान पर पहुंच गया है। क्योंकि हफ्ते में 362 गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष प्रगति 56.85 प्रतिशत रही। दैनिक लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है। जियो टैगिंग 45.60 प्रतिशत रही, जबकि कम्पोजिट स्कोर 56.34 रहा।
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प्रदेश के टॉप टेन जिले
मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी रैंकिंग में पहले स्थान पर जिला गाजियाबाद है। जबकि दूसरे से दसवें स्थान पर क्रमश: जिला अमरोहा, मेरठ, हापुड़, बिजनौर, इटावा, मुजफ्फरनगर, कासगंज, बागपत व शामली जिला शामिल है।
इज्ज्तघर निर्माण की प्रगति में हुआ सुधार
जागरुकता अभियान से ग्रामीणों में इज्जतघर बनवाने के प्रति रुचि बढ़ी है। इससे वह स्वयं इज्जतघर बनवाने के लिए जिम्मेदारों के पास आ रहे हैं। इसी का परिणाम है कि व्यक्तिगत लोगों के घरों में इज्जतघर बनने का प्रतिशत 96.10 है। यह प्रतिशत बेसलाइन सर्वे के लक्ष्य के आधार पर है।
सभी खंड प्रेरकों, वालंटियर्स, स्वच्छागृही सहित अन्य जिम्मेदार वर्करों ने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की है। जिससे प्रगति में सुधार हुआ है।
-ऋतु तिवारी, डीपीसी(एसबीएम)
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सीतापुर। गांवों को ओडीएफ करने व शौचालय निर्माण कार्यों में पंचायत राज विभाग की मेहनत रंग लाई। मुख्य सचिव की ओर से जारी प्रदेश की रैंकिंग में जिले को 34वां स्थान प्राप्त हुआ है। जबकि बीते सप्ताह जिला 42वें स्थान पर था। रैंक में सुधार का श्रेय डीएम को जाता है। उनकी सख्ती से ऐसा संभव हो सका।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में जिले की स्थिति काफी खराब थी। प्रदेश में जिले की गिनती नीचे से होती थी। लेकिन डीएम शीतल वर्मा की ओर से व्यक्तिगत रुचि लेने व लापरवाही पर सख्ती से कार्रवाई का परिणाम है कि प्रति सप्ताह प्रदेेेेश में जिला ऊपर की ओर बढ़ रहा है। 17 सितंबर को मुख्य सचिव की ओर से जनपदों की रैंकिंग जारी की गई है।
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इसमें जिला बीते सप्ताह की अपेक्षा 42वें पायदान से उठकर 34वें स्थान पर पहुंच गया है। क्योंकि हफ्ते में 362 गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष प्रगति 56.85 प्रतिशत रही। दैनिक लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है। जियो टैगिंग 45.60 प्रतिशत रही, जबकि कम्पोजिट स्कोर 56.34 रहा।
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प्रदेश के टॉप टेन जिले
मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी रैंकिंग में पहले स्थान पर जिला गाजियाबाद है। जबकि दूसरे से दसवें स्थान पर क्रमश: जिला अमरोहा, मेरठ, हापुड़, बिजनौर, इटावा, मुजफ्फरनगर, कासगंज, बागपत व शामली जिला शामिल है।
इज्ज्तघर निर्माण की प्रगति में हुआ सुधार
जागरुकता अभियान से ग्रामीणों में इज्जतघर बनवाने के प्रति रुचि बढ़ी है। इससे वह स्वयं इज्जतघर बनवाने के लिए जिम्मेदारों के पास आ रहे हैं। इसी का परिणाम है कि व्यक्तिगत लोगों के घरों में इज्जतघर बनने का प्रतिशत 96.10 है। यह प्रतिशत बेसलाइन सर्वे के लक्ष्य के आधार पर है।
सभी खंड प्रेरकों, वालंटियर्स, स्वच्छागृही सहित अन्य जिम्मेदार वर्करों ने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की है। जिससे प्रगति में सुधार हुआ है।
-ऋतु तिवारी, डीपीसी(एसबीएम)