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बजने लगी खतरे की घंटी, बैराजों से छूटा पानी बनेगा मुसीबत
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:48 AM IST
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तीन बैराजों से छोड़ा गया सवा लाख क्यूसेक पानी
सीतापुर। जिले के गांजरी इलाके में खतरे की घंटी बज गई है। यह खतरा पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश की वजह से बढ़ रहा है। सोमवार को बैराजों से सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि यह पानी अभी कोई खास अहमियत नहीं रखता है लेकिन आने वाले दिनों में अगर बैराजों से इसी तरह से पानी छोड़ा जाता रहा तो बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कह रहे हैं। बता दें कि तंबौर, रेउसा, रामपुर मथुरा व महमूदाबाद क्षेत्र से होकर शारदा व घाघरा नदियां गुजरती हैं। ये नदियां प्रतिवर्ष बाढ़ की तबाही लाती हैं। इन दिनों उत्तराखंड के पहाड़ों पर भारी बारिश हो रही है।
जिसकी वजह से बनबसा, शारदा व घाघरा बैराजों में तेजी से जल स्तर बढ़ रहा है। सोमवार को शारदा व घाघरा बैराजों से कुल 115092 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे घाघरा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं बनबसा बैराज से सोमवार को 133646 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बनबसा बैराज से छोड़ा गया पानी मंगलवार शाम तक शारदा बैराज पहुंच सकता है। इससे वहां के जलस्तर में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। जो पानी शारदा व घाघरा बैराज से छोड़ा गया है, वह पानी अभी सूखी पड़ी नदी को भरने का काम करेगा।
लेकिन इसी तरह से अगली शिफ्ट में पानी छोड़े जाने पर जल स्तर में बढ़ोतरी होने के आसार बढ़ रहे हैं। इससे नदियों के तटीय इलाकों बाढ़ की संभावना बढ़ती जा रही है। हालांकि प्रशासन ने सतर्कता बरते जाने की बात कही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही खतरे की संभावना होगी, तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को अलर्ट कर दिया जाएगा।
नजर बनाए हुए हैं
पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदियों के जल स्तर में इजाफा हो रहा है। प्रशासन नजर बनाए हुए है। सतर्कता बरती जा रही है।
-विनय पाठक, एडीएम
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा 95657 क्यूसेक
शारदा बैराज 19636 क्यूसेक
बनबसा 133646 क्यूसेक
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सीतापुर। जिले के गांजरी इलाके में खतरे की घंटी बज गई है। यह खतरा पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश की वजह से बढ़ रहा है। सोमवार को बैराजों से सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि यह पानी अभी कोई खास अहमियत नहीं रखता है लेकिन आने वाले दिनों में अगर बैराजों से इसी तरह से पानी छोड़ा जाता रहा तो बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कह रहे हैं। बता दें कि तंबौर, रेउसा, रामपुर मथुरा व महमूदाबाद क्षेत्र से होकर शारदा व घाघरा नदियां गुजरती हैं। ये नदियां प्रतिवर्ष बाढ़ की तबाही लाती हैं। इन दिनों उत्तराखंड के पहाड़ों पर भारी बारिश हो रही है।
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जिसकी वजह से बनबसा, शारदा व घाघरा बैराजों में तेजी से जल स्तर बढ़ रहा है। सोमवार को शारदा व घाघरा बैराजों से कुल 115092 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे घाघरा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं बनबसा बैराज से सोमवार को 133646 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बनबसा बैराज से छोड़ा गया पानी मंगलवार शाम तक शारदा बैराज पहुंच सकता है। इससे वहां के जलस्तर में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। जो पानी शारदा व घाघरा बैराज से छोड़ा गया है, वह पानी अभी सूखी पड़ी नदी को भरने का काम करेगा।
लेकिन इसी तरह से अगली शिफ्ट में पानी छोड़े जाने पर जल स्तर में बढ़ोतरी होने के आसार बढ़ रहे हैं। इससे नदियों के तटीय इलाकों बाढ़ की संभावना बढ़ती जा रही है। हालांकि प्रशासन ने सतर्कता बरते जाने की बात कही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही खतरे की संभावना होगी, तटीय क्षेत्र के बाशिंदों को अलर्ट कर दिया जाएगा।
नजर बनाए हुए हैं
पहाड़ों पर हो रही बारिश से नदियों के जल स्तर में इजाफा हो रहा है। प्रशासन नजर बनाए हुए है। सतर्कता बरती जा रही है।
-विनय पाठक, एडीएम
बैराजों से छोड़ा गया पानी
घाघरा 95657 क्यूसेक
शारदा बैराज 19636 क्यूसेक
बनबसा 133646 क्यूसेक