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बदली-बारिश और धूप, मौसम का कुछ ऐसा रहा रूप

Sat, 30 Jun 2018 01:04 AM IST
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:04 AM IST
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बदली-बारिश और धूप, मौसम का कुछ ऐसा रहा रूप
अचानक हुई बारिश ने लोगों को किया तरबतर, दिन भर करवट बदलता रहा
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सीतापुर। जिले में शुक्रवार को मौसम ने कई बार करवट बदली। सुबह आसमान में बादल छाए रहे जिसके बाद धूप निकल आई। धूप-छांव के बीच दोपहर को मौसम का मिजाज अचानक फिर बदला और बारिश शुरू हो गई। एकाएक होने वाली बारिश ने शहर की सड़कों पर चहलकदमी करने वाले लोगों को तरबतर कर दिया।

कुछ देर बाद बारिश थमने पर धूप फिर निकली। जिससे उमस बढ़ गई। पारा 35 डिग्री दर्ज किया गया। अगले दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह मिलाजुला रहने की संभावना है। शुक्रवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलती रहीं। जिससे लगा कि मौसम इसी तरह सुहाना बना रहेगा।
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लेकिन अगले ही पहर आसमान साफ होने पर धूप निकल आई। आसमान में कभी बादल उमड़ने-घुमड़ने लगते तो कभी धूप निकल आती। यह सिलसिला दोपहर तक चला। दोपहर के समय एकाएक काले बादलों ने आसमान में डेरा जमाते हुए बरसना शुरू कर दिया।
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शहर मुख्यालय के अलावा जिले के कई हिस्सों में बारिश होने से बगैर छाता लिए बाहर निकले लोग पूरी तरह तरबतर हो गए। बारिश ने मौसम बेहद सुहाना कर दिया। हालांकि कुछ देर बरसने के बाद चली तेज हवा से आसमान साफ हो गया।

जिसके बाद फिर धूप निकल आई। बारिश के बाद निकली धूप ने थोड़ी उमस बढ़ा दी। घरों के अंदर उमस ने सताया लेकिन बाहर तेज हवा ने राहत प्रदान की। देर शाम तक मौसम का मिलाजुला असर बना रहा।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले चौबीस घंटों तक आसमान में आंशिक बादल छाए रहने और कहीं छिटपुट तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।

बरसे बदरा तो तेज हुई धान की रोपाई
जिले में पिछले दो दिनों से थोड़ा-थोड़ा ही सही होने वाली बारिश ने खरीफ फसलों की बुआई को तेजी प्रदान कर दी है। सबसे ज्यादा खुशी धान की रोपाई करने वाले किसानों में नजर आ रही है। दरअसल, धान की रोपाई के लिए खेत में पानी भरा होना जरूरी है।


इंद्रदेव की मेहरबानी से ज्यादातर खेतों में धान की रोपाई करने लायक पानी भर गया है। किसान कल्लू व जगन्नाथ बताते हैं कि जिनके खेत तैयार थे उन किसानों ने धान की रोपाई शुरू हो गई है। जबकि अन्य किसान खेतों की जुताई करने में जुट गए हैं। जुताई करने से नमी ज्यादा दिनों तक बनी रहती है। धान के लिए नमी फायदेमंद होती है।
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