{"_id":"5bd0baacbdec2269ac7ee44a","slug":"181540405932-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाब में दिखा मगरमच्छ, दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाब में दिखा मगरमच्छ, दहशत
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लहरपुर (सीतापुर)। तालगांव कोतवाली के कलां बहादुरपुर के ग्रामीणों को खंभा तालाब में एक मगरमच्छ दिखाई दिया। आननफानन ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम तालाब में अधिक पानी होने से उसका पता नहीं लगा सकी। तालाब में मगरमच्छ होने से ग्रामीण सहमे हुए हैं।
मालूम हो कि कोतवाली इलाके के कलां बहादुरपुर में ग्रामीणों ने खंभा तालाब में मगरमच्छ देखा। देखते ही देखते तालाब किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई। मगरमच्छ के दिखाई देने से लोग सहम भी गए। आननफानन ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
खबर पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तालाब में मगरमच्छ की तलाश की। पर तालाब में पानी अधिक होने की वजह से उसका कहीं पता नहीं चल सका। जबकि गांव में तालाब के पास प्राथमिक विद्यालय भी है, जहां छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। फॉरेस्टर गिरीश पाल सिंह ने बताया कि मौके पर बीट निरीक्षक भगवान स्वरूप मिश्रा मौजूद हैं, वो तालाब पर नजर रखे हुए हैं।
विज्ञापन
तालाब में पानी ज्यादा होने के कारण और सिंघाड़े की बेल बड़ी होने के कारण जाल डाला नहीं जा रहा है, जैसे ही वह बाहर आएगा उसे पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ गोबर खाने का शौकीन है। तालाब किनारे गोबर रख दिया गया है। खाने आने पर उसे पकड़कर नदी में डाल दिया जाएगा।
विज्ञापन
मालूम हो कि कोतवाली इलाके के कलां बहादुरपुर में ग्रामीणों ने खंभा तालाब में मगरमच्छ देखा। देखते ही देखते तालाब किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई। मगरमच्छ के दिखाई देने से लोग सहम भी गए। आननफानन ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
विज्ञापन
खबर पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तालाब में मगरमच्छ की तलाश की। पर तालाब में पानी अधिक होने की वजह से उसका कहीं पता नहीं चल सका। जबकि गांव में तालाब के पास प्राथमिक विद्यालय भी है, जहां छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। फॉरेस्टर गिरीश पाल सिंह ने बताया कि मौके पर बीट निरीक्षक भगवान स्वरूप मिश्रा मौजूद हैं, वो तालाब पर नजर रखे हुए हैं।
विज्ञापन
तालाब में पानी ज्यादा होने के कारण और सिंघाड़े की बेल बड़ी होने के कारण जाल डाला नहीं जा रहा है, जैसे ही वह बाहर आएगा उसे पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ गोबर खाने का शौकीन है। तालाब किनारे गोबर रख दिया गया है। खाने आने पर उसे पकड़कर नदी में डाल दिया जाएगा।