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बूदाबांदी से फसलों पर पड़ा आंशिक रुप से असर
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कई जगह पर खेत में गिरी सरसों की फसल, किसान चिंतित
सीतापुर। कड़ाके की सर्दी के बीच रविवार को हुई बूंदाबांदी से फसलों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। हवा के संग बारिश में गेहूं, सरसों व दलहन की फसलें कई जगह लुढ़क गई हैं। इससे किसान चिंतित हैं। वहीं कृषि विभाग का कहना है कि बूंदाबांदी से कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ है। हल्की फुल्की फसलें तो आमतौर पर गिर जाती हैं।
जिले में इस समय गेहूं, जौ, मक्का, चना, मटर, मसूर, तोरिया, राई, सरसों, अलसी की फसल बोई गई हैं। ये अगले माह तक तैयार हो जाएंगी। रविवार को दिन में अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। पहले बादल गरजे। फिर बूंदाबांदी के साथ हल्के से ओले गिरे। मगर ये सब बहुत कम ही समय हुआ।
इससे थानगांव, रेउसा, महोली, पिसावां, मिश्रिख, महमूदाबाद में सरसों की फसल को कुछ जगह पर नुकसान हुआ। खेत में तैयार हो रही खड़ी फसल गिर गई। किसान जब खेत पहुंचे तो वह दंग रह गए। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं।
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वहीं जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय का कहना है कि जिले में बारिश नहीं हुई है। रविवार को हल्की बूंदाबांदी हुई थी। इससे फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। इसी वजह से इनका आंकलन नहीं कराया गया है।
67 फीसदी पूरा हुआ लक्ष्य
जिले में गेहूं की बोआई का लक्ष्य 214504 हेक्टेयर निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 57 फीसदी फसल की बोआई की गई है। इसी तरह जौ की बोआई लक्ष्य के सापेक्ष 86 फीसदी, मक्का, चना व मटर की सौ फीसदी, मसूर 97 फीसदी, तोरिया, राई व अलसी की फसल बोआई का सौ फीसदी लक्ष्य पूरा हुआ है।
जिले में इन फसलों की बोआई का लक्ष्य 285920 हेक्टेयर भूमि पर रखा गया था। जिसके सापेक्ष 193181 हेक्टेयर जमीन पर फसल की पैदावार की गई है। ये लक्ष्य का 67.56 फीसदी हासिल हुआ है।
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सीतापुर। कड़ाके की सर्दी के बीच रविवार को हुई बूंदाबांदी से फसलों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। हवा के संग बारिश में गेहूं, सरसों व दलहन की फसलें कई जगह लुढ़क गई हैं। इससे किसान चिंतित हैं। वहीं कृषि विभाग का कहना है कि बूंदाबांदी से कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ है। हल्की फुल्की फसलें तो आमतौर पर गिर जाती हैं।
जिले में इस समय गेहूं, जौ, मक्का, चना, मटर, मसूर, तोरिया, राई, सरसों, अलसी की फसल बोई गई हैं। ये अगले माह तक तैयार हो जाएंगी। रविवार को दिन में अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। पहले बादल गरजे। फिर बूंदाबांदी के साथ हल्के से ओले गिरे। मगर ये सब बहुत कम ही समय हुआ।
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इससे थानगांव, रेउसा, महोली, पिसावां, मिश्रिख, महमूदाबाद में सरसों की फसल को कुछ जगह पर नुकसान हुआ। खेत में तैयार हो रही खड़ी फसल गिर गई। किसान जब खेत पहुंचे तो वह दंग रह गए। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं।
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वहीं जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय का कहना है कि जिले में बारिश नहीं हुई है। रविवार को हल्की बूंदाबांदी हुई थी। इससे फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। इसी वजह से इनका आंकलन नहीं कराया गया है।
67 फीसदी पूरा हुआ लक्ष्य
जिले में गेहूं की बोआई का लक्ष्य 214504 हेक्टेयर निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 57 फीसदी फसल की बोआई की गई है। इसी तरह जौ की बोआई लक्ष्य के सापेक्ष 86 फीसदी, मक्का, चना व मटर की सौ फीसदी, मसूर 97 फीसदी, तोरिया, राई व अलसी की फसल बोआई का सौ फीसदी लक्ष्य पूरा हुआ है।
जिले में इन फसलों की बोआई का लक्ष्य 285920 हेक्टेयर भूमि पर रखा गया था। जिसके सापेक्ष 193181 हेक्टेयर जमीन पर फसल की पैदावार की गई है। ये लक्ष्य का 67.56 फीसदी हासिल हुआ है।