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उमस भरी गर्मी के आगे पस्त हुए अभ्यर्थी, छह पहुंचे अस्पताल
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:33 PM IST
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उमस भरी गर्मी में पस्त हुए अभ्यर्थी, छह पहुंचे अस्पताल
सीतापुर। दिल में उमंगें थी। जोश हिलोरे मार रहा था। हर शख्स दो सितारों से लैस खाकी वर्दी पाने के लिए दौड़ लगाने को बेताब नजर आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि मानो जैसे ही दौड़ शुरू होगी, वे अपना लक्ष्य कुछ ही समय में पूरा कर लेंगे। लेकिन जब उन्हें ट्रैक पर उतारा गया, तब उमस भरी गर्मी के आगे उनका जोश पस्त होकर रह गया। कोई बीच राह में ही औंधे मुंह गिर गया तो कोई लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचते-पहुंचते रह गया। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को 11 वीं वाहिनी पीएसी मैदान में फिर देखने को मिला। जहां पर दौड़ पूरी करने से पहले ही छह अभ्यर्थी अस्पताल पहुंच गए। गनीमत यह रही कि अस्पताल में कुछ देर इलाज चलने के बाद उनकी हालत में तेजी से सुधार हुआ।
शनिवार की सुबह कुल 436 अभ्यर्थी दौड़ के लिए ट्रैक पर उतरे। दौड़ पूरी होती इससे पहले ही रायबरेली जिले के सरौनी थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी आदर्श कुमार, रायबरेली के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम भीरा निवासी नरेंद्र, शाहजहांपुर के सुभाष नगर निवासी विकास यादव, हरियाणा के भिवानी थाना क्षेत्र के टाड़ी केरुला भवानी खेड़ा निवासी नरेश कुमार, देवरिया के सिविल लाइंस निवासी अखिलेश व लखीमपुर खीरी के खीरी थाना क्षेत्र के मल्लपुर निवासी मनोज कुमार बेहाल होकर गिर पड़े। मैदान पर मौजूद एंबुलेंस से छहों अभ्यर्थियों को जिला अस्पताल भेजा गया। यहां पर डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर लिया। भर्ती होने के करीब दो घंटे बाद इन अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया। इस दौरान दौड़ में पस्त हुए अभ्यर्थी लक्ष्य न पाने की टीस लेकर मायूस नजर आए। सुबह हुई दौड़ में 436 में कुल 314 अभ्यर्थी ही लक्ष्य को प्राप्त कर सके। जबकि 122 अभ्यर्थी फेल हो गए। इधर शाम के वक्त हुई दौड़ में कोई भी अभ्यर्थी इतना बेहाल नहीं हुआ कि उसे अस्पताल ले जाना पड़े। शाम को कुल 104 अभ्यर्थियों ने दौड़ लगाई। इसमें से महज 65 अभ्यर्थी ही लक्ष्य को प्राप्त कर सके। जबकि 39 अभ्यर्थी फेल हो गए। शाम को कुछ अभ्यर्थी ऐसे जरूर नजर आए जो दौड़ पूरी करने के बाद हांफते नजर आए, जिन्हें मैदान पर ही इलाज देकर ठीक कर दिया गया। इस मौके पर एएसपी मधुबन सिंह, एसडीएम प्रभाकांत अवस्थी, सीओ पवन गौतम, आरआई चंद्रप्रकाश आदि मौजूद थे।
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सीतापुर। दिल में उमंगें थी। जोश हिलोरे मार रहा था। हर शख्स दो सितारों से लैस खाकी वर्दी पाने के लिए दौड़ लगाने को बेताब नजर आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि मानो जैसे ही दौड़ शुरू होगी, वे अपना लक्ष्य कुछ ही समय में पूरा कर लेंगे। लेकिन जब उन्हें ट्रैक पर उतारा गया, तब उमस भरी गर्मी के आगे उनका जोश पस्त होकर रह गया। कोई बीच राह में ही औंधे मुंह गिर गया तो कोई लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचते-पहुंचते रह गया। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को 11 वीं वाहिनी पीएसी मैदान में फिर देखने को मिला। जहां पर दौड़ पूरी करने से पहले ही छह अभ्यर्थी अस्पताल पहुंच गए। गनीमत यह रही कि अस्पताल में कुछ देर इलाज चलने के बाद उनकी हालत में तेजी से सुधार हुआ।
शनिवार की सुबह कुल 436 अभ्यर्थी दौड़ के लिए ट्रैक पर उतरे। दौड़ पूरी होती इससे पहले ही रायबरेली जिले के सरौनी थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी आदर्श कुमार, रायबरेली के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम भीरा निवासी नरेंद्र, शाहजहांपुर के सुभाष नगर निवासी विकास यादव, हरियाणा के भिवानी थाना क्षेत्र के टाड़ी केरुला भवानी खेड़ा निवासी नरेश कुमार, देवरिया के सिविल लाइंस निवासी अखिलेश व लखीमपुर खीरी के खीरी थाना क्षेत्र के मल्लपुर निवासी मनोज कुमार बेहाल होकर गिर पड़े। मैदान पर मौजूद एंबुलेंस से छहों अभ्यर्थियों को जिला अस्पताल भेजा गया। यहां पर डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर लिया। भर्ती होने के करीब दो घंटे बाद इन अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया। इस दौरान दौड़ में पस्त हुए अभ्यर्थी लक्ष्य न पाने की टीस लेकर मायूस नजर आए। सुबह हुई दौड़ में 436 में कुल 314 अभ्यर्थी ही लक्ष्य को प्राप्त कर सके। जबकि 122 अभ्यर्थी फेल हो गए। इधर शाम के वक्त हुई दौड़ में कोई भी अभ्यर्थी इतना बेहाल नहीं हुआ कि उसे अस्पताल ले जाना पड़े। शाम को कुल 104 अभ्यर्थियों ने दौड़ लगाई। इसमें से महज 65 अभ्यर्थी ही लक्ष्य को प्राप्त कर सके। जबकि 39 अभ्यर्थी फेल हो गए। शाम को कुछ अभ्यर्थी ऐसे जरूर नजर आए जो दौड़ पूरी करने के बाद हांफते नजर आए, जिन्हें मैदान पर ही इलाज देकर ठीक कर दिया गया। इस मौके पर एएसपी मधुबन सिंह, एसडीएम प्रभाकांत अवस्थी, सीओ पवन गौतम, आरआई चंद्रप्रकाश आदि मौजूद थे।
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