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Sitapur News: बिजली संकट से जूझ रहे 1570 गांव
Fri, 09 Oct 2026 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:06 AM IST
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मिश्रिख में तेज आंधी से बिजली के तारों पर गिरी पेड़ की डाल।
सीतापुर। जिले में बुधवार को आई तेज आंधी और बारिश ने पहले से चरमराई बिजली व्यवस्था को और झटका दिया। आंधी के दौरान 1570 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। जगह-जगह बिजली के खंभे टूटने, तार गिरने, जंपर उड़ने और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों में आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इससे ग्रामीणों के सामने पेयजल से लेकर रोजमर्रा के कामकाज तक की समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में 200 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए। कई स्थानों पर तार जमीन पर गिर गए, जबकि फीडरों पर जंपर और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हुई। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने से पूरे गांव की बिजली गुल हो गई। रेउसा, रामपुर मथुरा, महमूदाबाद, पिसावां, बिसवां, तंबौर, लहरपुर, औरंगाबाद और संदना समेत कई इलाकों में बिजली संकट गहरा गया है।
बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और उपकरणों को दुरुस्त करने में जुटी हैं। हालांकि, कई स्थानों पर खंभे बदलने और नई लाइन खींचने में समय लग रहा है।
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पहले से संकट, अब और बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश और बाढ़ के बाद जिले के कई गांव पहले से ही बिजली संकट से जूझ रहे थे। कई इलाकों में टूटे खंभों और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत भी पूरी नहीं हो पाई थी। ऐसे में नई आंधी ने बिजली बहाली के काम को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
ग्रामीण राकेश, महेश, उदित, रामलखन, प्यारेलाल और हर्ष का कहना है कि बिजली न आने से घरों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मोबाइल चार्ज करने, बच्चों की पढ़ाई और छोटे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। आटा चक्की, वेल्डिंग, दुकानों समेत बिजली से चलने वाले अन्य कामकाज भी प्रभावित हैं। पहले से लंबी कटौती झेल रहे ग्रामीण इलाकों में नए फॉल्ट आने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभाग के सामने पुराने फॉल्ट दूर करने के साथ आंधी से हुए नए नुकसान की मरम्मत करने की दोहरी चुनौती है।
मरम्मत में जुटी हैं टीमें
अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि आंधी से काफी नुकसान हुआ है। बिजली विभाग की टीमें गांवों की आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। शहर की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
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आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में 200 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए। कई स्थानों पर तार जमीन पर गिर गए, जबकि फीडरों पर जंपर और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हुई। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने से पूरे गांव की बिजली गुल हो गई। रेउसा, रामपुर मथुरा, महमूदाबाद, पिसावां, बिसवां, तंबौर, लहरपुर, औरंगाबाद और संदना समेत कई इलाकों में बिजली संकट गहरा गया है।
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बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और उपकरणों को दुरुस्त करने में जुटी हैं। हालांकि, कई स्थानों पर खंभे बदलने और नई लाइन खींचने में समय लग रहा है।
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पहले से संकट, अब और बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश और बाढ़ के बाद जिले के कई गांव पहले से ही बिजली संकट से जूझ रहे थे। कई इलाकों में टूटे खंभों और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत भी पूरी नहीं हो पाई थी। ऐसे में नई आंधी ने बिजली बहाली के काम को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
ग्रामीण राकेश, महेश, उदित, रामलखन, प्यारेलाल और हर्ष का कहना है कि बिजली न आने से घरों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मोबाइल चार्ज करने, बच्चों की पढ़ाई और छोटे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। आटा चक्की, वेल्डिंग, दुकानों समेत बिजली से चलने वाले अन्य कामकाज भी प्रभावित हैं। पहले से लंबी कटौती झेल रहे ग्रामीण इलाकों में नए फॉल्ट आने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभाग के सामने पुराने फॉल्ट दूर करने के साथ आंधी से हुए नए नुकसान की मरम्मत करने की दोहरी चुनौती है।
मरम्मत में जुटी हैं टीमें
अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि आंधी से काफी नुकसान हुआ है। बिजली विभाग की टीमें गांवों की आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। शहर की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।