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ठेकेदारी में माफियाराज का खात्मा, पारदर्शी होगी प्रक्रिया
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:48 AM IST
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ठेकेदारी में अब माफियाराज के खात्मे की उम्मीद
सीतापुर। अब ठेकेदारी में माफियाराज खत्म होगा। प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। अफसरों की टेंशन भी बेहद कम हो जाएगी और कोई भी इच्छुक व्यक्ति पात्रता की शर्तें पूरी कर कहीं से भी टेंडर भर सकेगा।
यह सब ई-टेंडरिंग से संभव होगा। एक सितंबर से सभी सरकारी विभागों निगमों और बोर्डो में ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू हो गई है। जिले में इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां 93 कर्मियों को ई-टेंडरिंग के संबंध में प्रशिक्षित किया गया है।
विभागों को इसके लिए जरूरी हार्डवेयर, प्रशिक्षण, डिजिटल सिग्नेचर आदि की व्यवस्था एनआईसी उपलब्ध कराएगी। इसमें निविदा शुल्क (टेंडर फीस) के भुगतान तथा धरोहर राशि (ईएमडी) के भुगतान एवं वापसी की प्रक्रिया भी भौतिक प्रारूप में न करके ऑनलाइन की जाएगी।
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इसके अलावा दबंग-माफिया किस्म के ठेकेदारों का बोलबाला रहता था। ठेकेदारी में माफियाराज खत्म करने व प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की गई है।
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सीतापुर। अब ठेकेदारी में माफियाराज खत्म होगा। प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। अफसरों की टेंशन भी बेहद कम हो जाएगी और कोई भी इच्छुक व्यक्ति पात्रता की शर्तें पूरी कर कहीं से भी टेंडर भर सकेगा।
यह सब ई-टेंडरिंग से संभव होगा। एक सितंबर से सभी सरकारी विभागों निगमों और बोर्डो में ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू हो गई है। जिले में इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां 93 कर्मियों को ई-टेंडरिंग के संबंध में प्रशिक्षित किया गया है।
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विभागों को इसके लिए जरूरी हार्डवेयर, प्रशिक्षण, डिजिटल सिग्नेचर आदि की व्यवस्था एनआईसी उपलब्ध कराएगी। इसमें निविदा शुल्क (टेंडर फीस) के भुगतान तथा धरोहर राशि (ईएमडी) के भुगतान एवं वापसी की प्रक्रिया भी भौतिक प्रारूप में न करके ऑनलाइन की जाएगी।
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इसके अलावा दबंग-माफिया किस्म के ठेकेदारों का बोलबाला रहता था। ठेकेदारी में माफियाराज खत्म करने व प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की गई है।