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तालाब में डूबकर दो बच्चों की गई जान
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:50 PM IST
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। थाना क्षेत्र के केशवापुर गांव में रविवार की शाम मवेशी चराने गए दो बच्चों की तालाब में डूबकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी पाकर एसडीएम व इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची।
रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के केशवापुर गांव निवासी कृपाशंकर का बेटा बलराम (12) और उनके पड़ोसी मिश्रीलाल की बेटी (12) सीता उच्च प्राथमिक विद्यालय मध्यपुर डिहुवा में कक्षा छह के छात्र थे। अक्सर यह दोनों बच्चे खाली समय में मवेशी चराने जाया करते थे। रविवार को अवकाश होने से वह दोनों शाम के समय मवेशी चराने गए हुए थे।
बताया जाता है कि सीता की भैंस गांव के पास स्थित भट्ठा तालाब के गहरे पानी में उतर गई। भैंस को बाहर निकालने के लिए सीता भी तालाब में उतर गई। तालाब के गहरे पानी में पहुंचने से वह डूबने लगी। सीता को डूबता देख बलराम उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। परिवारीजनों के मुताबिक दोनों बच्चे तैरना नहीं जानते थे। इसलिए तालाब के गहरे पानी में डूब गए।
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घटना की सूचना पाकर पहुंचे ग्रामीणों ने तालाब से उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। अचानक हुई इस घटना से गांव में मातम छा गया है। खबर पाकर एसडीएम महमूदाबाद संतोष कुमार राय व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने बताया कि पीड़ित परिवारीजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
मरते दम तक नहीं छोड़ा सहपाठी का साथ
बलराम और सीता एक ही स्कूल में एक ही कक्षा में पढ़ते थे। गांव में भी उनका घर पासपास में ही था। इसलिए दोनों में अच्छी बनती थी। एक साथ स्कूल जाना, साथ-साथ खेलना और यहां तक कि मवेशी चराने भी साथ ही जाते थे। इन बच्चों की यह दोस्ती मरते दम तक कायम रही। सीता को डूबता देख बलराम ने हिम्मत नहीं हारी और उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। वह उसे बचा नहीं सका, लेकिन मरते दम तक साथ भी नही छोड़ा।
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रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के केशवापुर गांव निवासी कृपाशंकर का बेटा बलराम (12) और उनके पड़ोसी मिश्रीलाल की बेटी (12) सीता उच्च प्राथमिक विद्यालय मध्यपुर डिहुवा में कक्षा छह के छात्र थे। अक्सर यह दोनों बच्चे खाली समय में मवेशी चराने जाया करते थे। रविवार को अवकाश होने से वह दोनों शाम के समय मवेशी चराने गए हुए थे।
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बताया जाता है कि सीता की भैंस गांव के पास स्थित भट्ठा तालाब के गहरे पानी में उतर गई। भैंस को बाहर निकालने के लिए सीता भी तालाब में उतर गई। तालाब के गहरे पानी में पहुंचने से वह डूबने लगी। सीता को डूबता देख बलराम उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। परिवारीजनों के मुताबिक दोनों बच्चे तैरना नहीं जानते थे। इसलिए तालाब के गहरे पानी में डूब गए।
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घटना की सूचना पाकर पहुंचे ग्रामीणों ने तालाब से उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। अचानक हुई इस घटना से गांव में मातम छा गया है। खबर पाकर एसडीएम महमूदाबाद संतोष कुमार राय व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम ने बताया कि पीड़ित परिवारीजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
मरते दम तक नहीं छोड़ा सहपाठी का साथ
बलराम और सीता एक ही स्कूल में एक ही कक्षा में पढ़ते थे। गांव में भी उनका घर पासपास में ही था। इसलिए दोनों में अच्छी बनती थी। एक साथ स्कूल जाना, साथ-साथ खेलना और यहां तक कि मवेशी चराने भी साथ ही जाते थे। इन बच्चों की यह दोस्ती मरते दम तक कायम रही। सीता को डूबता देख बलराम ने हिम्मत नहीं हारी और उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। वह उसे बचा नहीं सका, लेकिन मरते दम तक साथ भी नही छोड़ा।