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पहाड़ों की बारिश बढ़ा रही घाघरा का जलस्तर
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:06 AM IST
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गांवों की तरफ जाने वाले नालों में हिलोरे मार रहा नदी का पानी, क्षेत्रवासियों में हड़कंप
रेउसा (सीतापुर)। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर जिले के गांजरी इलाका रेउसा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालत यह है कि जो नाले गांव के बरसाती पानी को घाघरा में गिराते थे।
उन नालों में पानी की धार उल्टी तरफ चलने लगी है। घाघरा का जलस्तर बढ़ने की वजह से गांव के नाले उफनाने लगे हैं। नदी का पानी उल्टी दिशा में गांवों की तरफ बढ़ रहा है। इससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का रुख देख तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में हड़कंप है।
हाल के दिनों में घाघरा नदी का रुख थोड़ा नरम पड़ा था। लेकिन बीते दो दिनों से नदी के जलस्तर में फिर से इजाफा होने लगा है। इससे बाढ़ का आहट तेज होती नजर आ रही है। उधर बैराजों से भी अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जाने लगा है। जिसकी वजह से आने वाले दिनों में राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
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चहलारी पुल, लोधपुरवा परमेश्वर पुरवा, कटैला, दुर्गापुरवा व कोनी के करीब मौजूद बरसाती नालों में घाघरा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। नालों के जरिए से यह पानी आबादी का रुख कर रहा है। इससे बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है।
इधर शारदा व घाघरा बैराजों से कुल 94,395 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे घाघरा के जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना है। बात अगर पहाड़ों करें तो वहां पर हो रही बारिश भी राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रही है। जिसकी वजह से बनबसा बैराज के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है।
बुधवार को बनबसा बैराज से 83,036 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर में और भी इजाफा होगा। बाढ़ की आहट पाकर तटीय क्षेत्र के बाशिंदों ने तटीय इलाके को छोड़ना शुरू कर दिया है। तटीय क्षेत्र के बाशिंदे परिवारों के साथ सुरक्षित ठिकानों की तरफ कूच कर रहे हैं।
टापू से निकले 10 परिवार
घाघरा के बढ़ते जलस्तर को देख टापू पर मौजूद परिवार खतरा भांप गए हैं। यही वजह रही कि दस परिवार टापू को छोड़कर नदी पार आ गए हैं। टापू पर बसे नंगूलाल, लाल बिहारी, जनकलाल, गुरुप्यारे, हवलदार, पुतान, मोतीलाल, मुनेजर, बड़ेलाल, रामदास नावों पर गृहस्थी का सामान रखकर घाघरा नदी के पार आए।
इधर सभी परिवारों ने नयापुरवा में अपना आशियाना बनाना शुरू कर दिया है। इन परिवारों ने बताया कि जल्द ही टापू पर मौजूद अन्य परिवार भी वहां से कूच करके नदी पार आएंगे।
रखी जा रही नजर
घाघरा व शारदा नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। इधर घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन हालात अभी सामान्य हैं। प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं।
-शशिभूषण, एसडीएम
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रेउसा (सीतापुर)। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर जिले के गांजरी इलाका रेउसा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालत यह है कि जो नाले गांव के बरसाती पानी को घाघरा में गिराते थे।
उन नालों में पानी की धार उल्टी तरफ चलने लगी है। घाघरा का जलस्तर बढ़ने की वजह से गांव के नाले उफनाने लगे हैं। नदी का पानी उल्टी दिशा में गांवों की तरफ बढ़ रहा है। इससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का रुख देख तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में हड़कंप है।
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हाल के दिनों में घाघरा नदी का रुख थोड़ा नरम पड़ा था। लेकिन बीते दो दिनों से नदी के जलस्तर में फिर से इजाफा होने लगा है। इससे बाढ़ का आहट तेज होती नजर आ रही है। उधर बैराजों से भी अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जाने लगा है। जिसकी वजह से आने वाले दिनों में राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
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चहलारी पुल, लोधपुरवा परमेश्वर पुरवा, कटैला, दुर्गापुरवा व कोनी के करीब मौजूद बरसाती नालों में घाघरा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। नालों के जरिए से यह पानी आबादी का रुख कर रहा है। इससे बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है।
इधर शारदा व घाघरा बैराजों से कुल 94,395 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे घाघरा के जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना है। बात अगर पहाड़ों करें तो वहां पर हो रही बारिश भी राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रही है। जिसकी वजह से बनबसा बैराज के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है।
बुधवार को बनबसा बैराज से 83,036 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर में और भी इजाफा होगा। बाढ़ की आहट पाकर तटीय क्षेत्र के बाशिंदों ने तटीय इलाके को छोड़ना शुरू कर दिया है। तटीय क्षेत्र के बाशिंदे परिवारों के साथ सुरक्षित ठिकानों की तरफ कूच कर रहे हैं।
टापू से निकले 10 परिवार
घाघरा के बढ़ते जलस्तर को देख टापू पर मौजूद परिवार खतरा भांप गए हैं। यही वजह रही कि दस परिवार टापू को छोड़कर नदी पार आ गए हैं। टापू पर बसे नंगूलाल, लाल बिहारी, जनकलाल, गुरुप्यारे, हवलदार, पुतान, मोतीलाल, मुनेजर, बड़ेलाल, रामदास नावों पर गृहस्थी का सामान रखकर घाघरा नदी के पार आए।
इधर सभी परिवारों ने नयापुरवा में अपना आशियाना बनाना शुरू कर दिया है। इन परिवारों ने बताया कि जल्द ही टापू पर मौजूद अन्य परिवार भी वहां से कूच करके नदी पार आएंगे।
रखी जा रही नजर
घाघरा व शारदा नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। इधर घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन हालात अभी सामान्य हैं। प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं।
-शशिभूषण, एसडीएम