फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   धनिया बाजार से गायब, टमाटर के दाम भी छू रहे आसमान

धनिया बाजार से गायब, टमाटर के दाम भी छू रहे आसमान

Thu, 29 Jun 2017 11:03 PM IST
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
धनिया बाजार से गायब, टमाटर के दाम भी छू रहे आसमान
धनिया बाजार से गायब, टमाटर के दाम छू रहे आसमान
विज्ञापन


सीतापुर। महंगाई ने इन दिनों रसोईं का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। दबे पांव रसोई में पहुंची महंगाई ने लोगों के होश उड़ाकर रख दिए हैं। हालत ये है कि चटनी का स्वाद भी लोगों को नसीब नहीं हो रहा है। बाजार से हरी धनिया गायब हो गई है, जबकि टमाटर के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
घरों के रसोई की हालत ये होती है कि अगर सब्जी मंहगी होती है तब लोग टमाटर व धनिए की चटनी से काम चला लेते हैं, लेकिन इन दिनों यह चटनी ही आम लोगों से दूर हो गई है। सलाद में टमाटर के टुकड़े बमुश्किल से देखने को मिल रहे हैं, जबकि धनियां तलाशे ही नहीं मिल रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि एक माह पहले तक की बात है, जब ग्राहक सब्जी खरीदते समय, थोड़ी बहुत धनिया मुफ्त में ही ले जाता था। उस दौरान दुकानदारों को रत्तीभर भी आभास नहीं था, कि जिस धनिया को लेकर वे इस कदर बेपरवाह हैं, एक माह बाद वहीं धनियां बाजार में तलाशे से भी न मिलेगी। ठीक ऐसा ही हाल टमाटर का भी हो गया है। बाजार में धनियां एक तो देखने को नहीं मिल रही है। अगर कहीं नजर भी आती है, तब दुकानदार उसका रेट 200 रुपये किलो बताता है। ग्राहक उसे लेना तो दूर, छूने भर की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। टमाटर जो कल तक 20 से 30 रुपये किलो था। इन दिनों वह 80 रुपये किलो बेचा जा रहा है। कुछ अन्य सब्जियों ने भी रसोईं का जायका बिगाड़ कर रख दिया है। जैसे कटीला परवर, गोभी, बंद गोभी, खीरा आदि के भी दाम आसमान छू रहे हैं।
विज्ञापन


नहीं बिकती धनिया
सब्जी विक्रेता विवेक कुमार कहते हैं कि एक माह पहले तक धनिया के थोक के दाम 20 से 30 रुपये तक किलो थे। इस वजह से 40 रुपये किलो तक बाजार में बेच देते थे। अब धनिया 170 से 190 रुपये किलो मिल रही है। जिस ग्राहक को दो सौ रुपये किलो का रेट बताओ, ग्राहक भाग जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


धनिया लाते नहीं, टमाटर भी बिकना मुश्किल
सब्जी विक्रेता धीरू कहते हैं कि धनिया के रेट इस कदर आसमान छू रहे हैं, कि उसे लाना ही बंद कर दिया। अब टमाटर का यह हाल है कि 80 रुपये किलो का रेट सुनते ही ग्राहक उसे हाथ लगाने में भी परहेज करता है। एक समय था जब सबसे अधिक बिक्री टमाटर व धनिया की होती थी, आज के समय में टमाटर का बिकना मुश्किल हो गया है।

चला गया स्वाद
कल्याण कहते हैं रसोई से स्वाद जैसे चला ही गया है। धनिया व टमाटर की चटनी से रसोई का जायका बनता था। सब्जी व दाल के साथ लोग चटनी का मजा लेते थे, लेकिन मंहगाई ने रसोईं का स्वाद बिगाड़ कर रख दिया है। अब तो रसोईं से चटनी का स्वाद ही चला गया है।


रसोईं का बजट बिगड़ा
गोपाल कहते हैं कि सब्जियों के दामों के आए उछाल ने रसोई का बजट बिगाड़कर रख दिया है। यदि गृहणी स्वाद के चक्कर में पड़े, तो रसोई उसके बजट से बाहर हो रही है। यही वजह है कि महिलाएं भी परेशान हैं और घर का मुखिया भी। हालत ये है कि लोग जिस चटनी को मजबूरी में खाते थे, वह चटनी आज चाहने से भी नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed