फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   12 villages vulnerable

12 गांव चपेट में

Sun, 23 Aug 2015 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सीतापुर
अमर उजाला ब्यूरो/ सीतापुर Updated Sun, 23 Aug 2015 11:06 PM IST
विज्ञापन

जिले के गांजरी क्षेत्र में करीब 12 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं घाघरा और विकराल रूप लेती जा रही है। शनिवार रात रेउसा इलाके के कोनी गांव के तीन घर कटकर नदी में समा गए हैं।

विज्ञापन


 यही नहीं रामपुर मथुरा क्षेत्र के दो गांव भी घाघरा की बाढ़ के निशाने पर आ गए हैं, जहां पर नदी तेजी से कटान भी कर रही है। उधर, विभिन्न बैराजों से रविवार को भी करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
विज्ञापन


घाघरा नदी के उफनाने से गांजरी क्षेत्र के ग्राम फौजदार पुरवा, निर्मल पुरवा, गोडिय़न पुरवा, कोनी, सिसैया बाजार, लोध पुरवा, परमेश्वर पुरवा, रामलाल पुरवा आदि बारह गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गांव के सारे रास्ते जलमग्न हैं, वहीं कई घरों में पानी घुस गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीण पानी घटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन घाघरा के जलस्तर में कोई कमी होती नजर नहीं आ रही है। शनिवार रात कोनी निवासी मिल्कीराम, रामदीन व पेशकार के घर कटकर नदी में समा गए हैं। इन घरों में रहने वाले परिवार पहले ही सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर चुके हैं।

पानी न घटने की वजह से अन्य ग्रामीणों ने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन शुरू कर दिया है। रास्तों में पानी भरा होने के कारण लोगों को घरेलू सामान निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी के गांव में भरने से कच्चे घर वाले परिवार काफी परेशान हैं।

उनका कहना है कि यदि इसी तरह से पानी भरा रहा तो, दीवारें कमजोर होकर खुद ही ढह जाएंगी। बहरहाल अधिकांश ग्रामीणों ने निकट की सड़क पर डेरा डाला रखा है। रामपुर मथुरा क्षेत्र के सोती पुरवा व छोटे पुरवा गांव घाघरा नदी के मुहाने पर आ गए हैं।

सोती पुरवा से नदी का पानी सट गया है। इस गांव में करीब 42 घर मौजूद हैं। जिनमें चैनू, साहनी व गुलाब के तीन घर कटान के मुहाने पर हैं। इन घरों में रहने वाले परिवारों ने घरों को छोड़ दिया है।

सरी तरफ छोटे पुरवा से नदी का पानी महज बीस फीट दूरी पर बह रहा है। नदी का विकराल रूप होते देख, इस गांव के ग्रामीणों ने भी घरों को खाली करना शुरू कर दिया है। तटीय क्षेत्र की खेती को नदी बड़ी तेजी से काट रही है।

इससे खेतों में खड़ी फसल भी घाघरा नदी की बाढ़ व कटान की भेंट चढ़ती जा रही है। इन गांवों की बर्बादी देख नदी से करीब दो सौ मीटर दूरी पर बसे कंता पुरवा समेत एक दर्जन गांवों में बाढ़ को लेकर हड़कंप मचा है। ग्रामीण भी सकते में हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो, दो दिनों के भीतर इस क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। रविवार को घाघरा, शारदा व बनबसा बैराज से 192208 क्यूसेक पानी शारदा व घाघरा नदियों में छोड़ गया है। यह पानी सीतापुर से गुजरते समय नदी के जलस्तर में इजाफा जरूर करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed