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शौचालय निर्माण में लापरवाह 28 प्रधानों के वितीय व प्रशासनिक अधिकार सीज
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:34 AM IST
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लापरवाह 28 प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज
सीतापुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में रुचि न दिखाने वाले प्रधानों और ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों पर सीडीओ ने चाबुक चलाई है।
शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने लापरवाह 28 प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार अस्थायी रूप से सीज कर दिए हैं।
15 दिनों में शत-प्रतिशत शौचालय पूर्ण न होने पर त्रिस्तरीय समिति गठित करने की चेतावनी दी है। इन्हें पूर्व में चेतावनी दी गई थी।
प्रगति में सुधार व नोटिस का जवाब न देने पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष निर्माण शुरू न कराने पर 28 ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद चौरसिया ने शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा की। इस दौरान प्रगति असंतोषजनक मिलने पर सख्त रुख अपनाते हुए चाबुक चलाया।
कार्रवाई की जद में 28 प्रधान आए हैं। अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष शौचालय निर्माण की प्रगति खराब मिलने पर इन प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
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दायित्वों की अनदेखी कर कार्यों में लापरवाही बरतने के अलावा नोटिस का जवाब न देने वाले प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार अस्थायी रूप से सीडीओ द्वारा सीज कर दिए गए।
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सीतापुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में रुचि न दिखाने वाले प्रधानों और ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों पर सीडीओ ने चाबुक चलाई है।
शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने लापरवाह 28 प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार अस्थायी रूप से सीज कर दिए हैं।
15 दिनों में शत-प्रतिशत शौचालय पूर्ण न होने पर त्रिस्तरीय समिति गठित करने की चेतावनी दी है। इन्हें पूर्व में चेतावनी दी गई थी।
प्रगति में सुधार व नोटिस का जवाब न देने पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष निर्माण शुरू न कराने पर 28 ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद चौरसिया ने शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा की। इस दौरान प्रगति असंतोषजनक मिलने पर सख्त रुख अपनाते हुए चाबुक चलाया।
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कार्रवाई की जद में 28 प्रधान आए हैं। अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष शौचालय निर्माण की प्रगति खराब मिलने पर इन प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
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दायित्वों की अनदेखी कर कार्यों में लापरवाही बरतने के अलावा नोटिस का जवाब न देने वाले प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार अस्थायी रूप से सीडीओ द्वारा सीज कर दिए गए।