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परिषदीय विद्यालयों में घट रही छात्र संख्या
Updated Tue, 08 Aug 2017 09:15 PM IST
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परिषदीय विद्यालयों में घट रही छात्र संख्या
- तमाम सुविधाएं देने के बावजूद पिछले बरस के मुकाबले कम हुए 57 हजार बच्चे
सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में सरकार द्वारा तमाम सुविधाएं देने के बावजूद सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। इसकी तस्दीक विद्यालयों में पंजीकृत नौनिहालों के आंकड़े कर रहे हैं। पिछले बरस के मुकाबले इस साल छात्र संख्या में गिरावट आई है। पिछले साल जहां पांच लाख 26 हजार नौनिहाल परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत थे। वहीं, इस बार ये संख्या घटकर चार लाख 69 हजार पर पहुंच गई है। हालांकि ये आंकड़ा 30 अप्रैल 2017 तक का है। इधर चले स्कूल चलो अभियान का ब्यौरा अभी विभाग के पास मौजूद नहीं है। इसको एकत्र करने की कवायद चल रही है।
परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों को गुणवत्तापरक शिक्षा व बेहतर स्वास्थ्य के लिए तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं। बच्चों को स्कूल में ही भोजन, यूनिफॉर्म, बैग, बर्तन, कॉपी-किताबें सब कुछ मुफ्त मिल रहा है। इसके बावजूद ये सुविधाएं नौनिहालों को विद्यालय की चौखट तक पहुंचाने में नाकामयाब साबित हो रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक पिछले बरस परिषदीय विद्यालयों में पांच लाख 26 हजार नौनिहाल पढ़ रहे थे। इस बार इनकी संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है। अब ये संख्या सिमटकर चार लाख 69 हजार पर पहुंच गई है। हालांकि ये संख्या चालू शैक्षिक सत्र 30 अप्रैल 2017 तक की है। जबकि मई व जुलाई में स्कूल चलो अभियान चलाया गया था। शिक्षकों ने रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक करके बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की थी। इससे छात्र संख्या बढ़ी तो है मगर कितनी? अभी इसका आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। विभाग का कहना है कि, 31 जुलाई तक का आंकड़ा जुटाया जा रहा है।
डीसी सामुदायिक सहभागिता सत्येंद्र मिश्र का कहना है कि, जुलाई में स्कूल चलो अभियान चला था। इससे छात्र संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। सभी बीईओ से ब्लॉकवार जानकारी एकत्र की जा रही है। एक सप्ताह में आंकड़ा आ जाएगा।
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50 हजार का मिला था बजट
स्कूल चलो अभियान सफल बनाने के लिए जनपद स्तर पर 50 हजार रुपये का बजट शासन ने रिलीज किया था। इस बजट से एक जागरूकता रथ चलवाया गया था। इस रथ ने जनपद के सभी ब्लॉकों में पहुंचकर लोगों के शिक्षा के प्रति जागरूक करके सरकारी योजनाओं की जानकारी दी थी।
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- तमाम सुविधाएं देने के बावजूद पिछले बरस के मुकाबले कम हुए 57 हजार बच्चे
सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में सरकार द्वारा तमाम सुविधाएं देने के बावजूद सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। इसकी तस्दीक विद्यालयों में पंजीकृत नौनिहालों के आंकड़े कर रहे हैं। पिछले बरस के मुकाबले इस साल छात्र संख्या में गिरावट आई है। पिछले साल जहां पांच लाख 26 हजार नौनिहाल परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत थे। वहीं, इस बार ये संख्या घटकर चार लाख 69 हजार पर पहुंच गई है। हालांकि ये आंकड़ा 30 अप्रैल 2017 तक का है। इधर चले स्कूल चलो अभियान का ब्यौरा अभी विभाग के पास मौजूद नहीं है। इसको एकत्र करने की कवायद चल रही है।
परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों को गुणवत्तापरक शिक्षा व बेहतर स्वास्थ्य के लिए तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं। बच्चों को स्कूल में ही भोजन, यूनिफॉर्म, बैग, बर्तन, कॉपी-किताबें सब कुछ मुफ्त मिल रहा है। इसके बावजूद ये सुविधाएं नौनिहालों को विद्यालय की चौखट तक पहुंचाने में नाकामयाब साबित हो रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक पिछले बरस परिषदीय विद्यालयों में पांच लाख 26 हजार नौनिहाल पढ़ रहे थे। इस बार इनकी संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है। अब ये संख्या सिमटकर चार लाख 69 हजार पर पहुंच गई है। हालांकि ये संख्या चालू शैक्षिक सत्र 30 अप्रैल 2017 तक की है। जबकि मई व जुलाई में स्कूल चलो अभियान चलाया गया था। शिक्षकों ने रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक करके बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की थी। इससे छात्र संख्या बढ़ी तो है मगर कितनी? अभी इसका आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। विभाग का कहना है कि, 31 जुलाई तक का आंकड़ा जुटाया जा रहा है।
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डीसी सामुदायिक सहभागिता सत्येंद्र मिश्र का कहना है कि, जुलाई में स्कूल चलो अभियान चला था। इससे छात्र संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। सभी बीईओ से ब्लॉकवार जानकारी एकत्र की जा रही है। एक सप्ताह में आंकड़ा आ जाएगा।
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50 हजार का मिला था बजट
स्कूल चलो अभियान सफल बनाने के लिए जनपद स्तर पर 50 हजार रुपये का बजट शासन ने रिलीज किया था। इस बजट से एक जागरूकता रथ चलवाया गया था। इस रथ ने जनपद के सभी ब्लॉकों में पहुंचकर लोगों के शिक्षा के प्रति जागरूक करके सरकारी योजनाओं की जानकारी दी थी।