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Siddharthnagar News: कर्बला जियारत के लिए रवाना हुए जायरीन
Mon, 22 May 2023 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 22 May 2023 12:22 AM IST
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डुमरियागंज क्षेत्र के ग्राम हल्लौर से कर्बला जियारत के लिए रवाना होते जायरीन। संवाद
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबाड़ा वफ्फ शाह आलमगीर शानी बड़ाइमामबाड़ा में रविवार की दोपहर मरसिया मजलिस आयोजित हुई। जिसके बाद कर्बला की जियारत के लिए जायरीनो शिया श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था रवाना हुआ। लोगों ने कर्बला जा रहे जायरीन को फूल-माला पहनाकर और गले मिलकर विदा किया और उनके सकुशल वतन वापसी की दुआएं मांगी।
मौलाना अली अब्बास ने कहा कि वह इंसान बहुत ही खुशनसीब है, जिसे अपनी जिंदगी में कर्बला, इराक, स्थित हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों के रौजे की जियारत करने का मौका मिलता है। मौलाना अली अब्बास ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन को सभी धर्म, मजहब, जाति के लोग मानते हैं और उनके प्रति श्रद्धा आस्था रखते हैं। मौलाना ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने मानवता और इंसानियत तथा इस्लाम धर्म की हिफाजत के लिए अपने जान की कुर्बानी दी थी। मजलिस से पहले मरसिया अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने पढ़ास हल्लौर से कर्बला के लिए रवाना हुए तीसरे जत्थे में दो पुरुष, चार महिला जायरीन शामिल रहीं। लोग हज यात्रा के लिए भी रवाना हुए। इस दौरान मौलाना शारिब, अली अब्बास, काजिम मेहंदी, बिरजीश आदि मौजूद रहे।
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मौलाना अली अब्बास ने कहा कि वह इंसान बहुत ही खुशनसीब है, जिसे अपनी जिंदगी में कर्बला, इराक, स्थित हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों के रौजे की जियारत करने का मौका मिलता है। मौलाना अली अब्बास ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन को सभी धर्म, मजहब, जाति के लोग मानते हैं और उनके प्रति श्रद्धा आस्था रखते हैं। मौलाना ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने मानवता और इंसानियत तथा इस्लाम धर्म की हिफाजत के लिए अपने जान की कुर्बानी दी थी। मजलिस से पहले मरसिया अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने पढ़ास हल्लौर से कर्बला के लिए रवाना हुए तीसरे जत्थे में दो पुरुष, चार महिला जायरीन शामिल रहीं। लोग हज यात्रा के लिए भी रवाना हुए। इस दौरान मौलाना शारिब, अली अब्बास, काजिम मेहंदी, बिरजीश आदि मौजूद रहे।
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