{"_id":"65c66238463224e5b8077920","slug":"youth-are-writing-the-story-of-progress-through-self-employment-schemes-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-112622-2024-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: स्वरोजगार की योजनाओं से तरक्की की इबारत लिख रहे युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: स्वरोजगार की योजनाओं से तरक्की की इबारत लिख रहे युवा
Fri, 09 Feb 2024 11:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 09 Feb 2024 11:04 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। स्वरोजगार की योजनाओं की धनराशि से जिले के युवा तरक्की की नई इबारत लिख रहे हैं। यह योजनाएं युवाओं के संघर्ष की पथरीली राहों को आसान करती दिख रही हैं। इन्हीं में एक शहर के इलेक्ट्रानिक्स के बड़े दुकानदार सत्यम उपाध्याय के कारोबार में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना की बड़ी भूमिका रही।
उनका कहना है कि कोरोना काल के पहले कारोबार को गति देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन से 9.50 लाख रुपये लिया, जिससे कारोबार में तरक्की की। इसके बाद कोरोना काल की आर्थिक मंदी के दौर में भी मुद्रा लोन से डेढ़ लाख रुपये लेकर कारोबारी संघर्ष में बना रहा।
जिले में ऐसे कई युवा व्यवसायी है जिनके तरक्की के पीछे सरकार की स्वरोजगार की योजनाओं की बड़ी भूमिका रही। उद्योग विभाग से जिले के 866 युवा पांच वर्ष में 72. 96 करोड़ से रोजगार शुरू किया है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पांच वर्ष में जिले के 394 युवाओं ने 34.50 करोड़ का लोन लेकर स्वरोजगार शुरू किया है। जबकि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 297 युवाओं ने 20.18 करोड़ का लोन लेकर रोजगार शुरू किया है। एक जनपद एक उत्पाद मार्जिन मनी योजना के तहत काला नमक चावल की पैकिंग के लिए 175 युवाओं ने 18.27 करोड़ का लोन लेकर रोजगार शुरू किया है। जिले में रोजगार का सृजन बढ़ता जा रहा है। युवा अन्य प्रदेश में नौकरी करने के बजाय अपने जिले में रहकर तरक्की कर रहे हैं। युवाओं को छोटे उद्योग के लिए एक लाख से पचास लाख तक लोन दिया जाता है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग के लिए पीएमईजीपी के तहत 35 प्रतिशत अनुदान व शहरी क्षेत्र के लिए 25 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है।
-- -- -- -- --
प्रति वर्ष 50 से अधिक युवाओं ने लिया ऋण
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में प्रतिवर्ष 50 से अधिक युवा हर वर्ष ऋण लेकर रोजगार कर रहे है। जिसमें युवा निमार्ण व सेवा क्षेत्र में योगदान दे रहे है। रोजगार सृजन में युवा निमार्ण के लिए एक लाख से पचास लाख तक लोन प्राप्त कर सकते है। जिसमें शहरी क्षेत्र के युवाओं को 25 प्रतिशत व ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को 35 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है। जबकि सेवा क्षेत्र के लिए युवाओं को एक लाख से 20 लाख तक लोन मिल रहा है। जिसमें संपूर्ण लोन लेने पर सात लाख का अनुदान मिलता है।
-- -- -- -- -- -
मुख्यमंत्री स्वरोजगार के तहत लोन लेने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री योजना के तहत उद्योग के लिए युवा उद्यमी को अधिकतम 25 लाख तक लोन दिया जाता है। जिसका दो वर्ष तक सफल संचालन के बाद उद्यमी को दो लाख का लोन दिया जाता है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार के तहत लोन लेने के लिए 18 से 40 वर्ष तक का उम्र होना चाहिए। जबकि लोन लेने के लिए हाईस्कूल का उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। जबकि आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाण पत्र, फोटो, निवास प्रमाण पत्र, सामान्य वर्ग के अलावा अन्य वर्ग का जाति प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो, ग्रामीण क्षेत्र में लोन लेने के लिए जनसंख्या प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आवेदन करने के बाद 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले युवाओं का चयन किया जाएगा।
-- -- -- -- -- -
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में लोन लेने की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में लोन लेने के लिए दस्तावेज, आधार कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जनसंख्या प्रमाण पत्र,जाति प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर का होना अनिवार्य है। लोन लेने के लिए युवा updimsme.upsdc.gov.in साइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। साथ ही उद्योग कार्यालय जाकर इसके बारें में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
-- -- -- -- -- -
इन उद्योग के लिए मिलता है लोन
स्वरोजगार के तहत नाई, ब्यूटी पार्लर, ट्रेनिंग सेंटर, रिपेयरिंग सेंटर, रेडीमेंट गार्वेंट, हलवाई, फर्नीचर, टेंट डेकोरेशन, मंडप डेकोरेशन, फिश फुड, जूस मेकिंग, लौंडरी, काला नमक चावल की पैकेट का मैन्यू फैक्चरिंग, आदि उद्योग के लिए लाेन मिलता है।
-- -- -- --
बोले युवा उद्यमी
मुख्यमंत्री स्वरोजगार के तहत तीन लाख का लोन लेकर ब्यूटी पार्लर का कार्य कर रही हूं। लोन मिलने से पार्लर में ग्राहकों के लिए अच्छी व्यवस्था की हूं। इसके लिए चार लोगों का स्टाफ रखा है। लोन से स्वयं का रोजगार कर पाए है।
-अराजुन्निशा, ब्यूटी पार्लर उद्यमी
-- -- -- -- -- -
कंप्यूटर की रिपेयरिंग का शाप खोलना था। जिसके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत पांच लाख का लोन लिया था। लोन मिलने से गांव में ही अपना उद्योग चला रहे हूं। स्वरोजगार होने से रोजगार के लिए अन्य जगहों पर भटकना नहीं पड़ा।
-दुर्गेश चौरसिया, उद्यमी
-- -- --
पढ़ाई पूरी होने के बाद अपने कस्बे में स्वरोजगार करना चाहता था। जिसके लिए मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत पांच लाख का लोन लिया कपड़ा लांड्रिंग का का मशीन लगाए हैं। जिसमें स्वयं के अलावा दो अन्य लोगों को भी रोजगार दिए हैं।
-सुनील कुमार, उद्यमी
-- -- -- -- -- -
टेंट डेकोरेशन का कार्य करते थे। लेकिन उद्योग को बढ़ाने के लिए अधिक पैसे की जरूरत थी। पीएमइजीपी के तहत 2022 में पांच लाख का लोन लिए और टेंट के डेकोरेशन का कार्य आगे बढ़ाए। इस चलाने के लिए चार युवाओं को रोजगार भी दिए हैं।
-सरवर अली, उद्यमी
-- -- -- -- -- -
फोटो है।
युवाओं को जिले में ही रोजगार देने के लिए लघु उद्योग के तहत लोगों को लोन दिया जा रहा है। जिसके लिए बैंक से बात करने के बाद युवा लोन लेकर आसानी से उद्योग लगा रहे है। स्वरोजगार के लिए हर वर्ष अधिक से अधिक युवाओं को लोन दिया जा रहा है।
-दयाशंकर सरोज, उपायुक्त उद्योग
विज्ञापन
उनका कहना है कि कोरोना काल के पहले कारोबार को गति देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन से 9.50 लाख रुपये लिया, जिससे कारोबार में तरक्की की। इसके बाद कोरोना काल की आर्थिक मंदी के दौर में भी मुद्रा लोन से डेढ़ लाख रुपये लेकर कारोबारी संघर्ष में बना रहा।
विज्ञापन
जिले में ऐसे कई युवा व्यवसायी है जिनके तरक्की के पीछे सरकार की स्वरोजगार की योजनाओं की बड़ी भूमिका रही। उद्योग विभाग से जिले के 866 युवा पांच वर्ष में 72. 96 करोड़ से रोजगार शुरू किया है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पांच वर्ष में जिले के 394 युवाओं ने 34.50 करोड़ का लोन लेकर स्वरोजगार शुरू किया है। जबकि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 297 युवाओं ने 20.18 करोड़ का लोन लेकर रोजगार शुरू किया है। एक जनपद एक उत्पाद मार्जिन मनी योजना के तहत काला नमक चावल की पैकिंग के लिए 175 युवाओं ने 18.27 करोड़ का लोन लेकर रोजगार शुरू किया है। जिले में रोजगार का सृजन बढ़ता जा रहा है। युवा अन्य प्रदेश में नौकरी करने के बजाय अपने जिले में रहकर तरक्की कर रहे हैं। युवाओं को छोटे उद्योग के लिए एक लाख से पचास लाख तक लोन दिया जाता है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग के लिए पीएमईजीपी के तहत 35 प्रतिशत अनुदान व शहरी क्षेत्र के लिए 25 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है।
प्रति वर्ष 50 से अधिक युवाओं ने लिया ऋण
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में प्रतिवर्ष 50 से अधिक युवा हर वर्ष ऋण लेकर रोजगार कर रहे है। जिसमें युवा निमार्ण व सेवा क्षेत्र में योगदान दे रहे है। रोजगार सृजन में युवा निमार्ण के लिए एक लाख से पचास लाख तक लोन प्राप्त कर सकते है। जिसमें शहरी क्षेत्र के युवाओं को 25 प्रतिशत व ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को 35 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है। जबकि सेवा क्षेत्र के लिए युवाओं को एक लाख से 20 लाख तक लोन मिल रहा है। जिसमें संपूर्ण लोन लेने पर सात लाख का अनुदान मिलता है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार के तहत लोन लेने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री योजना के तहत उद्योग के लिए युवा उद्यमी को अधिकतम 25 लाख तक लोन दिया जाता है। जिसका दो वर्ष तक सफल संचालन के बाद उद्यमी को दो लाख का लोन दिया जाता है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार के तहत लोन लेने के लिए 18 से 40 वर्ष तक का उम्र होना चाहिए। जबकि लोन लेने के लिए हाईस्कूल का उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। जबकि आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाण पत्र, फोटो, निवास प्रमाण पत्र, सामान्य वर्ग के अलावा अन्य वर्ग का जाति प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो, ग्रामीण क्षेत्र में लोन लेने के लिए जनसंख्या प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आवेदन करने के बाद 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले युवाओं का चयन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में लोन लेने की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में लोन लेने के लिए दस्तावेज, आधार कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जनसंख्या प्रमाण पत्र,जाति प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर का होना अनिवार्य है। लोन लेने के लिए युवा updimsme.upsdc.gov.in साइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। साथ ही उद्योग कार्यालय जाकर इसके बारें में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इन उद्योग के लिए मिलता है लोन
स्वरोजगार के तहत नाई, ब्यूटी पार्लर, ट्रेनिंग सेंटर, रिपेयरिंग सेंटर, रेडीमेंट गार्वेंट, हलवाई, फर्नीचर, टेंट डेकोरेशन, मंडप डेकोरेशन, फिश फुड, जूस मेकिंग, लौंडरी, काला नमक चावल की पैकेट का मैन्यू फैक्चरिंग, आदि उद्योग के लिए लाेन मिलता है।
बोले युवा उद्यमी
मुख्यमंत्री स्वरोजगार के तहत तीन लाख का लोन लेकर ब्यूटी पार्लर का कार्य कर रही हूं। लोन मिलने से पार्लर में ग्राहकों के लिए अच्छी व्यवस्था की हूं। इसके लिए चार लोगों का स्टाफ रखा है। लोन से स्वयं का रोजगार कर पाए है।
-अराजुन्निशा, ब्यूटी पार्लर उद्यमी
कंप्यूटर की रिपेयरिंग का शाप खोलना था। जिसके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत पांच लाख का लोन लिया था। लोन मिलने से गांव में ही अपना उद्योग चला रहे हूं। स्वरोजगार होने से रोजगार के लिए अन्य जगहों पर भटकना नहीं पड़ा।
-दुर्गेश चौरसिया, उद्यमी
पढ़ाई पूरी होने के बाद अपने कस्बे में स्वरोजगार करना चाहता था। जिसके लिए मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत पांच लाख का लोन लिया कपड़ा लांड्रिंग का का मशीन लगाए हैं। जिसमें स्वयं के अलावा दो अन्य लोगों को भी रोजगार दिए हैं।
-सुनील कुमार, उद्यमी
टेंट डेकोरेशन का कार्य करते थे। लेकिन उद्योग को बढ़ाने के लिए अधिक पैसे की जरूरत थी। पीएमइजीपी के तहत 2022 में पांच लाख का लोन लिए और टेंट के डेकोरेशन का कार्य आगे बढ़ाए। इस चलाने के लिए चार युवाओं को रोजगार भी दिए हैं।
-सरवर अली, उद्यमी
फोटो है।
युवाओं को जिले में ही रोजगार देने के लिए लघु उद्योग के तहत लोगों को लोन दिया जा रहा है। जिसके लिए बैंक से बात करने के बाद युवा लोन लेकर आसानी से उद्योग लगा रहे है। स्वरोजगार के लिए हर वर्ष अधिक से अधिक युवाओं को लोन दिया जा रहा है।
-दयाशंकर सरोज, उपायुक्त उद्योग