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Siddharthnagar News: लाइन में नहीं बहाना पड़ेगा पसीना... अब घर से जमा करें बिल
Mon, 15 Apr 2024 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 15 Apr 2024 11:17 PM IST
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293 मीटर रीडर नियुक्त, घर पर पहुंचकर देखेंगे मीटर, तत्काल हो सकेगा बिजली का भुगतान
कई माह तक बिजली बिल का भुगतान न होने से बढ़ता उपभोक्ताओं का बोझ
लंबे समय तक बिल न निकलने और भुगतान न होने से किया जाता था बिजली बिल में झोल
जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 3.92 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी सहूलियत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विद्युत उपभोक्ताओं को अब कतार में लगकर बिजली बिल जमा करने के लिए धक्के खाने से राहत मिलने वाली है। अब बिजली के बिल भुगतान और उसमें होने वाली गड़बड़ी को सही कराने के लिए न तो कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ेगा और न ही लाइन में लगाकर पसीना बहाना पड़ेगा। विद्युत निगम की ओर से जिले में 293 मीटर रीडर नियुक्त किए गए हैं, जो उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर देखेंगे, बिजली बिल निकालेंगे। तत्काल जमा करके रसीद भी देंगे। इसके साथ ही अगर विद्युत बिल से जुड़ी कोई गड़बड़ी है तो सही कराकर उपभोक्ताओं को बताएंगे। इन्होंनेे काम शुरू किया है। उपभोक्ता इन्हें बुलाकर भी बिजली का बिल जमा कर सकते हैं इससे बिल में होने वाली गड़बड़ी और उपभोक्ताओं का शोषण कम होगा।
विद्युत निगम के डिजिटल होने से उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि अब सबकुछ सही होगा। बिजली बिल का आसानी से भुगतान हो जाएगा और उनके साथ धोखा नहीं होगा। मीटर लगे सबकुछ हो गया, लेकिन बिजली बिल की भुगतान में सुविधा के बजाए समस्या और बढ़ गई। समय से बिजली बिल के बारे में जानकारी न मिलना। एकाएक कई माह बाद भारी भरकम बिल का आ जाना सहित कई प्रकार की दिक्कत होने लगी। बिजली में बिजली गड़बड़ी और उसी सही करने में लेनदेन का आरोप लगातार लगता रहता है। बिल गड़बड़ी की शिकायतें बढ़ रही थीं। उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए अब घर-घर जाकर बिजली बिल का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लिए जिले के तीन विद्युत डिवीजन पर 293 मीटर रीडर नियुक्ति किए गए हैं। जो उपभोक्ता के घर पहुंचेंगे। विद्युत मीटर और यूनिट देखेंगे। उसी हिसाब से बिजली का बिल मौके पर ही जमा करेंगे। तत्काल रसीद भी प्रदान करेंगे। यह व्यवस्था शहर से लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है। अभी मीटर रीडर लोगों से मिलकर जागरूक करने का कार्य शुरू किए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भरोसा हो सके। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी।
बिजली बिल में आने वाली गड़बड़ी होगी दूर
हर माह बिजली का बिल नहीं आता है। इससे उपभोक्ता चाहते हुए भी जमा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में एकाएक बिजली बिल आया तो उसमें धनराशि कई गुना बढ़कर आती है। जब उपभोक्ता के हाथ बिल लगता है तो वह सही कराने के लिए कार्यालय का चक्कर लगाता है। इस बीच बिचौलिया उसे गुमराह करके उसका आर्थिक शोषण करते हैं। लेकिन अब जब हर माह बिजली का बिल निकाला जाएगा तो गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी। क्योंकि मीटर रीडर की जिम्मेदारी है कि वह सही कराए और जितना वास्तविक बिल है, उसी का भुगतान करें। अगर गड़बड़ी है तो कागज सही करवाए। इससे बीच में होने वाली धोखाधड़ी दूर होगी।
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एक मीटर रीडर को इतनी जिम्मेदारी
हर उपभोक्ता के यहां से जाकर समय से बिजली की वसूली हो सके और वह हर माह भुगतान कर सके। इसके लिए मीटर रीडर को जिम्मेदारी गई है। ग्रामीण क्षेत्र में तीन से चार गांव और नगर पालिका और नगर पंचायत मेेें वार्ड आवंटित है। वहां के उपभोक्ताओं की उनकी के पास सूची रहेगी। मीटर रीडर को माह और दिन के हिसाब से वसूली को लक्ष्य रहेगा।
हर माह में बिजली बिल की गड़बड़ी की शिकायत
जिले में विद्युत निगम के तीन डिवीजन जिला मुख्यालय, बांसी और डुमरियागंज हैं। इसमें कोई ऐसा डिवीजन नहीं है, जहां हर दिन उपभोक्ता अधिक बिजली का बिल आने और बिना कनेक्शन बिजली आने की शिकायत लेकर न पहुंचते हैं। हर माह में बड़ी संख्या में शिकायत लेकर उपभोक्ता पहुंचते हैं और कई माह तक चक्कर लगाते हैं।
जिले में हैं इतने उपभोक्ता
आंकड़ों के मुताबिक जनपद में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कुल 3.92 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें 17687 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका कनेक्शन दो से चार किलोवाट कामर्शियल है। जबकि 1857 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो पांच किलोवाट से अधिक के कनेक्शन वाले हैं।
एक दिन में जिले में इतनी बिजली खपत
विद्युत निगम से मिले के आंकड़ों के मुताबिक जिले में प्रतिदिन 120 मेगावॉट बिजली की खपत है। इसमें घरेलू से लेकर सरकारी और औद्योगिक में उपयोग होती है।
बिजली बिल के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मीटर रीडर नियुक्त कर दिए गए हैं जो घर-घर जाकर बिजली बिल जमा करके तत्काल उपभोक्ता को मौके पर रसीद भी देंगे। मीटर रीडर बिजली बिल वसूली का कार्य शुरू कर दिए हैं। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।
-एसके पासवान, एसई विद्युत निगम सिद्धार्थनगर
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कई माह तक बिजली बिल का भुगतान न होने से बढ़ता उपभोक्ताओं का बोझ
लंबे समय तक बिल न निकलने और भुगतान न होने से किया जाता था बिजली बिल में झोल
जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 3.92 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी सहूलियत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विद्युत उपभोक्ताओं को अब कतार में लगकर बिजली बिल जमा करने के लिए धक्के खाने से राहत मिलने वाली है। अब बिजली के बिल भुगतान और उसमें होने वाली गड़बड़ी को सही कराने के लिए न तो कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ेगा और न ही लाइन में लगाकर पसीना बहाना पड़ेगा। विद्युत निगम की ओर से जिले में 293 मीटर रीडर नियुक्त किए गए हैं, जो उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर देखेंगे, बिजली बिल निकालेंगे। तत्काल जमा करके रसीद भी देंगे। इसके साथ ही अगर विद्युत बिल से जुड़ी कोई गड़बड़ी है तो सही कराकर उपभोक्ताओं को बताएंगे। इन्होंनेे काम शुरू किया है। उपभोक्ता इन्हें बुलाकर भी बिजली का बिल जमा कर सकते हैं इससे बिल में होने वाली गड़बड़ी और उपभोक्ताओं का शोषण कम होगा।
विद्युत निगम के डिजिटल होने से उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि अब सबकुछ सही होगा। बिजली बिल का आसानी से भुगतान हो जाएगा और उनके साथ धोखा नहीं होगा। मीटर लगे सबकुछ हो गया, लेकिन बिजली बिल की भुगतान में सुविधा के बजाए समस्या और बढ़ गई। समय से बिजली बिल के बारे में जानकारी न मिलना। एकाएक कई माह बाद भारी भरकम बिल का आ जाना सहित कई प्रकार की दिक्कत होने लगी। बिजली में बिजली गड़बड़ी और उसी सही करने में लेनदेन का आरोप लगातार लगता रहता है। बिल गड़बड़ी की शिकायतें बढ़ रही थीं। उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए अब घर-घर जाकर बिजली बिल का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लिए जिले के तीन विद्युत डिवीजन पर 293 मीटर रीडर नियुक्ति किए गए हैं। जो उपभोक्ता के घर पहुंचेंगे। विद्युत मीटर और यूनिट देखेंगे। उसी हिसाब से बिजली का बिल मौके पर ही जमा करेंगे। तत्काल रसीद भी प्रदान करेंगे। यह व्यवस्था शहर से लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है। अभी मीटर रीडर लोगों से मिलकर जागरूक करने का कार्य शुरू किए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भरोसा हो सके। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी।
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बिजली बिल में आने वाली गड़बड़ी होगी दूर
हर माह बिजली का बिल नहीं आता है। इससे उपभोक्ता चाहते हुए भी जमा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में एकाएक बिजली बिल आया तो उसमें धनराशि कई गुना बढ़कर आती है। जब उपभोक्ता के हाथ बिल लगता है तो वह सही कराने के लिए कार्यालय का चक्कर लगाता है। इस बीच बिचौलिया उसे गुमराह करके उसका आर्थिक शोषण करते हैं। लेकिन अब जब हर माह बिजली का बिल निकाला जाएगा तो गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी। क्योंकि मीटर रीडर की जिम्मेदारी है कि वह सही कराए और जितना वास्तविक बिल है, उसी का भुगतान करें। अगर गड़बड़ी है तो कागज सही करवाए। इससे बीच में होने वाली धोखाधड़ी दूर होगी।
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एक मीटर रीडर को इतनी जिम्मेदारी
हर उपभोक्ता के यहां से जाकर समय से बिजली की वसूली हो सके और वह हर माह भुगतान कर सके। इसके लिए मीटर रीडर को जिम्मेदारी गई है। ग्रामीण क्षेत्र में तीन से चार गांव और नगर पालिका और नगर पंचायत मेेें वार्ड आवंटित है। वहां के उपभोक्ताओं की उनकी के पास सूची रहेगी। मीटर रीडर को माह और दिन के हिसाब से वसूली को लक्ष्य रहेगा।
हर माह में बिजली बिल की गड़बड़ी की शिकायत
जिले में विद्युत निगम के तीन डिवीजन जिला मुख्यालय, बांसी और डुमरियागंज हैं। इसमें कोई ऐसा डिवीजन नहीं है, जहां हर दिन उपभोक्ता अधिक बिजली का बिल आने और बिना कनेक्शन बिजली आने की शिकायत लेकर न पहुंचते हैं। हर माह में बड़ी संख्या में शिकायत लेकर उपभोक्ता पहुंचते हैं और कई माह तक चक्कर लगाते हैं।
जिले में हैं इतने उपभोक्ता
आंकड़ों के मुताबिक जनपद में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कुल 3.92 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें 17687 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका कनेक्शन दो से चार किलोवाट कामर्शियल है। जबकि 1857 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो पांच किलोवाट से अधिक के कनेक्शन वाले हैं।
एक दिन में जिले में इतनी बिजली खपत
विद्युत निगम से मिले के आंकड़ों के मुताबिक जिले में प्रतिदिन 120 मेगावॉट बिजली की खपत है। इसमें घरेलू से लेकर सरकारी और औद्योगिक में उपयोग होती है।
बिजली बिल के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मीटर रीडर नियुक्त कर दिए गए हैं जो घर-घर जाकर बिजली बिल जमा करके तत्काल उपभोक्ता को मौके पर रसीद भी देंगे। मीटर रीडर बिजली बिल वसूली का कार्य शुरू कर दिए हैं। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।
-एसके पासवान, एसई विद्युत निगम सिद्धार्थनगर