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Siddharthnagar News: महिला शिक्षकों ने समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन
Sat, 09 May 2026 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 09 May 2026 02:46 AM IST
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सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह के नेतृत्व में बृहस्पतिवार रात संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बांसी में राज्य महिला आयोग की सदस्य जनक नंदिनी से मुलाकात कर शिक्षिकाओं की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग शिक्षिकाओं के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की उठाई गई। सुषमा सिंह ने बताया कि सिद्धार्थनगर आकांक्षी जिला घोषित होने के कारण यहां से अन्य जिलों में स्थानांतरण नहीं हो पा रहा है। जिले में तैनात कई शिक्षिकाएं 10 से 15 वर्षों से अपने घरों से दूर रहकर शिक्षण कार्य कर रही हैं जबकि अन्य विभागों में नियमित रूप से तबादले हो रहे हैं। उन्होंने इसे शिक्षकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया बताया।
संघ की ओर से सौंपे गए मांगपत्र में कहा गया कि बाल्य देखभाल अवकाश, मिस कैरेज अवकाश, चिकित्सीय अवकाश और प्रसूता अवकाश जैसे मामलों में अधिकारियोंकी ओर से समय से निर्णय नहीं लिए जाने से शिक्षिकाओं के स्वास्थ्य और कार्य दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके अलावा कई शिक्षिकाओं की तैनाती सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में होने से उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर जनक नंदिनी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उठाएंगी और समाधान का प्रयास करेंगी।
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इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष शशि वंदना दुबे, सविता पांडेय, पूजा त्रिपाठी, रेनू, अनिता मौर्या, ज्योति, वंदना पांडेय, पूनम और हर्षिता द्विवेदी समेत अन्य शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
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ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग शिक्षिकाओं के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की उठाई गई। सुषमा सिंह ने बताया कि सिद्धार्थनगर आकांक्षी जिला घोषित होने के कारण यहां से अन्य जिलों में स्थानांतरण नहीं हो पा रहा है। जिले में तैनात कई शिक्षिकाएं 10 से 15 वर्षों से अपने घरों से दूर रहकर शिक्षण कार्य कर रही हैं जबकि अन्य विभागों में नियमित रूप से तबादले हो रहे हैं। उन्होंने इसे शिक्षकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया बताया।
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संघ की ओर से सौंपे गए मांगपत्र में कहा गया कि बाल्य देखभाल अवकाश, मिस कैरेज अवकाश, चिकित्सीय अवकाश और प्रसूता अवकाश जैसे मामलों में अधिकारियोंकी ओर से समय से निर्णय नहीं लिए जाने से शिक्षिकाओं के स्वास्थ्य और कार्य दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके अलावा कई शिक्षिकाओं की तैनाती सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में होने से उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर जनक नंदिनी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उठाएंगी और समाधान का प्रयास करेंगी।
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इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष शशि वंदना दुबे, सविता पांडेय, पूजा त्रिपाठी, रेनू, अनिता मौर्या, ज्योति, वंदना पांडेय, पूनम और हर्षिता द्विवेदी समेत अन्य शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।