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Siddharthnagar News: बसों की खिड़िकियां जाम सर्दी बढ़ी तो सताएगी हवा
Tue, 19 Nov 2024 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 19 Nov 2024 11:56 PM IST
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सिद्धार्थनगर। रोडवेज की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को ठंड से परेशान होना पड़ेगा। क्योंकि बस की खिड़कियाें के शीशे जाम है तो कुछ के कुंडी टूटे हुए हैं।
जिसे चाहते हुए भी कोई खिसका नहीं पाएगा। ऐसे में रोडवेज बस की यात्रा करने वाले मुशाफिरों को इस ठंड में कंपकंपा देने वाले बर्फीली हवा से सिसकियां भरना पड़ेगा। क्योंकि रोडवेज प्रशासन की ओर से इस संबंध कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। रोडवेज बसों में सुविधाओं की पड़ताल में यह खामियां सामने आईं।
नवंबर माह की शुरुआत होते ही ठंड असर दिखाने लगा है। एकाएक मौसम खराब होने से कई दिनों तक घना कोहरा पड़ा, जिससे दिसंबर का माह का एहसास होने लगा। ठंड में यात्रा बहुत ही कठिन होता है वह भी अगर सही वाहन नहीं मिला तो।
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रोडवेज की बस ठंड को लेकर किस प्रकार से तैयार है, इसकी हकीकत जानने के लिए सिद्धार्थनगर डिपो पहुंचे। रोडवेज से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी सहित कई रूट पर लगभग 50 बसों का संचालन होता है। यहां से प्रतिदिन एक हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। बस में वाइपर और खिड़की का शीशा देखा गया। कई बसों में वाइपर तो लगा मिला, लेकिन खिड़की टूट हुई मिली। वहीं, अधिकांश का शीशा जाम मिला जो खींचने के बाद खिसक तक नहीं रहा था। वहीं, कई के खिसकाने वाले कुंडी टूटे हुए मिले, जिसे चाहते हुए भी यात्री इधर-उधर नहीं कर सकता है। ऐसे में ठंड में रोडवेज बस की यात्रा मुश्किल भरा होगा। अगर रात्रि में यात्रा करना है तो यह आपके लिए और मुश्किल भरा हो सकता है।
वहीं, रोडवेज कार्यालय में भी बैठने की व्यवस्था नहीं है। चारों तरफ से खुला हुआ है। ऐसे में रोडवेज पर बसों का इंतजार करना भी किसी युद्ध से कम नहीं है। इस संबंध में एआरएम वीके गंगवार ने बताया कि जल्द ही बसों के शीशी और जाम खिड़कियों को सही करवा दिया जाएगा।
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जिसे चाहते हुए भी कोई खिसका नहीं पाएगा। ऐसे में रोडवेज बस की यात्रा करने वाले मुशाफिरों को इस ठंड में कंपकंपा देने वाले बर्फीली हवा से सिसकियां भरना पड़ेगा। क्योंकि रोडवेज प्रशासन की ओर से इस संबंध कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। रोडवेज बसों में सुविधाओं की पड़ताल में यह खामियां सामने आईं।
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नवंबर माह की शुरुआत होते ही ठंड असर दिखाने लगा है। एकाएक मौसम खराब होने से कई दिनों तक घना कोहरा पड़ा, जिससे दिसंबर का माह का एहसास होने लगा। ठंड में यात्रा बहुत ही कठिन होता है वह भी अगर सही वाहन नहीं मिला तो।
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रोडवेज की बस ठंड को लेकर किस प्रकार से तैयार है, इसकी हकीकत जानने के लिए सिद्धार्थनगर डिपो पहुंचे। रोडवेज से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी सहित कई रूट पर लगभग 50 बसों का संचालन होता है। यहां से प्रतिदिन एक हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। बस में वाइपर और खिड़की का शीशा देखा गया। कई बसों में वाइपर तो लगा मिला, लेकिन खिड़की टूट हुई मिली। वहीं, अधिकांश का शीशा जाम मिला जो खींचने के बाद खिसक तक नहीं रहा था। वहीं, कई के खिसकाने वाले कुंडी टूटे हुए मिले, जिसे चाहते हुए भी यात्री इधर-उधर नहीं कर सकता है। ऐसे में ठंड में रोडवेज बस की यात्रा मुश्किल भरा होगा। अगर रात्रि में यात्रा करना है तो यह आपके लिए और मुश्किल भरा हो सकता है।
वहीं, रोडवेज कार्यालय में भी बैठने की व्यवस्था नहीं है। चारों तरफ से खुला हुआ है। ऐसे में रोडवेज पर बसों का इंतजार करना भी किसी युद्ध से कम नहीं है। इस संबंध में एआरएम वीके गंगवार ने बताया कि जल्द ही बसों के शीशी और जाम खिड़कियों को सही करवा दिया जाएगा।