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पराली को खाद बनाने के लिए किसानों में वितरित होगी वेस्ट डीकंपोजर
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पराली निस्तारण के लिए किसानों को देंगे वेस्ट डीकंपोजर
जिले को मिला चार हजार शीशी डीकंपोजर, सभी ब्लॉकों में होगा निशुल्क वितरण
एक शीशी डीकंपोजर से एक एकड़ खेत की पराली सड़कर खाद में परिवर्तित होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खेत में किसानों के लिए परेशानी का सबब बन चुके फसल अवशेष (पराली) को सड़ाकर खाद बनाने के लिए उन्हें वेस्ट डीकंपोजर वितरित की जाएगी। उप कृषि निदेशक एलबी यादव ने बताया कि किसानों में वितरित करने के लिए चार हजार शीशी वेस्ट डीकंपोजर शासन की ओर से भेजा गया है।
पराली किसानों के लिए परेशानी का कारण हो चुकी है। पराली जलाएं तो पर्यावरण प्रदूषण के कारण कानूनी कार्रवाई की जद में आएं और न जलाएं तो खेती में दिक्कत। अगर पराली खेत से निकाल कर कहीं एकत्र करें तो उसके लिए मजदूरी की लागत अलग से आती है। इससे परेशान किसानों के लिए कृषि विभाग ने चार हजार शीशी वेस्ट डीकंपोजर मंगाया है। उप कृषि निदेशक एलबी यादव ने वेस्ट डीकंपोजर का वितरण सभी ब्लॉकों में किसानों के बीच बराबर संख्या में किया जाएगा। एक शीशी वेस्ट डीकंपोजर से एक एकड़ खेत की पराली सड़कर खाद बन जाएगी।
प्रत्येक ब्लॉक में वितरित होगी 285 शीशी
उप कृषि निदेशक एलबी यादव ने बताया कि जिले के 14 ब्लॉकों में प्रत्येक में 285 किसानों को राजकीय कृषि भंडार के माध्यम से वेस्ट डीकंपोजर वितरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वेस्ट डीकंपोजर एक जैविक घोल है। जिससे पराली सड़कर जल्द खाद बन जाती है।
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ऐसे होगा वेस्ट डीकंपोजर का प्रयोग
प्लास्टिक के एक ड्रम में 200 लीटर पानी में दो किलोग्राम गुड़ डालकर घोल बना लें, जिसमें एक शीशी वेस्ट डीकंपोजर मिला दें। घोल को लकड़ी के डंडे की सहायता से दो से तीन मिनट तक मिलाएं। यह घोल सात से आठ दिन में तैयार हो जाता है। जिसे एक एकड़ खेत की पराली में दबा छिड़कने वाली मशीन से छिड़काव कर दें, जो कुछ ही दिन में पराली को सड़ाकर खाद में बदल देगा।
दुकानों पर मिलेगी 40 रुपये शीशी
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि वेस्ट डीकंपोजर की शीशी प्राइवेट दुकानों पर 40 रुपये में मिलेगी। उन्होंने बताया कि इफ्को ने वेस्ट डीकंपोजर बनाई है, यह दवा रिटेलर और दुकानों से खरीदी जा सकती है। किसानों को निशुल्क वेस्ट डीकंपोजर वितरित करने से उनमें इसके प्रयोग के प्रति जागरूकता फैलेगी।
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जिले को मिला चार हजार शीशी डीकंपोजर, सभी ब्लॉकों में होगा निशुल्क वितरण
एक शीशी डीकंपोजर से एक एकड़ खेत की पराली सड़कर खाद में परिवर्तित होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खेत में किसानों के लिए परेशानी का सबब बन चुके फसल अवशेष (पराली) को सड़ाकर खाद बनाने के लिए उन्हें वेस्ट डीकंपोजर वितरित की जाएगी। उप कृषि निदेशक एलबी यादव ने बताया कि किसानों में वितरित करने के लिए चार हजार शीशी वेस्ट डीकंपोजर शासन की ओर से भेजा गया है।
पराली किसानों के लिए परेशानी का कारण हो चुकी है। पराली जलाएं तो पर्यावरण प्रदूषण के कारण कानूनी कार्रवाई की जद में आएं और न जलाएं तो खेती में दिक्कत। अगर पराली खेत से निकाल कर कहीं एकत्र करें तो उसके लिए मजदूरी की लागत अलग से आती है। इससे परेशान किसानों के लिए कृषि विभाग ने चार हजार शीशी वेस्ट डीकंपोजर मंगाया है। उप कृषि निदेशक एलबी यादव ने वेस्ट डीकंपोजर का वितरण सभी ब्लॉकों में किसानों के बीच बराबर संख्या में किया जाएगा। एक शीशी वेस्ट डीकंपोजर से एक एकड़ खेत की पराली सड़कर खाद बन जाएगी।
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प्रत्येक ब्लॉक में वितरित होगी 285 शीशी
उप कृषि निदेशक एलबी यादव ने बताया कि जिले के 14 ब्लॉकों में प्रत्येक में 285 किसानों को राजकीय कृषि भंडार के माध्यम से वेस्ट डीकंपोजर वितरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वेस्ट डीकंपोजर एक जैविक घोल है। जिससे पराली सड़कर जल्द खाद बन जाती है।
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ऐसे होगा वेस्ट डीकंपोजर का प्रयोग
प्लास्टिक के एक ड्रम में 200 लीटर पानी में दो किलोग्राम गुड़ डालकर घोल बना लें, जिसमें एक शीशी वेस्ट डीकंपोजर मिला दें। घोल को लकड़ी के डंडे की सहायता से दो से तीन मिनट तक मिलाएं। यह घोल सात से आठ दिन में तैयार हो जाता है। जिसे एक एकड़ खेत की पराली में दबा छिड़कने वाली मशीन से छिड़काव कर दें, जो कुछ ही दिन में पराली को सड़ाकर खाद में बदल देगा।
दुकानों पर मिलेगी 40 रुपये शीशी
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि वेस्ट डीकंपोजर की शीशी प्राइवेट दुकानों पर 40 रुपये में मिलेगी। उन्होंने बताया कि इफ्को ने वेस्ट डीकंपोजर बनाई है, यह दवा रिटेलर और दुकानों से खरीदी जा सकती है। किसानों को निशुल्क वेस्ट डीकंपोजर वितरित करने से उनमें इसके प्रयोग के प्रति जागरूकता फैलेगी।