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कूड़ा, घोघी और तेलार में जल स्तर बढ़ा, ग्रामीणों में दहशत
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कूड़ा, घोघी और तेलार नदी में जलस्तर बढ़ा
राप्ती, बूढ़ी राप्ती और बानगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे
नदियों में जलस्तर बढ़ा तो कछार वासियों के समक्ष खड़ी होगी समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भारतीय क्षेत्र के साथ ही नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद जिले के नदियों के जलस्तर में वृद्धि होना शुरू हो गया है। कूड़ा, तेलार और घोघी नदियों का जलस्तर खतरे केे निशान के करीब पहुंच गई है। कछार वासियों की नींद उड़ गई है। हालांकि बानगंगा, राप्ती और बूढ़ी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है। ड्रेनेज खंड कार्यालय के मुताबिक बानगंगा नदी खतरे के निशान 93.420 मीटर के सापेक्ष 92.20 मीटर, जमुआर नाला 84.89 के सापेक्ष 81.23 मीटर, राप्ती नदी 84.900 के सापेक्ष 81.490 मीटर, बूढ़ी राप्ती 85.650 के सापेक्ष 82.940 मीटर, तेलार नाला 87.500 के सापेक्ष 87.40 मीटर, कूड़ा नदी आलमनगर 87.200 के सापेक्ष 87.40 मीटर, उसका रेलवे 83.520 के सापेक्ष 81.300 मीटर, घोघी नदी 87.000 के सापेक्ष 86.70 मीटर पर बह रही है।
गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
ककरहवा। झंगटी, लीलाडिहवा, भुजौली, खरहरा, बूडा, बभनी, बरदहवा खैराटी, सेमरी, तिघरा, मजिगवा, आनंदापुर, केवटलिया तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। धान की नर्सरी भी जलमग्न हो गया है। क्षेत्र के बूड़ा गांव निवासी सुरेंद्र शुक्ल, दिनेश शुुक्ल का कहना है कि बाढ़ के पानी से धान की नर्सरी पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण मन में भी डर बना हुआ है। संवाद
रेनकट से कई गांव प्रभावित
पकड़ी। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र भैसहवा गांव के सटे पश्चिम तरफ हो रही लगातार बारिश से बंधे पर रेनकट हो गया है। इस कारण ग्रामीण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बांध के सटे भैसहवा, परसोहिया, भटपुरवा, लमुईया, बैरिहवा के लोगों का फसल बरसात के समय नदी में बाढ़ का पानी आने से फसल बर्बाद हो जाती है। राजेंद्र प्रसाद गौतम, कल्लू राजभर, सोनू भारती, संजय, मो. हनीफ, वीरबल, अशर्फी, लालमन विश्वकर्मा, घायल चौहान, फूलचंद्र ने रेनकट को सही कराने की मांग की है। इस बाबत अभियंता वैभव पांडेय ने कहा कि रेनकट सही कराने का काम हो रहा है। संवाद
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खबर का असर, अवरोध हटाने की कार्रवाई शुरू
परसा। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के रेड़वरिया गांव में धान की नर्सरी डूबने की खबर प्रकाशित होने के बाद सरयू नहर परियोजना के जिम्मेदार हरकत में आए। जेसीबी मशीन की सहायता से नाले के अवरोध को हटवाना शुरू कर दिया है। रेड़वरिया गांव के पास सुरही नाला बहता है। सरयू नहर परियोजना के तहत बन रही नहर के लिए नाले को अवरूद्ध कर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। सफीउल्लाह, मो. फैजान, समसुल्लका, रामचंद्र विश्वकर्मा, मो. वकील, सगीर अहमद, अफजल हुसैन की लगभग पांच बीघे धान की नर्सरी नाले के पानी में डूब गई थी। धान की नर्सरी डूबने की खबर को अमर उजाला ने बुधवार को ‘सरयू नहर के पानी से डूबी नर्सरी’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। संवाद
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राप्ती, बूढ़ी राप्ती और बानगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे
नदियों में जलस्तर बढ़ा तो कछार वासियों के समक्ष खड़ी होगी समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भारतीय क्षेत्र के साथ ही नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद जिले के नदियों के जलस्तर में वृद्धि होना शुरू हो गया है। कूड़ा, तेलार और घोघी नदियों का जलस्तर खतरे केे निशान के करीब पहुंच गई है। कछार वासियों की नींद उड़ गई है। हालांकि बानगंगा, राप्ती और बूढ़ी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है। ड्रेनेज खंड कार्यालय के मुताबिक बानगंगा नदी खतरे के निशान 93.420 मीटर के सापेक्ष 92.20 मीटर, जमुआर नाला 84.89 के सापेक्ष 81.23 मीटर, राप्ती नदी 84.900 के सापेक्ष 81.490 मीटर, बूढ़ी राप्ती 85.650 के सापेक्ष 82.940 मीटर, तेलार नाला 87.500 के सापेक्ष 87.40 मीटर, कूड़ा नदी आलमनगर 87.200 के सापेक्ष 87.40 मीटर, उसका रेलवे 83.520 के सापेक्ष 81.300 मीटर, घोघी नदी 87.000 के सापेक्ष 86.70 मीटर पर बह रही है।
गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
ककरहवा। झंगटी, लीलाडिहवा, भुजौली, खरहरा, बूडा, बभनी, बरदहवा खैराटी, सेमरी, तिघरा, मजिगवा, आनंदापुर, केवटलिया तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। धान की नर्सरी भी जलमग्न हो गया है। क्षेत्र के बूड़ा गांव निवासी सुरेंद्र शुक्ल, दिनेश शुुक्ल का कहना है कि बाढ़ के पानी से धान की नर्सरी पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण मन में भी डर बना हुआ है। संवाद
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रेनकट से कई गांव प्रभावित
पकड़ी। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र भैसहवा गांव के सटे पश्चिम तरफ हो रही लगातार बारिश से बंधे पर रेनकट हो गया है। इस कारण ग्रामीण असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बांध के सटे भैसहवा, परसोहिया, भटपुरवा, लमुईया, बैरिहवा के लोगों का फसल बरसात के समय नदी में बाढ़ का पानी आने से फसल बर्बाद हो जाती है। राजेंद्र प्रसाद गौतम, कल्लू राजभर, सोनू भारती, संजय, मो. हनीफ, वीरबल, अशर्फी, लालमन विश्वकर्मा, घायल चौहान, फूलचंद्र ने रेनकट को सही कराने की मांग की है। इस बाबत अभियंता वैभव पांडेय ने कहा कि रेनकट सही कराने का काम हो रहा है। संवाद
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खबर का असर, अवरोध हटाने की कार्रवाई शुरू
परसा। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के रेड़वरिया गांव में धान की नर्सरी डूबने की खबर प्रकाशित होने के बाद सरयू नहर परियोजना के जिम्मेदार हरकत में आए। जेसीबी मशीन की सहायता से नाले के अवरोध को हटवाना शुरू कर दिया है। रेड़वरिया गांव के पास सुरही नाला बहता है। सरयू नहर परियोजना के तहत बन रही नहर के लिए नाले को अवरूद्ध कर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। सफीउल्लाह, मो. फैजान, समसुल्लका, रामचंद्र विश्वकर्मा, मो. वकील, सगीर अहमद, अफजल हुसैन की लगभग पांच बीघे धान की नर्सरी नाले के पानी में डूब गई थी। धान की नर्सरी डूबने की खबर को अमर उजाला ने बुधवार को ‘सरयू नहर के पानी से डूबी नर्सरी’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। संवाद