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वोटरों पर पहरा : मुर्गा खिलाया, पौव्वा पिलाया... अब कोई और रिझा न ले जाए
Thu, 11 May 2023 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 May 2023 12:39 AM IST
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सिद्धार्थनगर। चुनाव की आखिरी रात तक वोटरों की रखवाली में प्रत्याशियों के समर्थक जुटे रहे। एक-एक वोट की ऐसी अहमियत पहले प्रधान के चुनाव में दिखती थी, लेकिन इस बार निकाय चुनाव में भी प्रत्याशियों की पैनी नजर हर मतदाता पर है। वोटरों को सहेजने के लिए पौव्वा बड़ा हथियार बना है। लोगों को छक कर पिलाया गया और उन पर समर्थकों को सर्विलांस की तरह लगा दिया गया जो आधी रात में पल-पल की सूचनाएं देते रहे।
जिले की 11 नगर निकायों में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों न पूरी रात जागकर पहरेदारी की, जबकि इसी दौरान रुपये और शराब की बोतलें बांटने का खेल भी खूब हुआ। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर बुधवार की रात प्रत्याशियों ने पूरी ऊर्जा वोटरों को सहेजने में लगाई। इसके बाद भी भरोसा नहीं रहा तो हर गली में समर्थकों को रखवाली के लिए छोड़ दिया। शहर कई घरों में उन रिश्तेदारों का बुला लिया गया, जो मतदाता हैं। एक युवती की हाल ही में शादी लखनऊ में हुई है, लेकिन वोटर लिस्ट से उसका नाम कटा नहीं है। वह वोट देने आ गई है। इसी प्रकार शहर में प्रवासी श्रमिक भी आ गए हैं। भारत भारी नगर पंचायत में एक परिवार मुंबई से वोट देना आया है, नेताजी ने उसका टिकट कराया है। इसी प्रकार अन्य नगर पंचायतों में भी प्रत्याशियों ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया।
बाबू! दुकान बंद है, पौव्वा जो दिए थे वह तो खत्म हो गया
शहर के एक सभासद प्रत्याशी के भाई के पास पहुंचे तो एक अधेड़ ने बुधवार की रात कुछ ऐसा ही कहा बोला, आज तो दुकान बंद हो गई है। आप ने एक गत्ता जो पौव्वा दिया तो वह भी खत्म हो गया है। आज का काम कैसे चलेगा। फिर क्या, समर्थक भी अंदर गए और दुकान बंद होने का हवाला देते हुए तीन ही शीशी दिए। बाकी चुनाव बाद भी ऐसे ही संबंध रखने का हवाला भी दिया।
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आखिरी मौका जितना चाहो ले लो
प्रत्याशियों को लगा कि उनके वोटर ज्यादा हैं और वहां पर उनका खर्च भी खूब हुआ है । वहां समर्थक रात में गश्त करते रहे। वहीं इस बात का भी ध्यान रखा गया कि समर्थक झुंड में नहीं निकलें, क्योंकि पुलिस भी सख्त रही। उधर, वोटर भी बड़े चालाक निकले। वह भी इस बात को बखूबी समझ रहे थे कि नेता जी की यह खातिरदारी का आखिरी दिन है, इसलिए जितना ले सको, उतना ले लो।
रुपये और शराब बंटने की होती रही चर्चा
आखिरी दौर में अध्यक्ष ही नहीं, सभासद पद के प्रत्याशियों की ओर से रुपये और शराब बांटे जाने की चर्चा होती रही। प्रत्याशियों ने पहले से ही शराब का स्टॉक बना लिया था ताकि मतदाताओं को लुभाने में कोई कोर कसर न हो। बुधवार दोपहर में ही पुलिस को एक शिकायत मिली कि रेलवे स्टेशन के पास शराब बांटी जा रही है, लेकिन पुलिस पहुंची तो कोई साक्ष्य नहीं मिला। इसी प्रकार मिल रही शिकायतों पर पुलिस देर रात गश्त करती रही।
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जिले की 11 नगर निकायों में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों न पूरी रात जागकर पहरेदारी की, जबकि इसी दौरान रुपये और शराब की बोतलें बांटने का खेल भी खूब हुआ। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर बुधवार की रात प्रत्याशियों ने पूरी ऊर्जा वोटरों को सहेजने में लगाई। इसके बाद भी भरोसा नहीं रहा तो हर गली में समर्थकों को रखवाली के लिए छोड़ दिया। शहर कई घरों में उन रिश्तेदारों का बुला लिया गया, जो मतदाता हैं। एक युवती की हाल ही में शादी लखनऊ में हुई है, लेकिन वोटर लिस्ट से उसका नाम कटा नहीं है। वह वोट देने आ गई है। इसी प्रकार शहर में प्रवासी श्रमिक भी आ गए हैं। भारत भारी नगर पंचायत में एक परिवार मुंबई से वोट देना आया है, नेताजी ने उसका टिकट कराया है। इसी प्रकार अन्य नगर पंचायतों में भी प्रत्याशियों ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया।
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बाबू! दुकान बंद है, पौव्वा जो दिए थे वह तो खत्म हो गया
शहर के एक सभासद प्रत्याशी के भाई के पास पहुंचे तो एक अधेड़ ने बुधवार की रात कुछ ऐसा ही कहा बोला, आज तो दुकान बंद हो गई है। आप ने एक गत्ता जो पौव्वा दिया तो वह भी खत्म हो गया है। आज का काम कैसे चलेगा। फिर क्या, समर्थक भी अंदर गए और दुकान बंद होने का हवाला देते हुए तीन ही शीशी दिए। बाकी चुनाव बाद भी ऐसे ही संबंध रखने का हवाला भी दिया।
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आखिरी मौका जितना चाहो ले लो
प्रत्याशियों को लगा कि उनके वोटर ज्यादा हैं और वहां पर उनका खर्च भी खूब हुआ है । वहां समर्थक रात में गश्त करते रहे। वहीं इस बात का भी ध्यान रखा गया कि समर्थक झुंड में नहीं निकलें, क्योंकि पुलिस भी सख्त रही। उधर, वोटर भी बड़े चालाक निकले। वह भी इस बात को बखूबी समझ रहे थे कि नेता जी की यह खातिरदारी का आखिरी दिन है, इसलिए जितना ले सको, उतना ले लो।
रुपये और शराब बंटने की होती रही चर्चा
आखिरी दौर में अध्यक्ष ही नहीं, सभासद पद के प्रत्याशियों की ओर से रुपये और शराब बांटे जाने की चर्चा होती रही। प्रत्याशियों ने पहले से ही शराब का स्टॉक बना लिया था ताकि मतदाताओं को लुभाने में कोई कोर कसर न हो। बुधवार दोपहर में ही पुलिस को एक शिकायत मिली कि रेलवे स्टेशन के पास शराब बांटी जा रही है, लेकिन पुलिस पहुंची तो कोई साक्ष्य नहीं मिला। इसी प्रकार मिल रही शिकायतों पर पुलिस देर रात गश्त करती रही।