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Siddharthnagar News: मौसम बदला तो वायरल फीवर के बढ़े मरीज
Thu, 07 Mar 2024 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 07 Mar 2024 11:17 PM IST
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सिद्धार्थनगर। मौसम लगातार बदल रहा है। दिन में धूप के साथ रात में ठंडक हो रही है। मौसम का यह मिजाज लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। विभिन्न अस्पतालों में वायरल फीवर, फ्लू, सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश के मरीज बढ़ रहे है। होमियोपैथी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी बीमारियों में होम्योपैथी चिकित्सा का अच्छा असर होता है। यह रोग को जड़ से खत्म करती है। इससे प्रतिदिन मरीज होम्योपैथी में दवा करवाने के लिए आ रहे है।
जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि इन दिनों होम्योपैथी के अस्पताल में वायरल फीवर के मरीज बढ़ गए हैं। जिले में उपस्थित 21 होम्योपैथी के चिकित्सालयों की ओपीडी में मरीज दवा करवाने के लिए आ रहे है। ओपीडी में वायरल फीवर, जाड़ा लगने, आंखों से पानी आने, छींके आने, आंखें लाल होने, शरीर में दर्द, कमजोरी, कब्ज, दस्त, मितली या उल्टी की शिकायत लेकर काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
लक्षण के आधार पर दी जाती हैं दवाएं
जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि यह मौसम वायरस, बैक्टीरिया फैलने के लिए ज्यादा मुफीद होता है। बदलते मौसम में लक्षणों के आधार पर अलग-अलग रोगों में होम्योपैथी की निम्न औषधियां जैसे ऐकोनाइट, आर्सेनिक, एलियम सीपा, ब्रायोनिया, बेलाडोना, हीपर सल्फ, ऐंटिम टार्ट, एपीटोरिम पर्फ, रस टॉक्स, जेल्सीमियम, यूफ्रेसिया, प्लसटिल्ला, काली बाइ दवाएं प्रमुख तौर पर दी जाती हैं। इनका इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह पर करना चाहिए।
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इस मौसम में ऐसे बरतें सावधानी
पर्याप्त कपड़े पहन कर ही बाहर निकलें। सुबह देर से व मास्क लगाकर ही टहलें। हाथों को साफ करते रहें। बीमार एवं वृद्ध लोग ज्यादा सतर्कता रखें। खांसी हो तो गर्म पानी में हल्दी नमक मिलाकर से गरारा करें। ठंडा पानी, आइसक्रीम, कोल्डड्रिंंक से दूर रहें। धूल, धुआं, फूलों के पराग कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। नहाने के लिए गुनगुना पानी प्रयोग करें। पर्याप्त व गुनगुना पानी पीएं।
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जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि इन दिनों होम्योपैथी के अस्पताल में वायरल फीवर के मरीज बढ़ गए हैं। जिले में उपस्थित 21 होम्योपैथी के चिकित्सालयों की ओपीडी में मरीज दवा करवाने के लिए आ रहे है। ओपीडी में वायरल फीवर, जाड़ा लगने, आंखों से पानी आने, छींके आने, आंखें लाल होने, शरीर में दर्द, कमजोरी, कब्ज, दस्त, मितली या उल्टी की शिकायत लेकर काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
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लक्षण के आधार पर दी जाती हैं दवाएं
जिला होमियोपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि यह मौसम वायरस, बैक्टीरिया फैलने के लिए ज्यादा मुफीद होता है। बदलते मौसम में लक्षणों के आधार पर अलग-अलग रोगों में होम्योपैथी की निम्न औषधियां जैसे ऐकोनाइट, आर्सेनिक, एलियम सीपा, ब्रायोनिया, बेलाडोना, हीपर सल्फ, ऐंटिम टार्ट, एपीटोरिम पर्फ, रस टॉक्स, जेल्सीमियम, यूफ्रेसिया, प्लसटिल्ला, काली बाइ दवाएं प्रमुख तौर पर दी जाती हैं। इनका इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह पर करना चाहिए।
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इस मौसम में ऐसे बरतें सावधानी
पर्याप्त कपड़े पहन कर ही बाहर निकलें। सुबह देर से व मास्क लगाकर ही टहलें। हाथों को साफ करते रहें। बीमार एवं वृद्ध लोग ज्यादा सतर्कता रखें। खांसी हो तो गर्म पानी में हल्दी नमक मिलाकर से गरारा करें। ठंडा पानी, आइसक्रीम, कोल्डड्रिंंक से दूर रहें। धूल, धुआं, फूलों के पराग कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। नहाने के लिए गुनगुना पानी प्रयोग करें। पर्याप्त व गुनगुना पानी पीएं।