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कपिलवस्तु में विपश्यना केंद्र बनने की बढ़ी संभावना
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कपिलवस्तु में विपश्यना केंद्र बनने की बढ़ी संभावना
- पर्यटन मंत्री एवं प्रमुख सचिव पर्यटन ने वीडियो प्रजेंटेशन में दी सहमति
- 24.90 करोड़ रुपये की योजना से चार एकड़ क्षेत्र में केंद्र बनाने का है प्रोजेक्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तथागत बुद्ध की क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु में प्रस्तावित विपश्यना केंद्र बनने की संभावना बढ़ गई है। 24.90 करोड़ रुपये से इस केंद्र को बनाने का प्रोजेक्ट है। विपश्यना केंद्र का निर्माण होने के बाद कपिलवस्तु में देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी। स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन बुद्धा थीम पार्क के बाद कपिलवस्तु के विकास की दिशा में एक और बड़ी पहल होने की उम्मीद जगी है।
लखनऊ में नौ जून को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से विपश्यना केंद्र के प्रोजेक्ट को देखा और अपनी सहमति प्रदान की, जबकि एनआईसी में सांसद जगदंबिका पाल, डीएम संजीव रंजन, पूर्व डीएम दीपक मीणा, निर्वतमान सीडीओ पुलकित एवं जिला पर्यटन सूचना अधिकारी मोहम्मद मकबूल भी जुड़े थे। पर्यटन विभाग के करीब 45 मिनट के वीडियो प्रोजेंटेशन के बाद प्रोजेक्ट स्वीकृत होने की संभावना बढ़ गई है। जिला पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. मोहम्मद मकबूल ने बताया कि पर्यटन विभाग के मंत्री एवं प्रमुख सचिव ने वीडियो प्रजेंटेशन देखा और सुझाव भी दिए। इस प्रोजेक्ट को जल्द ही स्वीकृत होने की संभावना है।
लुंबिनी की तर्ज पर होगा कार्य
चार एकड़ क्षेत्र में विपश्यना केंद्र बनाने का प्रोजेक्ट है, जिसमें बौद्ध आचार्य निवास एवं बौद्घ भिक्षुओं का शिक्षा कक्ष होगा। इस केंद्र का 24 घंटे संचालन होगा, जिसमें बच्चों का पार्क, प्राकृतिक वातावरण एवं लुंबिनी की तर्ज पर नहर में नौकायन की सुविधा होगी।
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विदेशी बौद्धिक मठ का प्रस्ताव
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बौद्ध सर्किट से पर्यटकों को लुभाने के लिए कपिलवस्तु में 50 एकड़ और भूमि का अधिग्रहण करने को कहा है। उन्होंने कहा कि 24 बौद्धिष्ठ देशों के मठ बनाने के लिए भूमि की आवश्यकता है, जबकि प्रदेश सरकार ने 33 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की स्वीकृति प्रदान कर दी है, यह प्रक्रियाधीन है।
11 साल बाद पूरा होगा कार्य
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के समीप निर्माणाधीन खुला हुआ बुद्घा थीम पार्क और ध्यान केंद्र है, इसे पूरा करने के लिए शासन ने 11.54 करोड़ रुपये बजट जारी किया है। वर्ष 2011-12 में यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, तत्कालीन राज्य सरकार के अंश 1.08 करोड़ रुपये प्राप्त नहीं होने के कारण यह योजना अधूरी रह गई थी। इस केंद्र को पूरा होने के बाद बौद्घ पर्यटकों की इधर रुझान बढ़ेगा।
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- पर्यटन मंत्री एवं प्रमुख सचिव पर्यटन ने वीडियो प्रजेंटेशन में दी सहमति
- 24.90 करोड़ रुपये की योजना से चार एकड़ क्षेत्र में केंद्र बनाने का है प्रोजेक्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तथागत बुद्ध की क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु में प्रस्तावित विपश्यना केंद्र बनने की संभावना बढ़ गई है। 24.90 करोड़ रुपये से इस केंद्र को बनाने का प्रोजेक्ट है। विपश्यना केंद्र का निर्माण होने के बाद कपिलवस्तु में देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी। स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन बुद्धा थीम पार्क के बाद कपिलवस्तु के विकास की दिशा में एक और बड़ी पहल होने की उम्मीद जगी है।
लखनऊ में नौ जून को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से विपश्यना केंद्र के प्रोजेक्ट को देखा और अपनी सहमति प्रदान की, जबकि एनआईसी में सांसद जगदंबिका पाल, डीएम संजीव रंजन, पूर्व डीएम दीपक मीणा, निर्वतमान सीडीओ पुलकित एवं जिला पर्यटन सूचना अधिकारी मोहम्मद मकबूल भी जुड़े थे। पर्यटन विभाग के करीब 45 मिनट के वीडियो प्रोजेंटेशन के बाद प्रोजेक्ट स्वीकृत होने की संभावना बढ़ गई है। जिला पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. मोहम्मद मकबूल ने बताया कि पर्यटन विभाग के मंत्री एवं प्रमुख सचिव ने वीडियो प्रजेंटेशन देखा और सुझाव भी दिए। इस प्रोजेक्ट को जल्द ही स्वीकृत होने की संभावना है।
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लुंबिनी की तर्ज पर होगा कार्य
चार एकड़ क्षेत्र में विपश्यना केंद्र बनाने का प्रोजेक्ट है, जिसमें बौद्ध आचार्य निवास एवं बौद्घ भिक्षुओं का शिक्षा कक्ष होगा। इस केंद्र का 24 घंटे संचालन होगा, जिसमें बच्चों का पार्क, प्राकृतिक वातावरण एवं लुंबिनी की तर्ज पर नहर में नौकायन की सुविधा होगी।
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विदेशी बौद्धिक मठ का प्रस्ताव
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बौद्ध सर्किट से पर्यटकों को लुभाने के लिए कपिलवस्तु में 50 एकड़ और भूमि का अधिग्रहण करने को कहा है। उन्होंने कहा कि 24 बौद्धिष्ठ देशों के मठ बनाने के लिए भूमि की आवश्यकता है, जबकि प्रदेश सरकार ने 33 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की स्वीकृति प्रदान कर दी है, यह प्रक्रियाधीन है।
11 साल बाद पूरा होगा कार्य
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के समीप निर्माणाधीन खुला हुआ बुद्घा थीम पार्क और ध्यान केंद्र है, इसे पूरा करने के लिए शासन ने 11.54 करोड़ रुपये बजट जारी किया है। वर्ष 2011-12 में यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, तत्कालीन राज्य सरकार के अंश 1.08 करोड़ रुपये प्राप्त नहीं होने के कारण यह योजना अधूरी रह गई थी। इस केंद्र को पूरा होने के बाद बौद्घ पर्यटकों की इधर रुझान बढ़ेगा।