{"_id":"60ef13458ebc3ec30a398f21","slug":"vehicles-getting-damaged-on-dilapidated-roads-siddharthnagar-news-gkp4018569191","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर सड़कों पर कंडम हो रहे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर सड़कों पर कंडम हो रहे वाहन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जर्जर सड़कों पर खराब हो रहे वाहन
सर्विसिंग का बढ़ रहा खर्च, वाहन स्वामियों को दिक्कत
गड्ढों में वाहन चलने से यात्रियों को भी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जर्जर सड़कों पर चलने वाहनों खराब हो रहे हैं। साथ ही इस पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी कई प्रकार की समस्याएं आती हैं। वाहन गड्ढे युक्त सड़क पर चलने से पार्ट खराब होने के साथ ही सर्विसिंग बढ़ जा रही है। इससे वाहन स्वामी परेशान हैं।
नगर से अन्य चौराहों को जोड़ने वाली सड़क बदहाल हो गई हैं। नगर मुख्य मार्ग तो खराब है ही साथ ही पिठनी होते हुए महादेव चौराहा और उसका से सोहांस जाने वाली सड़क काफी खराब है। इसके अलावा अन्य सड़कें भी जर्जर हैं। ऐसे में इन पर नियमित चलने वाले वाहनों के पार्ट समय से पहले खराब होते हैं। इसके साथ ही इस पर यात्रा करने वाले यात्रियों को सभी दिक्कत होती है। नियमित चलने वाले बीमारी के शिकार होते हैं। वाहन स्वामी फूलचंद, सलाहुदीन, सद्दाम, रुआब अली, ज्ञामुद्दीन टेंपो, जीप और चलाते हैं। इनका कहना है कि हाईवे को छोड़कर दूसरे मार्ग खराब है। उस पर नियमित चलने से समय से पहले ही वाहन के पार्ट खराब हो रहे हैं, जहां एक साल में चार बार सर्विसिंग कराना होता है। मगर जर्जर सड़क पर चलने से सर्विसिंग पांच से छह बार कराना पड़ रहा है। ऐसे में लगभग आठ हजार रुपये अतिरिक्त खर्च बढ़ जाता है। इससे बहुत समस्या हो रही है। मगर वाहन चालकों पर कौन ध्यान देने वाला है।
जर्जर सड़क पर चलने पर आती है खराबी
चार पहिया वाहन के मिस्त्री अरमान खान ने बताया कि जर्जर सड़क पर वाहन चलता है तो वाहन के पार्ट खराब होते हैं। इसमें वाहन के शॉकर, स्टेयरिंग, टायर जल्द खराब होते हैं। साथ ही अन्य पार्ट ढीले होकर खराब हो जाते हैं। सामान्य सड़क पर चलने में जहां पार्ट दो साल तक चलता है। वहीं खराब सड़कों पर नियमित चलने पर एक साल में ही खराब हो जाते हैं। इससे वाहन समय से पहले कंडम हो जाते हैं।
विज्ञापन
खराब सड़क पर नियमित वाहन चलाने या फिर यात्रा करने पर सबसे कमर में दिक्कत होती है। इसके साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों मेें दर्द होता है। वहीं धूल से आंख में परेशानी होने के साथ ही सांस की भी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।
- डॉ. सुभाष यादव हड्डी रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
सर्विसिंग का बढ़ रहा खर्च, वाहन स्वामियों को दिक्कत
गड्ढों में वाहन चलने से यात्रियों को भी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जर्जर सड़कों पर चलने वाहनों खराब हो रहे हैं। साथ ही इस पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी कई प्रकार की समस्याएं आती हैं। वाहन गड्ढे युक्त सड़क पर चलने से पार्ट खराब होने के साथ ही सर्विसिंग बढ़ जा रही है। इससे वाहन स्वामी परेशान हैं।
नगर से अन्य चौराहों को जोड़ने वाली सड़क बदहाल हो गई हैं। नगर मुख्य मार्ग तो खराब है ही साथ ही पिठनी होते हुए महादेव चौराहा और उसका से सोहांस जाने वाली सड़क काफी खराब है। इसके अलावा अन्य सड़कें भी जर्जर हैं। ऐसे में इन पर नियमित चलने वाले वाहनों के पार्ट समय से पहले खराब होते हैं। इसके साथ ही इस पर यात्रा करने वाले यात्रियों को सभी दिक्कत होती है। नियमित चलने वाले बीमारी के शिकार होते हैं। वाहन स्वामी फूलचंद, सलाहुदीन, सद्दाम, रुआब अली, ज्ञामुद्दीन टेंपो, जीप और चलाते हैं। इनका कहना है कि हाईवे को छोड़कर दूसरे मार्ग खराब है। उस पर नियमित चलने से समय से पहले ही वाहन के पार्ट खराब हो रहे हैं, जहां एक साल में चार बार सर्विसिंग कराना होता है। मगर जर्जर सड़क पर चलने से सर्विसिंग पांच से छह बार कराना पड़ रहा है। ऐसे में लगभग आठ हजार रुपये अतिरिक्त खर्च बढ़ जाता है। इससे बहुत समस्या हो रही है। मगर वाहन चालकों पर कौन ध्यान देने वाला है।
विज्ञापन
जर्जर सड़क पर चलने पर आती है खराबी
चार पहिया वाहन के मिस्त्री अरमान खान ने बताया कि जर्जर सड़क पर वाहन चलता है तो वाहन के पार्ट खराब होते हैं। इसमें वाहन के शॉकर, स्टेयरिंग, टायर जल्द खराब होते हैं। साथ ही अन्य पार्ट ढीले होकर खराब हो जाते हैं। सामान्य सड़क पर चलने में जहां पार्ट दो साल तक चलता है। वहीं खराब सड़कों पर नियमित चलने पर एक साल में ही खराब हो जाते हैं। इससे वाहन समय से पहले कंडम हो जाते हैं।
विज्ञापन
खराब सड़क पर नियमित वाहन चलाने या फिर यात्रा करने पर सबसे कमर में दिक्कत होती है। इसके साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों मेें दर्द होता है। वहीं धूल से आंख में परेशानी होने के साथ ही सांस की भी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।
- डॉ. सुभाष यादव हड्डी रोग विशेषज्ञ