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Siddharthnagar News: दो हजार उपभोक्ता लापता, लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया
Fri, 29 Nov 2024 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:13 AM IST
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जिला विद्युत वितरण निगम कायार्लय।
सिद्धार्थनगर। जिले में 2000 से अधिक बिजली उपभोक्ता लापता हो गए हैं। 32 हजार बंद मीटर के सर्वे में नाम और पता के आधार पर तलाशने में उपभोक्ता नहीं मिल रहे हैं। इस आंकड़े से बिजली निगम के अधिकारी भी परेशान हैं। इन उपभोक्ताओं पर लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया है। माना जा रहा है कि पहले निगम के कार्यालयों में हुए गड़बड़झाला के कारण ऐसी स्थिति सामने आ रही है।
शहर एवं देहात क्षेत्र में बंद मीटरों के स्थान पर नए मीटर लगाने के लिए सर्वे कार्य किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं की शिकायत के अनुसार मीटर बदले जा सके। मीटर सर्वे में जेई और जेएमटी मौके पर पहुंच रहे हैं तो पूछताछ में उस नाम के लोग नहीं हैं, जिनके नाम से मीटर चल रहा है और अब लाखों रुपये के बिल का भुगतान भी नहीं हुआ है।
इस मामले में बिजली निगम के मीटर सेक्शन से लापता उपभोक्ताओं की रिपोर्ट वितरण खंड के अधिकारियों को भेजी है और दूसरी बार उनकी तलाश की जा रही है। अब जो उपभोक्ता नहीं मिलेंगे, उनके कनेक्शन को समाप्त करके रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा।
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शहर एवं बांसी कस्बे में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। बिजली निगम में पांच हजार मीटर उपलब्ध हैं, जिसे बदलने का कार्य शुरू हो गया है।
दोनों नगर पालिका परिषद में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद खोले गए सामान्य मीटर की मरम्मत कराकर उपभोक्ताओं के घरों में लगाने की योजना है, क्योंकि मीटर बंद होने के कारण उन उपभोक्ताओं का नुकसान हो रहा है, जिनकी खपत पहले की अपेक्षा कम हो गई है।
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शहर एवं देहात क्षेत्र में बंद मीटरों के स्थान पर नए मीटर लगाने के लिए सर्वे कार्य किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं की शिकायत के अनुसार मीटर बदले जा सके। मीटर सर्वे में जेई और जेएमटी मौके पर पहुंच रहे हैं तो पूछताछ में उस नाम के लोग नहीं हैं, जिनके नाम से मीटर चल रहा है और अब लाखों रुपये के बिल का भुगतान भी नहीं हुआ है।
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इस मामले में बिजली निगम के मीटर सेक्शन से लापता उपभोक्ताओं की रिपोर्ट वितरण खंड के अधिकारियों को भेजी है और दूसरी बार उनकी तलाश की जा रही है। अब जो उपभोक्ता नहीं मिलेंगे, उनके कनेक्शन को समाप्त करके रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा।
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शहर एवं बांसी कस्बे में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। बिजली निगम में पांच हजार मीटर उपलब्ध हैं, जिसे बदलने का कार्य शुरू हो गया है।
दोनों नगर पालिका परिषद में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद खोले गए सामान्य मीटर की मरम्मत कराकर उपभोक्ताओं के घरों में लगाने की योजना है, क्योंकि मीटर बंद होने के कारण उन उपभोक्ताओं का नुकसान हो रहा है, जिनकी खपत पहले की अपेक्षा कम हो गई है।