{"_id":"69cc1f3b0a236de46a0c8c0b","slug":"two-cameras-of-one-stop-centre-are-out-of-order-civil-judge-expresses-displeasure-siddharthnagar-news-c-208-1-sgkp1012-178337-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: वन स्टॉप सेंटर के दो कैमरे खराब, सिविल जज ने जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: वन स्टॉप सेंटर के दो कैमरे खराब, सिविल जज ने जताई नाराजगी
विज्ञापन
देवरिया। वन स्टॉप सेंटर का सिविल जज सीनियर डिवीजन शैलजा मिश्रा ने निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में खामियां पाई गईं। फ्रंट और साइड कैमरे काम नहीं कर रहे थे। सचिव ने नाराजगी जताते हुए केंद्र प्रबंधक को संबंधित कमियों को शीघ्र दूर कराने को कहा। उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की सुरक्षा में लापरवाही क्षम्य नहीं है।
जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धनेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (एसडी) शैलजा मिश्रा ने वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सचिव ने कहा कि पीड़िताओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। समाज को भी इस विषय में जागरूक और संवेदनशील रहने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र पर मौजूद पीड़िताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें उनके अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी।
विज्ञापन
साथ ही उन्होंने केंद्र प्रबंधक नीतू भारती को निर्देशित किया कि जिन महिलाओं को विधिक सहायता की जरूरत है, उनके मामलों को चिन्हित कर अधिक से अधिक संख्या में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को संदर्भित किया जाए, ताकि उन्हें समय पर न्यायिक सहायता मिल सके।
विज्ञापन
जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धनेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (एसडी) शैलजा मिश्रा ने वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विज्ञापन
सचिव ने कहा कि पीड़िताओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। समाज को भी इस विषय में जागरूक और संवेदनशील रहने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र पर मौजूद पीड़िताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें उनके अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी।
विज्ञापन
साथ ही उन्होंने केंद्र प्रबंधक नीतू भारती को निर्देशित किया कि जिन महिलाओं को विधिक सहायता की जरूरत है, उनके मामलों को चिन्हित कर अधिक से अधिक संख्या में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को संदर्भित किया जाए, ताकि उन्हें समय पर न्यायिक सहायता मिल सके।