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कपिलवस्तु में 33 एकड़ जमीन क्रय में फंसा तिहरा पेंच

Mon, 31 Oct 2022 10:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Oct 2022 10:36 PM IST
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Triple screw stuck in purchasing 33 acres of land in Kapilvastu
कपिलवस्तु में 33 एकड़ जमीन क्रय में फंसा तिहरा पेंच
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सिद्धार्थनगर। तथागत बुद्ध की क्रीड़ा स्थली कपिलवस्तु में विकास के लिए शुरू की गई 33 एकड़ जमीन क्रय की प्रक्रिया पर ग्रहण लगता दिख रहा है। पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के इस परियोजना में अब तीन तरह का पेंच फंस गया है। जमीन क्रय करने में पर्यटन विभाग के सामने दो तरह की अड़चन आ गई है। चार माह तक मुआवजा न मिलने पर किसान भी जमीन क्रय संबंधी सहमति पत्र की शर्तों को मानने से मना कर रहे हैं।
कपिलवस्तु स्तूप के पास पर्यटन सुविधाओं के पर्याप्त विकास के लिए पिपरहवा में 33 एकड़ जमीन क्रय करने की अनुमति प्राप्त हुई है। पर्यटन विभाग की ओर से 26 गाटा जमीन चिह्नित की गई थी, जिनमें से 85 किसानों को मुआवजा प्राप्त होना है। प्रशासन और किसानों के बीच 22 जून 2022 को वर्ष 2017 के सर्किल रेट के अनुसार, चार गुने दर पर जमीन क्रय करने के बीच सहमति बनी थी। 53 करोड़, 20 लाख , 46 हजार रुपये में जमीन क्रय करनी थी, जिसके लिए दो बार में पांच करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं। किसानों को जमीन की कीमत देकर रजिस्ट्री कराने की तैयारी थी, लेकिन अब पेंच फंस गया है। उधर, किसान भी परेशान हैं।
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दूसरी जगह भी कर रहे हैं जमीन की तलाश
जिला पर्यटन सूचना अधिकारी प्रिया सिंह ने बताया कि कपिलवस्तु में 33 एकड़ जमीन क्रय करने के लिए शासन से पंजीयन एवं लिपिकीय शुल्क के भुगतान की मांग की गई है। जमीन की कीमत में ये शुल्क नहीं दर्शाए गए हैं, जबकि महानिदेशक पर्यटन के निर्देश के अनुसार, कलिपवस्तु में जिस जमीन को पर्यटन विकास के लिए चिह्नित की गई है, उसके अलावा आसपास के अन्य स्थानों पर जमीन की तलाश की जा रही है। इस मामले में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी की ओर से रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उधर, किसान भी मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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भुगतान नहीं मिला और हो गया नुकसान
पिपरवा के किसान महबुल्लाह का कहना है कि जमीन क्रय संबंधी सहमति पत्र के चार माह बाद भी मुआवजा नहीं मिला। इस कारण किसानों का नुकसान हुआ। जिन किसानों ने मुआवजा राशि की प्रत्याशा में कहीं और जमीन खरीदने के लिए अग्रिम भुगतान कर दिया है, वे जमीन नहीं क्रय कर पाए। इससे नुकसान हुआ है। किसानों को वर्ष 2022 के सर्किल रेट पर भुगतान मिले तो न्याय होगा। बिहरा के बशीर अहमद ने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से किसानों को समय पर मुआवजा नहीं दिया गया। उसके बाद सर्किल रेट बढ़ गया है। अब प्रशासन को नए सर्किल रेट के अनुसार जमीन क्रय करनी चाहिए। अब्दुल रसीद, मैनुद्दीन, मुस्तफा एवं सिकंदर का कहना है कि मुआवजा की प्रत्याशा में उन्होंने खेत में फसल नहीं बोई, क्योंकि अधिकारियों ने कहा था कि एक सप्ताह बाद मुआवजा का भुगतान हो जाएगा।

कपिलवस्तु में जमीन क्रय करने के लिए पर्यटन विभाग ने शासन से पंजीयन एवं लिपिकीय शुल्क की मांग की है। पंजीयन शुल्क प्राप्त होने के बाद जमीन क्रय की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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