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Siddharthnagar News: मरीजों के उपचार के लिए मॉक डि्रल में दिया प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में जूनियर डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर व पीडियाट्रिक सीपीआर को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें इमरजेंसी में आने वाले नवजात को तत्काल उपचार के बारे में जानकारी दी गई। इसमें मॉक डि्रल की सहायता से जीवन रक्षा के बारे में समझाया गया।
सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं को सीपीआर की ट्रेनिंग दी गई। यह अत्यंत आवश्यक और जीवनरक्षक कौशल है, जो मेडिकल छात्रों को इमरजेंसी की स्थिति में नवजात शिशु और व्यस्क की जान बचाने में सक्षम बनाता है।
इसमें सभी को बेहतर तरीके से प्रशिक्षण दिया गया। बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता भारती ने बताया कि हृदय और श्वसन तंत्र की भूमिका अहम होती है। हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर में सीपीआर के माध्यम से समझा जा सकता है। उन्होंने छाती पर दबाव देने के तरीके बताए। मुंह से सांस देने का तरीका बताया।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में जूनियर डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर व पीडियाट्रिक सीपीआर को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें इमरजेंसी में आने वाले नवजात को तत्काल उपचार के बारे में जानकारी दी गई। इसमें मॉक डि्रल की सहायता से जीवन रक्षा के बारे में समझाया गया।
सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं को सीपीआर की ट्रेनिंग दी गई। यह अत्यंत आवश्यक और जीवनरक्षक कौशल है, जो मेडिकल छात्रों को इमरजेंसी की स्थिति में नवजात शिशु और व्यस्क की जान बचाने में सक्षम बनाता है।
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इसमें सभी को बेहतर तरीके से प्रशिक्षण दिया गया। बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता भारती ने बताया कि हृदय और श्वसन तंत्र की भूमिका अहम होती है। हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर में सीपीआर के माध्यम से समझा जा सकता है। उन्होंने छाती पर दबाव देने के तरीके बताए। मुंह से सांस देने का तरीका बताया।
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