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शौचालय हैं न मेज-कुर्सी, फिर भी बने केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 14 Jan 2017 11:20 PM IST
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जर्जर हाल में सिंहेश्वरी इंटर काॅलेज का भवन।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में केंद्रों का निर्धारण हो चुका है, मगर अधिकांश विद्यालयों में मुक्कमल सुविधा नहीं हैं। किसी केंद्र पर बाउंड्री नहीं है तो कहीं शौचालय व हैंडपंप की दरकार है। जिम्मेदार इससे बेखबर बने हैं। इन अव्यवस्थाओं से बोर्ड परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को दुश्वारियों से गुजरना पड़ेगा। इंटर व हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा को लेकर जिले में 94 केंद्रों का निर्धारण किया गया है। इसमें कई ऐसे विद्यालय हैं, जो मानक विहीन हैं। इस संबंध में डीआईओएस सोमारु प्रधान ने कहा कि परीक्षा केंद्र निर्धारण में किसी प्रकारी की गड़बड़ी नहीं है। जिन विद्यालयों में छोटी-मोटी समस्या होगी उसे दूर कर लिया जाएगा। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज तेतरी बाजार में भवन की स्थिति दयनीय हैं कई कमरे जर्जर हो चुके हैं। अधिकांश कमरों में प्रवेश बंद कर दिया गया है। हैंडपंप चार हैं मगर दो खराब ही रहता हैं।
कुछ ऐसी ही समस्या सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज की है। यहां भी भवन जर्जर है। खतरे के भय से अधिकांश कमरों में प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। यहां तीन हैंडपंप लगे हैं, लेकिन एक ही चल रहा है। शौचालय तो है ही नहीं। परीक्षा के वक्त पॉलीथीन से घेरा कर बाथरूम करने की व्यवस्था होती है। ऐसी ही स्थिति बृजश्वरी इंटर कॉलेज घरुआर की है। यहां बाउंड्री नहीं है। जनता इंटर कॉलेज बनीयाडी में शौचालय खराब है। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शिवाजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालस मुडली पननी में हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है। यह तो महज बानगी है अधिकांश ऐसे विद्यालय सेंटर बना दिए गए हैं, जहां न तो जाने की व्यवस्था और न ही बच्चों के बैठने की। मगर जिम्मेदारों की क्या उन्हें थोड़ी न इन परेशानियों से गुजरना है। परेशानी तो बच्चों को झेलनी है।
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कुछ ऐसी ही समस्या सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज की है। यहां भी भवन जर्जर है। खतरे के भय से अधिकांश कमरों में प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। यहां तीन हैंडपंप लगे हैं, लेकिन एक ही चल रहा है। शौचालय तो है ही नहीं। परीक्षा के वक्त पॉलीथीन से घेरा कर बाथरूम करने की व्यवस्था होती है। ऐसी ही स्थिति बृजश्वरी इंटर कॉलेज घरुआर की है। यहां बाउंड्री नहीं है। जनता इंटर कॉलेज बनीयाडी में शौचालय खराब है। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शिवाजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालस मुडली पननी में हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है। यह तो महज बानगी है अधिकांश ऐसे विद्यालय सेंटर बना दिए गए हैं, जहां न तो जाने की व्यवस्था और न ही बच्चों के बैठने की। मगर जिम्मेदारों की क्या उन्हें थोड़ी न इन परेशानियों से गुजरना है। परेशानी तो बच्चों को झेलनी है।
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