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Siddharthnagar News: लावारिस मान अंतिम संस्कार मामले में दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

Fri, 24 Jul 2026 11:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 24 Jul 2026 11:10 PM IST
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Three police personnel, including a Sub-Inspector, suspended in the case involving the cremation of an unclaimed body.
सिद्धार्थनगर। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद परिजन को सूचना और उसकी पहचान सुनिश्चित किए बिना शव का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार कराए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर सीसी टीम प्रभारी उपनिरीक्षक आजम खान, हेड कांस्टेबल जितेंद्र गौतम और हेड कांस्टेबल सुशील राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
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परिजनों के अनुसार रामनरेश गुप्ता तीन जुलाई को बाइक से घर से निकले थे। देर शाम तक नहीं लौटने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की और चार जुलाई को शिवनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। आरोप है कि उसी दिन करही चौराहे पर रामनरेश सड़क हादसे में घायल हो गए। उन्हें सीएचसी तिलौली भर्ती कराया गया, जहां से जिला अस्पताल भेजा गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पांच जुलाई को पोस्टमार्टम कराया गया और छह जुलाई को शव का लावारिस बताकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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परिजन का आरोप है कि दुर्घटना के बाद रामनरेश की बाइक पुलिस के कब्जे में थी लेकिन वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर मालिक की पहचान करने का प्रयास नहीं किया गया। इतना ही नहीं बाइक को थाने में जमा करने के बजाय एक व्यक्ति के घर पर खड़ा करा दिया गया। यदि नियमानुसार कार्रवाई की जाती तो मृतक की पहचान समय रहते हो सकती थी और परिवार अंतिम दर्शन कर पाता।
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23 जुलाई को पुलिस ने परिजनों को थाने बुलाकर बताया कि सड़क हादसे में मृत व्यक्ति रामनरेश ही थे और उनका अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है। यह जानकारी मिलते ही परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने बस्ती-बांसी मार्ग (एनएच-28) पर जाम लगाकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में प्रशासन के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ था।

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सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने और परिजनों को समय से सूचना देने में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। उपनिरीक्षक व दो मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- अभिषेक महाजन, पुलिस अधीक्षक, सिद्धार्थनगर
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