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Siddharthnagar News: 103 के बजाए हो गए 65 क्रय केंद्र, किसानों का लगाना होगा चक्कर
Tue, 24 Sep 2024 04:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 24 Sep 2024 04:23 AM IST
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- एक नवंबर से होने वाली धान खरीद के लिए क्रय केंद्र निर्धारित
-धान खरीद के मामले में करोड़ाें के घपले को बताया जा रहा है क्रय केंद्रों के कम होने का कारण
- 38 क्रय केंद्र कम होने से किसानों के समक्ष खड़ा होना धान बेचने में संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में एक नवंबर से होने वाली धान खरीद के लिए क्रय केंद्र चयनित कर लिया गया है। लेकिन इस बार किसानों को धान बेचने के लिए दौड़भाग करनी होगी। क्योंकि जिले में एकाएक 38 क्रय केंद्र कम कर दिए गए हैं। ऐसे में दूर केंद्र होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। धान खरीद मेंं करोड़ों का घोटाला उजागर होने के बाद क्रय केंद्रों में इतने बड़े पैमाने पर कमी गई है। ऐसा विभागीय लोगों में चर्चा है। क्योंकि इस मामले में केस दर्ज हुआ और छानबीन जारी है। दोबारा गड़बड़ी न हो इसलिए कटौती की गई है। ऐसा बताया जा रहा है।
किसानों को उनके उपज का वाजिब मूल्य मिल सके और वह आसानी से उपज को बेंच सके। इसके लिए सरकार क्रय केंद्रों को बेहतर बनाने के साथ ही तकनीकी सेवाओं से लैस कर रही है, जिससे खाद्यान्न माफियाओं का राज खत्म हो और किसानों को सीधे लाभ मिल सके। इसके बाद भी खरीद में गड़बड़ी के मामले में थम नहीं है। जिले में धान खरीद में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ था। केस दर्ज होने के साथ ही मामले की जांच चल रही है। इस घोटाले की आंच इस पर धान खरीद पर दिखाई दे रहा है। एक नवंबर से होने वाले धान खरीद को लेकर क्रय केंद्र चयनित कर लिया गया है। इसके लिए इसबार पिछले वर्ष की तुलना में 103 के बजाए 65 क्रय केंद्र बनाएं गए। इसमें खाद्य विभाग के 28,पीसीएफ के 25 और यूपीपीसीयू के 10 और भारतीय खाद्य निगम के दो बने हैं। इसमें डीएसीएफ केंद्र नहीं बने हैं। एकाएक 38 क्रय केंद्र कम कर दिया गया है। इसका असर किसानों पर पड़ेगा। क्योंकि क्रय केंद्र दूर हो जाएंगे तो उन्हें भागदौड़ करना पड़ेगा, इसके बाद ही खरीद हो पाएगा। ऐसे में ढुलाई के साथ समय भी अधिक लगेगा। विभाग से जुड़े लोग दबी जुबान से यह कह रहे हैं कि धान खरीद में घपले का मामला सामने आने के बाद यह किया गया है। जिसका असर पर किसानों पर पड़ेगा। न की घपला करने वालों पर। हालांकि केंद्र बनने के बाद खरीद से जुड़ी विभागीय तैयारी शुरू हो गई।
धान खरीद पर शासन की रहेगी नजर
धान खरीद में घपला पकड़े जाने के बाद इस बार क्रय केंद्रों पर सीधे तौर पर शासन की नजर रहेगी। हर दिन हाेने वाली खरीद के साथ ही किसानों के बारे में जानकारी ली जाएगी। हर दिन शाम को रिपोर्ट देना होगा। इसके बार विभाग की ओर से रैंडम जांच भी किए जाने की योजना है। अगर ऐसा हुआ तो गड़बड़ी करने वाले पकड़ में आ जाएंगे।
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धान बेचने के लिए पंजीकरण अनिवार्य
सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण करना होगा। बिना पंजीकरण के धान की बिक्री नहीं कर सकते हैं। पंजीकरण शुरू है। किसान विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें रकबे से जुड़ी खतौनी, बैंक खाता नंबर और आधार कार्ड ले जाना होगा। पंजीकरण होने के बाद वह अपनी उपज को आसानी से बेच सकेंगे।
धान खरीद केंद्र बन गए हैं। खरीद से संबंधित कागजी तैयारी चल रही है। समय रहते क्रय केंद्र सक्रिय कर दिए जाएंगे। शासन के निर्देशानुसार खरीद शुरू कराएगा।
-गोरख नाथ जिला विपणन अधिकारी
धान क्रय केंद्र में इतनी बड़ी संख्या में कमी किया जाना गलत है। इससे किसानों को बहुत परेशानी होगी। उन्हें दूर तक लेकर जाना पड़ेगा। अभी समय है किसानों के हित में क्रय केंद्र जल्द बढ़ाया जाना जरूरी है।
-कपिलदेव राय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाकियू अंबावता
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श्याम सुंदर तिवारी
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-धान खरीद के मामले में करोड़ाें के घपले को बताया जा रहा है क्रय केंद्रों के कम होने का कारण
- 38 क्रय केंद्र कम होने से किसानों के समक्ष खड़ा होना धान बेचने में संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में एक नवंबर से होने वाली धान खरीद के लिए क्रय केंद्र चयनित कर लिया गया है। लेकिन इस बार किसानों को धान बेचने के लिए दौड़भाग करनी होगी। क्योंकि जिले में एकाएक 38 क्रय केंद्र कम कर दिए गए हैं। ऐसे में दूर केंद्र होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। धान खरीद मेंं करोड़ों का घोटाला उजागर होने के बाद क्रय केंद्रों में इतने बड़े पैमाने पर कमी गई है। ऐसा विभागीय लोगों में चर्चा है। क्योंकि इस मामले में केस दर्ज हुआ और छानबीन जारी है। दोबारा गड़बड़ी न हो इसलिए कटौती की गई है। ऐसा बताया जा रहा है।
किसानों को उनके उपज का वाजिब मूल्य मिल सके और वह आसानी से उपज को बेंच सके। इसके लिए सरकार क्रय केंद्रों को बेहतर बनाने के साथ ही तकनीकी सेवाओं से लैस कर रही है, जिससे खाद्यान्न माफियाओं का राज खत्म हो और किसानों को सीधे लाभ मिल सके। इसके बाद भी खरीद में गड़बड़ी के मामले में थम नहीं है। जिले में धान खरीद में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ था। केस दर्ज होने के साथ ही मामले की जांच चल रही है। इस घोटाले की आंच इस पर धान खरीद पर दिखाई दे रहा है। एक नवंबर से होने वाले धान खरीद को लेकर क्रय केंद्र चयनित कर लिया गया है। इसके लिए इसबार पिछले वर्ष की तुलना में 103 के बजाए 65 क्रय केंद्र बनाएं गए। इसमें खाद्य विभाग के 28,पीसीएफ के 25 और यूपीपीसीयू के 10 और भारतीय खाद्य निगम के दो बने हैं। इसमें डीएसीएफ केंद्र नहीं बने हैं। एकाएक 38 क्रय केंद्र कम कर दिया गया है। इसका असर किसानों पर पड़ेगा। क्योंकि क्रय केंद्र दूर हो जाएंगे तो उन्हें भागदौड़ करना पड़ेगा, इसके बाद ही खरीद हो पाएगा। ऐसे में ढुलाई के साथ समय भी अधिक लगेगा। विभाग से जुड़े लोग दबी जुबान से यह कह रहे हैं कि धान खरीद में घपले का मामला सामने आने के बाद यह किया गया है। जिसका असर पर किसानों पर पड़ेगा। न की घपला करने वालों पर। हालांकि केंद्र बनने के बाद खरीद से जुड़ी विभागीय तैयारी शुरू हो गई।
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धान खरीद पर शासन की रहेगी नजर
धान खरीद में घपला पकड़े जाने के बाद इस बार क्रय केंद्रों पर सीधे तौर पर शासन की नजर रहेगी। हर दिन हाेने वाली खरीद के साथ ही किसानों के बारे में जानकारी ली जाएगी। हर दिन शाम को रिपोर्ट देना होगा। इसके बार विभाग की ओर से रैंडम जांच भी किए जाने की योजना है। अगर ऐसा हुआ तो गड़बड़ी करने वाले पकड़ में आ जाएंगे।
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धान बेचने के लिए पंजीकरण अनिवार्य
सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण करना होगा। बिना पंजीकरण के धान की बिक्री नहीं कर सकते हैं। पंजीकरण शुरू है। किसान विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें रकबे से जुड़ी खतौनी, बैंक खाता नंबर और आधार कार्ड ले जाना होगा। पंजीकरण होने के बाद वह अपनी उपज को आसानी से बेच सकेंगे।
धान खरीद केंद्र बन गए हैं। खरीद से संबंधित कागजी तैयारी चल रही है। समय रहते क्रय केंद्र सक्रिय कर दिए जाएंगे। शासन के निर्देशानुसार खरीद शुरू कराएगा।
-गोरख नाथ जिला विपणन अधिकारी
धान क्रय केंद्र में इतनी बड़ी संख्या में कमी किया जाना गलत है। इससे किसानों को बहुत परेशानी होगी। उन्हें दूर तक लेकर जाना पड़ेगा। अभी समय है किसानों के हित में क्रय केंद्र जल्द बढ़ाया जाना जरूरी है।
-कपिलदेव राय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाकियू अंबावता
श्याम सुंदर तिवारी