{"_id":"6a68fc3d381026058603555c","slug":"there-is-no-shortage-of-fertilizer-in-the-committee-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1035-161962-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: समिति में खाद की कमी नहीं, फिर भी किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: समिति में खाद की कमी नहीं, फिर भी किसान परेशान
Wed, 29 Jul 2026 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
भनवापुर। इटवा तहसील क्षेत्र की साधन सहकारी समिति बिजौरा में उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद किसानों को समय से खाद नहीं मिल रही है। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान यूरिया और डीएपी लेने समिति पहुंचे लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिली। दोपहर में सचिव बैठक का हवाला देकर समिति बंद करके चले गए, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ गई।
किसानों का कहना है कि धान की फसल में इस समय खाद डालना जरूरी है। समय पर उर्वरक न मिलने से फसल प्रभावित होगी। किसानों ने आरोप लगाया कि सचिव ने पासबुक लेकर नाम तो दर्ज कर लिया, लेकिन किसी को खाद का वितरण नहीं किया ।
ग्रामीणों का कहना है कि एक सचिव को एक से अधिक समितियों का प्रभार दिए जाने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सचिव को खाद वितरण के साथ बैठकों और अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी जाना पड़ता है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
साधन सहकारी समिति बिजौरा के सचिव पशुपति गुप्ता ने बताया कि समिति पर 450 बोरी यूरिया और 200 बोरी डीएपी उपलब्ध है। सभी किसानों के नाम सदस्य पासबुक के आधार पर दर्ज कर लिए गए हैं और क्रमवार उर्वरक वितरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्हें विभागीय बैठक में जिला मुख्यालय जाना था, इसलिए वितरण कार्य पूरा नहीं हो सका।
-- -- -- -- -- -- -- -
किसानों की पीड़ा
विनय चौरसिया ने बताया कि उन्होंने 15 बीघा में धान की खेती की है। दो सप्ताह से समिति का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक खाद नहीं मिल सकी।
विजयपाल तिवारी ने कहा कि 14 बीघा धान की फसल के लिए खाद की जरूरत है। अंगूठा लगाने के बाद भी कई दिनों से केवल तारीख पर तारीख मिल रही है।
नंदनी ने बताया कि घर के पुरुष सदस्य बाहर हैं। 15 दिनों से समिति आ रही है, लेकिन भीड़ और अव्यवस्था के कारण खाद नहीं मिल पा रही है। महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था भी नहीं है।
सूर्यसनी देवी ने कहा कि समिति उनके गांव में ही है, फिर भी नौ दिनों से लगातार चक्कर लगाने के बाद भी उर्वरक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि जल्द खाद नहीं मिली तो धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल में इस समय खाद डालना जरूरी है। समय पर उर्वरक न मिलने से फसल प्रभावित होगी। किसानों ने आरोप लगाया कि सचिव ने पासबुक लेकर नाम तो दर्ज कर लिया, लेकिन किसी को खाद का वितरण नहीं किया ।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि एक सचिव को एक से अधिक समितियों का प्रभार दिए जाने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सचिव को खाद वितरण के साथ बैठकों और अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी जाना पड़ता है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
साधन सहकारी समिति बिजौरा के सचिव पशुपति गुप्ता ने बताया कि समिति पर 450 बोरी यूरिया और 200 बोरी डीएपी उपलब्ध है। सभी किसानों के नाम सदस्य पासबुक के आधार पर दर्ज कर लिए गए हैं और क्रमवार उर्वरक वितरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उन्हें विभागीय बैठक में जिला मुख्यालय जाना था, इसलिए वितरण कार्य पूरा नहीं हो सका।
किसानों की पीड़ा
विनय चौरसिया ने बताया कि उन्होंने 15 बीघा में धान की खेती की है। दो सप्ताह से समिति का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक खाद नहीं मिल सकी।
विजयपाल तिवारी ने कहा कि 14 बीघा धान की फसल के लिए खाद की जरूरत है। अंगूठा लगाने के बाद भी कई दिनों से केवल तारीख पर तारीख मिल रही है।
नंदनी ने बताया कि घर के पुरुष सदस्य बाहर हैं। 15 दिनों से समिति आ रही है, लेकिन भीड़ और अव्यवस्था के कारण खाद नहीं मिल पा रही है। महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था भी नहीं है।
सूर्यसनी देवी ने कहा कि समिति उनके गांव में ही है, फिर भी नौ दिनों से लगातार चक्कर लगाने के बाद भी उर्वरक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि जल्द खाद नहीं मिली तो धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है।