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Siddharthnagar News: बच्चों के डॉक्टर नहीं... बीमार होने पर लगाते हैं 50 किमी का चक्कर

Fri, 15 Mar 2024 10:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 15 Mar 2024 10:43 PM IST
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There is no doctor for the children... they travel 50 kms when they fall ill.
शोहरतगढ़। नेपाल बाॅर्डर पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हो गया है। लेकिन यहां पर बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। बच्चों के बीमार होने के बाद लोगों को मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। वहीं, निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए अधिक रुपये खर्च करना पड़ता है। चिकित्सक की तैनात के लिए लोग कई बार मांग भी कर चुके हैं। लेकिन अभी तक किसी की तैनाती नहीं हुई है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेपाल सीमा से सटे बढ़नी बाॅर्डर पर स्थित है। अब यह अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदल गया है। लेकिन यहां पर सुविधाओं की कमी के साथ ही डॉक्टरों की कमी लोगों को खल रही है। सीमावर्ती गांव के साथ ही नेपाल के लोग भी इलाज कराने के लिए यहां आते हैं। सीएचसी होने के बाद भी बालरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है। जिससे यहां के लोगों को अपने बच्चों के उपचार के लिए 50 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर मुख्यालय पर स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज आना पड़ता है।
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क्षेत्र अजय, राधेश्याम यादव, बाबूलाल, रामसागर, मयंक, आयुष, गुलाब, साधू और जगदीश ने कहा कि कई बार स्वास्थ्य केंद्र पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती की मांग की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। इससे बच्चों के बीमार होने पर जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता है।
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प्रतिदिन 200 से अधिक ओपीडी

बढ़नी पीएचसी पर प्रतिदिन लगभग 200 मरीज इलाज के पहुंचते हैं। इनमें सबसे अधिक लोग अपने बच्चे को लेकर इलाज के लिए आते हैं। लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ न होने से वहां के लोगों को अपने बच्चों के लिए उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मुख्यालय अधिक दूरी होने कारण लोग निजी अस्पताल में उपचार कराने को मजबूर हैं। इससे उनपर धन का अधिक बोझ पड़ता है।

बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में बच्चे का इलाज समुचित नहीं हो पा रहा है। बच्चे को बढ़नी पीएचसी पर इलाज के लिए लेकर आया था। कुछ जांच के लिए मुख्यालय के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज जाना पड़ेगा। इससे जेब पर अधिक बोझ पड़ेगा।

-कमलेश शुक्ल, निवासी बढ़नी

अपने बच्चे को बढ़नी पीएचसी लेकर आई। यहां के चिकित्सक बच्चे की जांच कर बताए कि बच्चे को लेकर मुख्यालय जाओ। वहां मेडिकल में बच्चे वाले चिकित्सक को दिखाओ। पैसा भी बहुत नहीं है। मुख्यालय आने जाने में दिक्कत बहुत होगी।


-सुशीला यादव, निवासी, बढ़नी

बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। चिकित्सकों की कमी की वजह से तैनाती नहीं हो पाई। जल्द ही कुछ डॉक्टर मिलने की उम्मीद हैं।

-डॉ. अभिनाश चौधरी, एमओवाईसी बढ़नी
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